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Chitrakoot Crime: बालिका से दुष्कर्म में दो को 20 साल की सजा, प्रत्येक पर 25,500 रुपये जुर्माना भी लगाया
Sat, 10 Jun 2023 12:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 10 Jun 2023 12:39 AM IST
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
चित्रकूट जिले में शौच के लिए गई बालिका के साथ दुराचार करने के मामले में दोष सिद्ध होने पर एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के विशेष जज ने दो लोगों को 20-20 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही प्रत्येक को 25,500 रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। मामला सात वर्ष पूर्व का है।
शुक्रवार को अभियोजन अधिकारी जगतपाल ने बताया कि कर्वी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव के अनुसूचित जाति परिवार की एक बालिका 22 सितंबर 2016 को शौच के लिए गई थी। इस दौरान उसके साथ दो युवकों ने अश्लील हरकतें की थी। विरोध करने पर दोनों ने बालिका से दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर संजय रलिहा और लकी गुप्ता के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया था। मामले में छेड़खानी की धारा लगी थी, का मामला दर्ज किया गया था।
बाद में तत्कालीन क्षेत्राधिकारी द्वारा मुकदमें की विवेचना के दौरान बालिका के बयान के आधार पर दुराचार की धारा बढ़ाई गयी थी। साथ ही इस मामले में आरोपियों के विरूद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के स्पेशल जज दीपनारायण तिवारी ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी संजय और लकी को 20-20 वर्ष सश्रम की कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही प्रत्येक को 25 हजार पांच सौ रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
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शुक्रवार को अभियोजन अधिकारी जगतपाल ने बताया कि कर्वी कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव के अनुसूचित जाति परिवार की एक बालिका 22 सितंबर 2016 को शौच के लिए गई थी। इस दौरान उसके साथ दो युवकों ने अश्लील हरकतें की थी। विरोध करने पर दोनों ने बालिका से दुष्कर्म किया। पुलिस ने मामले में पीड़िता के पिता की तहरीर के आधार पर संजय रलिहा और लकी गुप्ता के खिलाफ अभियोग पंजीकृत किया था। मामले में छेड़खानी की धारा लगी थी, का मामला दर्ज किया गया था।
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बाद में तत्कालीन क्षेत्राधिकारी द्वारा मुकदमें की विवेचना के दौरान बालिका के बयान के आधार पर दुराचार की धारा बढ़ाई गयी थी। साथ ही इस मामले में आरोपियों के विरूद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया था। बचाव और अभियोजन पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलें सुनने के बाद शुक्रवार को एससी-एसटी एक्ट कोर्ट के स्पेशल जज दीपनारायण तिवारी ने निर्णय सुनाया। जिसमें दोष सिद्ध होने पर आरोपी संजय और लकी को 20-20 वर्ष सश्रम की कारावास की सजा सुनाई गई। साथ ही प्रत्येक को 25 हजार पांच सौ रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया गया।
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