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UP Election 2022 : आज बुंदेलखंड में होगा सत्ता का संग्राम, युवाओं और महिलाओं से होगी चर्चा, नेताओं से पूछे जाएंगे सवाल
Wed, 22 Dec 2021 01:12 AM IST
हिमांशु मिश्रा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: हिमांशु मिश्रा
Updated Wed, 22 Dec 2021 01:12 AM IST
सार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश, ब्रज, अवध और पूर्वांचल के कई जिलों से होते हुए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बुधवार (22 दिसंबर) को बुंदेलखंड में दाखिल हो जाएगा। यहां सबसे पहले चित्रकूट में कार्यक्रम आयोजित होंगे। सुबह आम लोगों के साथ 'चाय पर चर्चा' होगी। इसके बाद महिलाओं और युवाओं से बात होगी और फिर नेताओं से जनता के सवाल पूछे जाएंगे।
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चित्रकूट, उत्तर प्रदेश चुनाव 2022
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पूरी दुनिया में धर्म और आस्था की नगरी चित्रकूट का खास महत्व है। यही वह जगह है जहां वनवास के दौरान प्रभु श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण सबसे ज्यादा समय तक रहे। यहां आज भी रामचरितमानस की मूल प्रति रखी हुई है। मान्यता है कि इसी स्थान पर ऋषि अत्रि और सती अनसुइया ने ध्यान लगाया था और यहीं पर ब्रह्मा, विष्णु और महेश ने सती अनसुइया के घर जन्म लिया था।
आजादी की लड़ाई में भी चित्रकूट की भूमिका सर्वोच्च रही है। इतिहासकारों की मानें तो प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन शुरू होने से भी 15 साल पहले यहां क्रांतिकारियों ने आजादी का बिगूल फूंक दिया था। कहा जाता है कि तब मंदाकिनी नदी के किनारे गोहत्या के खिलाफ हिंदू, मुस्लिम एकजुट हो गए थे। यहां मऊ तहसील में क्रांतिकारियों ने अदालत लगाकर पांच ब्रिटिश अफसरों को फांसी के फंदे पर लटका दिया था।
जिले की दोनों सीटों पर भाजपा का कब्जा
चित्रकूट में दो विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट और मानिकपुर हैं। 2017 में दोनों सीट भाजपा ने जीती थी। चित्रकूट से चंद्रिका प्रसाद और मानिकपुर से आरके सिंह पटेल विधायक बने थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में आरके सिंह पटेल सांसद चुन लिए गए थे। इसके बाद यहां हुए उपचुनाव में मानिकपुर से भाजपा के आनंद शुक्ला ने जीत हासिल की।
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अब सत्ता का होगा संग्राम
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर यहां का सियासी माहौल गर्म होने लगा है। सवाल उठने लगे हैं कि योगी सरकार के कार्यकाल में यहां कितना विकास हुआ? क्या आम लोग सरकार के कामकाज से खुश हैं? युवा, महिलाएं और आम जनता मौजूदा सरकार के बारे में क्या सोचती है? राजनीतिक दलों के नेताओं का क्या मानना है? वह किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बुधवार को चित्रकूट में होगा।
आप भी 'अमर उजाला' के इस मंच से जुड़ सकते हैं। इसके जरिए आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश के हर मुद्दे को उठा पाएंगे। आप बता पाएंगे कि आने वाले चुनाव में नेताओं और राजनीतिक दलों से आपको क्या उम्मीदें हैं? किन मसलों को लेकर आप मतदान करेंगे और नेताओं से आप क्या चाहते हैं?
कब और कहां होंगे कार्यक्रम
1. सुबह 8 बजे
चाय पर चर्चा
स्थान : परिक्रमा मार्ग के पास खोहि तिराहा टी- शॉप
2. सुबह 11 बजे
युवाओं से चर्चा
स्थान : गया प्रसाद महाविद्यालय
3. दोपहर 1 बजे
आधी आबादी से चर्चा
स्थान : महिला महाविद्यालय, कर्वी शंकर बाजार
4. दोपहर 3 बजे
राजनीतिक दलों से चर्चा
स्थान : शहीद पार्क, एलआईसी
अब तक 37 जिलों में हो चुका है कार्यक्रम
अब तक पश्चिमी यूपी, ब्रज, अवध और पूर्वांचल के 37 जिलों में 'सत्ता का संग्राम' आयोजित हो चुका है। 11 नवंबर को गाजियाबाद से चला रथ मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, मैनपुरी, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ होते हुए एक दिसंबर को बुलंदशहर पहुंचा था। इसके बाद हमारा चुनावी रथ अवध और फिर पूर्वांचल में दाखिल हुआ। लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली होते हुए फतेहपुर पहुंचा। अब ये चुनावी रथ बुंदेलखंड में दाखिल हो रहा है। चित्रकूट से इसका आगाज होगा।
‘सत्ता का संग्राम’ में क्या होगा खास?
चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ के तहत अमर उजाला हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। चाय पर चर्चा के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं से संवाद होगा। राजनीतिक हस्तियों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे। अमर उजाला आपको एक मंच दे रहा है, जहां आप अपनी बातों को रख सकेंगे, ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दे भी याद रहें।
विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था
‘सत्ता का संग्राम’ से जुड़े कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर हिस्सा लेने वाले दर्शकों और श्रोताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है।
इस विशेष कवरेज को आप कहां देख सकेंगे
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आजादी की लड़ाई में भी चित्रकूट की भूमिका सर्वोच्च रही है। इतिहासकारों की मानें तो प्रथम स्वतंत्रता आंदोलन शुरू होने से भी 15 साल पहले यहां क्रांतिकारियों ने आजादी का बिगूल फूंक दिया था। कहा जाता है कि तब मंदाकिनी नदी के किनारे गोहत्या के खिलाफ हिंदू, मुस्लिम एकजुट हो गए थे। यहां मऊ तहसील में क्रांतिकारियों ने अदालत लगाकर पांच ब्रिटिश अफसरों को फांसी के फंदे पर लटका दिया था।
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जिले की दोनों सीटों पर भाजपा का कब्जा
चित्रकूट में दो विधानसभा क्षेत्र चित्रकूट और मानिकपुर हैं। 2017 में दोनों सीट भाजपा ने जीती थी। चित्रकूट से चंद्रिका प्रसाद और मानिकपुर से आरके सिंह पटेल विधायक बने थे। 2019 के लोकसभा चुनाव में आरके सिंह पटेल सांसद चुन लिए गए थे। इसके बाद यहां हुए उपचुनाव में मानिकपुर से भाजपा के आनंद शुक्ला ने जीत हासिल की।
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अब सत्ता का होगा संग्राम
अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर यहां का सियासी माहौल गर्म होने लगा है। सवाल उठने लगे हैं कि योगी सरकार के कार्यकाल में यहां कितना विकास हुआ? क्या आम लोग सरकार के कामकाज से खुश हैं? युवा, महिलाएं और आम जनता मौजूदा सरकार के बारे में क्या सोचती है? राजनीतिक दलों के नेताओं का क्या मानना है? वह किन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएंगे? इन सभी सवालों का जवाब जानने के लिए 'अमर उजाला' का चुनावी रथ 'सत्ता का संग्राम' बुधवार को चित्रकूट में होगा।
आप भी 'अमर उजाला' के इस मंच से जुड़ सकते हैं। इसके जरिए आप अपने क्षेत्र, शहर, राज्य और देश के हर मुद्दे को उठा पाएंगे। आप बता पाएंगे कि आने वाले चुनाव में नेताओं और राजनीतिक दलों से आपको क्या उम्मीदें हैं? किन मसलों को लेकर आप मतदान करेंगे और नेताओं से आप क्या चाहते हैं?
कब और कहां होंगे कार्यक्रम
1. सुबह 8 बजे
चाय पर चर्चा
स्थान : परिक्रमा मार्ग के पास खोहि तिराहा टी- शॉप
2. सुबह 11 बजे
युवाओं से चर्चा
स्थान : गया प्रसाद महाविद्यालय
3. दोपहर 1 बजे
आधी आबादी से चर्चा
स्थान : महिला महाविद्यालय, कर्वी शंकर बाजार
4. दोपहर 3 बजे
राजनीतिक दलों से चर्चा
स्थान : शहीद पार्क, एलआईसी
अब तक 37 जिलों में हो चुका है कार्यक्रम
अब तक पश्चिमी यूपी, ब्रज, अवध और पूर्वांचल के 37 जिलों में 'सत्ता का संग्राम' आयोजित हो चुका है। 11 नवंबर को गाजियाबाद से चला रथ मुरादाबाद, रामपुर, अमरोहा, बरेली, बदायूं, पीलीभीत, शाहजहांपुर, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, कन्नौज, इटावा, मैनपुरी, एटा, फिरोजाबाद, आगरा, मथुरा, हाथरस, अलीगढ़ होते हुए एक दिसंबर को बुलंदशहर पहुंचा था। इसके बाद हमारा चुनावी रथ अवध और फिर पूर्वांचल में दाखिल हुआ। लखनऊ, अयोध्या, गोरखपुर, देवरिया, आजमगढ़, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, वाराणसी, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सुल्तानपुर, अमेठी, रायबरेली होते हुए फतेहपुर पहुंचा। अब ये चुनावी रथ बुंदेलखंड में दाखिल हो रहा है। चित्रकूट से इसका आगाज होगा।
‘सत्ता का संग्राम’ में क्या होगा खास?
चुनावी रथ ‘सत्ता का संग्राम’ के तहत अमर उजाला हर वर्ग के मतदाताओं तक पहुंचेगा। चाय पर चर्चा के साथ-साथ महिलाओं और युवाओं से संवाद होगा। राजनीतिक हस्तियों से सीधे सवाल पूछे जाएंगे। अमर उजाला आपको एक मंच दे रहा है, जहां आप अपनी बातों को रख सकेंगे, ताकि जब राजनीतिक हस्तियां चुनावी रैलियां करने आएं तो उन्हें आपसे जुड़े जमीनी मुद्दे भी याद रहें।
विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था
‘सत्ता का संग्राम’ से जुड़े कार्यक्रमों में जमीनी स्तर पर हिस्सा लेने वाले दर्शकों और श्रोताओं के लिए विशेष प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई है।
इस विशेष कवरेज को आप कहां देख सकेंगे
- अमर उजाला अखबार और amarujala.com पर आपको कार्यक्रम स्थल की जानकारी मिलेगी।
- ‘सत्ता का संग्राम’ से जुड़ी व्यापक जमीनी कवरेज आप अमर उजाला अखबार में पढ़ सकेंगे।
- amarujala.com पर आप कार्यक्रमों को लाइव देख सकेंगे।
- सभी कार्यक्रम अमर उजाला डिजिटल के फेसबुक पेज और यू-ट्यूब चैनल पर देखे जा सकेंगे।
- इन सभी कार्यक्रमों के जरिए दर्ज होने वाली जनता की आवाज विशेष रूप से अमर उजाला के पॉडकास्ट ‘आवाज’ पर भी उपलब्ध रहेगी।