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दो बाघों भिड़े,एक की मौत
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चित्रकूट। मध्यप्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र से निकलकर मारकुंडी के जंगलों में बाघों की चहलकदमी नेे लॉकडाउन के कारण घर में बैठे लोगों में भी खौफ पैदा कर रखा है। बुधवार को मझगवां वन रेंज में ऐसे ही दो बाघ आपसे में ही हमलावर हो गए। लड़ाई में तीन साल के नर बाघ की मौत हो गई। उसके गले में दोनों तरफ गहरे जख्म भी मिले हैं।
वन विभाग के गश्ती दल को बृहस्पतिवार शाम बाघ का शव मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ के सिर, गर्दन और चेहरे पर दूसरे बाघ के नाखून के निशान मिले हैं। मध्यप्रदेश के सतना वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) राजीव मिश्रा ने बताया कि बुधवार को मझगवां वन रेंज के कररिया के जंगल में दो बाघों के बीच लड़ाई हुई।
डॉग स्क्वॉड ने भी पूरे जंगल को खंगाला। हालांकि दूसरे बाघ का कोई सुराग नहीं लगा। डीएफओ ने कहा कि लड़ाई में दूसरे बाघ को भी चोटें आईं होंगी, लेकिन दूर-दूर तक खून के निशान नहीं मिले हैं। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराकर शव को मझगवां के जंगल में ही जला दिया गया।
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डीएफओ ने बताया कि कररिया बीट में दोनों ओर घना जंगल है। यहां बाघों की अक्सर चहलकदमी देखी जाती है। जंगल के बाहर आबादी वाले इलाके हालांकि सतर्क रहते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण लोगों के घरों में रहने से जंगली जीव-जंतु और निश्चिंत हो गए हैं।
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वन विभाग के गश्ती दल को बृहस्पतिवार शाम बाघ का शव मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बाघ के सिर, गर्दन और चेहरे पर दूसरे बाघ के नाखून के निशान मिले हैं। मध्यप्रदेश के सतना वन मंडल अधिकारी (डीएफओ) राजीव मिश्रा ने बताया कि बुधवार को मझगवां वन रेंज के कररिया के जंगल में दो बाघों के बीच लड़ाई हुई।
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डॉग स्क्वॉड ने भी पूरे जंगल को खंगाला। हालांकि दूसरे बाघ का कोई सुराग नहीं लगा। डीएफओ ने कहा कि लड़ाई में दूसरे बाघ को भी चोटें आईं होंगी, लेकिन दूर-दूर तक खून के निशान नहीं मिले हैं। शुक्रवार को पोस्टमार्टम कराकर शव को मझगवां के जंगल में ही जला दिया गया।
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डीएफओ ने बताया कि कररिया बीट में दोनों ओर घना जंगल है। यहां बाघों की अक्सर चहलकदमी देखी जाती है। जंगल के बाहर आबादी वाले इलाके हालांकि सतर्क रहते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण लोगों के घरों में रहने से जंगली जीव-जंतु और निश्चिंत हो गए हैं।