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जल स्रोत खोलने के लिए कर रहे श्रमदान
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Sun, 19 Feb 2017 11:40 PM IST
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स्कूली बच्चे
- फोटो : amar ujala
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जिले के बरगढ़ क्षेत्र में किसान पोखरों व नालों के सहारे खेतों की सिंचाई करता है। इस समय कई पोखरे व बहने वाले नालों का स्रोत बंद हो गया है। जिसको देखते हुए क्षेत्र के ग्रामीण स्रोत खोलने के लिए श्रमदान का कार्य गाहुर न्याय पंचायत के मजरा भारतपुर्वा के पास शुरू किया है।
सर्वोदय सेवाश्रम के सहयोग से भारत पुरवा के किसानों की फसल पोखरा जलधारा पर निर्भर रहती है। यह जलधारा पहले बहती थी। जिससे फसल को पानी पर्याप्त मिल जाता है। यह जलधारा उसरी माफी के बांध तक लगभग 800 सौ मीटर है। श्रमदान स्थल पर टेउनहा जलधारा तथा पोखरा जलधारा आपस में मिलती है। आगे उसरी माफी के बांध में मिल जाती है। इस कार्य को करने में 25 परिवार के सदस्य जुटे हैं। यह कार्य सर्वोदय सेवा संस्थान के कर्मचारी लालता प्रसाद व संजय की देख रेख में हो रहा है।
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सर्वोदय सेवाश्रम के सहयोग से भारत पुरवा के किसानों की फसल पोखरा जलधारा पर निर्भर रहती है। यह जलधारा पहले बहती थी। जिससे फसल को पानी पर्याप्त मिल जाता है। यह जलधारा उसरी माफी के बांध तक लगभग 800 सौ मीटर है। श्रमदान स्थल पर टेउनहा जलधारा तथा पोखरा जलधारा आपस में मिलती है। आगे उसरी माफी के बांध में मिल जाती है। इस कार्य को करने में 25 परिवार के सदस्य जुटे हैं। यह कार्य सर्वोदय सेवा संस्थान के कर्मचारी लालता प्रसाद व संजय की देख रेख में हो रहा है।
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