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मिली गड़बड़ी तो होगी कार्रवाई
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चित्रकूट। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने मंगलवार को गेहूं क्रय केंद्र पहाड़ी किसान सेवा सहकारी समिति उत्तरी एवं दक्षिणी तथा साधन सहकारी समिति सरधुवा का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद किसानों से उन्होंने समस्याओं के बारे में जानकारी की। इस मौके पर उन्होंने चेताया कि यदि खरीद पर किसी भी प्रकार की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई होगी।
उन्होंने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए किसानों को सभी संबंधित आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद करें। दक्षिणी केंद्र प्रभारी ने बताया कि 28 किसानों ने कुल 19,650 क्विंटल बेचा है। बाद में उत्तरी खरीद केंद्र डीएम पहुंचे। केंद्र प्रभारी उत्तरी ने बताया कि 205 किसानों ने पंजीकरण कराया है। 33 किसानों में 31 का पीएफएम के माध्यम से भुगतान भी किया जा चुका है। 150,35 क्विंटल की खरीद हुई है। इसी प्रकार साधन सहकारी समिति सरधुआ के केंद्र प्रभारी ने बताया कि 94 किसानों ने पंजीकरण कराया और 16 ने गेहूं बेचा है। 712 क्विंटल खरीद हुई है।
डीएम ने निर्देश दिए कि केंद्रों पर किसानों के बैठने के स्थान, पीने का पानी समुचित व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान केंद्रों में बोरा, छन्ना, तौल मशीन, पेयजल आदि व्यवस्थाओं की भी जानकारी की। उन्होंने कहा कि गांव में ग्राम प्रधानों के माध्यम से संपर्क करके किसानों के मध्य प्रचार प्रसार कराया जाए कि सभी किसान अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर लाएं और सरकारी लाभ उठाएं। इस दौरान प्रशिक्षु आईएएस जयदेव सिंह, सहायक निबंधक सहकारी समितियां नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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उधर, जनपद के अधिकारियों ने भी गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जिले में संचालित 37 गेहूं क्रय केंद्रों में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह ने छह, उपजिलाधिकारी कर्वी राम प्रकाश ने पांच, उप जिलाधिकारी राजापुर व तहसीलदार राजापुर ने सात, उप जिलाधिकारी मानिकपुर, तहसीलदार मानिकपुर ने आठ क्रय केंद्र, तहसीलदार मऊ ने पांच क्रय केंद्र, राजस्व निरीक्षक ने तीन क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान गेहूं उठान की समस्या पाई गई। फिलहाल जनपद बांदा के अधिकारियों से वार्ता कर निस्तारण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर बोरा, धनराशि की उपलब्धता, पेयजल आदि सभी व्यवस्थाएं मिलीं। जनपद में समय से किसानों को पीएफएम के माध्यम से गेहूं क्रय का भुगतान भी कराया जा रहा है। उन्होंने किसानो से भी कहा है कि गेहूं क्रय केंद्रों में मजदूरों की समस्याओं का निदान कराएं।
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उन्होंने केंद्र प्रभारियों को निर्देश दिए किसानों को सभी संबंधित आवश्यक सुविधाएं मुहैया कराई जाएं। न्यूनतम समर्थन मूल्य 1975 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं की खरीद करें। दक्षिणी केंद्र प्रभारी ने बताया कि 28 किसानों ने कुल 19,650 क्विंटल बेचा है। बाद में उत्तरी खरीद केंद्र डीएम पहुंचे। केंद्र प्रभारी उत्तरी ने बताया कि 205 किसानों ने पंजीकरण कराया है। 33 किसानों में 31 का पीएफएम के माध्यम से भुगतान भी किया जा चुका है। 150,35 क्विंटल की खरीद हुई है। इसी प्रकार साधन सहकारी समिति सरधुआ के केंद्र प्रभारी ने बताया कि 94 किसानों ने पंजीकरण कराया और 16 ने गेहूं बेचा है। 712 क्विंटल खरीद हुई है।
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डीएम ने निर्देश दिए कि केंद्रों पर किसानों के बैठने के स्थान, पीने का पानी समुचित व्यवस्था कराई जाए। उन्होंने निरीक्षण के दौरान केंद्रों में बोरा, छन्ना, तौल मशीन, पेयजल आदि व्यवस्थाओं की भी जानकारी की। उन्होंने कहा कि गांव में ग्राम प्रधानों के माध्यम से संपर्क करके किसानों के मध्य प्रचार प्रसार कराया जाए कि सभी किसान अपना गेहूं क्रय केंद्रों पर लाएं और सरकारी लाभ उठाएं। इस दौरान प्रशिक्षु आईएएस जयदेव सिंह, सहायक निबंधक सहकारी समितियां नरेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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उधर, जनपद के अधिकारियों ने भी गेहूं क्रय केंद्रों का औचक निरीक्षण किया। जिले में संचालित 37 गेहूं क्रय केंद्रों में अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह ने छह, उपजिलाधिकारी कर्वी राम प्रकाश ने पांच, उप जिलाधिकारी राजापुर व तहसीलदार राजापुर ने सात, उप जिलाधिकारी मानिकपुर, तहसीलदार मानिकपुर ने आठ क्रय केंद्र, तहसीलदार मऊ ने पांच क्रय केंद्र, राजस्व निरीक्षक ने तीन क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया है। जिलाधिकारी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान गेहूं उठान की समस्या पाई गई। फिलहाल जनपद बांदा के अधिकारियों से वार्ता कर निस्तारण कराए जाने के निर्देश दिए हैं। सभी गेहूं क्रय केंद्रों पर बोरा, धनराशि की उपलब्धता, पेयजल आदि सभी व्यवस्थाएं मिलीं। जनपद में समय से किसानों को पीएफएम के माध्यम से गेहूं क्रय का भुगतान भी कराया जा रहा है। उन्होंने किसानो से भी कहा है कि गेहूं क्रय केंद्रों में मजदूरों की समस्याओं का निदान कराएं।