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पेयजल संकटः सूख गए कुएं, खराब पड़े है हैंडपंप
ब्यूरो अमर उजाला चित्रकूट
Updated Wed, 18 May 2016 11:16 PM IST
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छींबो में सूखा कुआं।
- फोटो : amar ujala buerau
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भीषण गर्मी ने ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट बढ़ा दिया है। कुएं तो सूख गए हैं, आधे से ज्यादा हैंडपंप खराब पड़े हैं। कुछ रिबोर हुए हैंडपंपों से ग्रामीण पानी लेकर गुजारा कर रहे हैं।
कुछ गांव के लोग दूसरे पुरवा से पानी लाने को मजबूर हैं। रामनगर और मानिकपुर ब्लाक क्षेत्र के गांवों में पेयजल संकट है। डीएम के निर्देश पर टैंकरों से होने वाली जलापूर्ति महज औपचारिकता रह गई है। आधे से ज्यादा हैंडपंप खराब हैं।
पियरियामाफी के रामनरेश और लालचंद्र ने बताया कि पानी के लिए लोगों को दूसरे पुरवा जाना पड़ता है। महिलाओं को खासी परेशानी हो रही है। पानी की टंकी शोपीस बनी है।
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लौधौरा, सिंहपुर, घुरैहटा और छींबों के ग्रामीणों का कहना है कि कुछ रिबोर हैंडपंप से काम चल रहा है। लेकिन तालाब और कुएं सूखे होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी है।
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कुछ गांव के लोग दूसरे पुरवा से पानी लाने को मजबूर हैं। रामनगर और मानिकपुर ब्लाक क्षेत्र के गांवों में पेयजल संकट है। डीएम के निर्देश पर टैंकरों से होने वाली जलापूर्ति महज औपचारिकता रह गई है। आधे से ज्यादा हैंडपंप खराब हैं।
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पियरियामाफी के रामनरेश और लालचंद्र ने बताया कि पानी के लिए लोगों को दूसरे पुरवा जाना पड़ता है। महिलाओं को खासी परेशानी हो रही है। पानी की टंकी शोपीस बनी है।
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लौधौरा, सिंहपुर, घुरैहटा और छींबों के ग्रामीणों का कहना है कि कुछ रिबोर हैंडपंप से काम चल रहा है। लेकिन तालाब और कुएं सूखे होने से ग्रामीणों को भारी परेशानी है।