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Chitrakoot News: राजनीति में न आने पाये धार की कमी, 2027 को बनाएं लक्ष्य
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संतों के सहारे बढ़ाई जाएगी हिंदुत्व की धार
महाकुंभ मेला में स्वयं सेवक करेंगे सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। धर्मनगरी में आरएसएस के महाकौशल प्रांत के संघ चालक वर्ग में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने दूसरे सत्र में स्पष्ट संकेत दिया कि राजनीति में पकड़ कहीं से कम नहीं होनी चाहिए। इसमें सेवा भाव को प्रमुखता से रखते हुए राष्ष्ट्रहित में यूपी के 2027 के चुनाव को भी शामिल करने का संकेत दिया। कुछ प्रांत के चालकों ने 2024 के चुनाव को लेकर भी चर्चा की लेकिन तय हुआ कि पिछली बातें भूलकर देश निर्माण के लिए आगे की योजना बनाई जाए।
दो दिवसीय संघ के चालकों के वर्ग में 2025 की शुरुआत में प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ मेला को सफल बनाने के लिए संघ की भूमिका को लेकर चर्चा की गई। तय हुआ कि मेले के दौरान संघ के कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर रूप रेखा बनाई जाएगी। जिसमें विभिन्न अखाड़ों के महंतों व संतों के बीच आपसी सामंजस्य बनाकर हिंदुत्व के मुद्दे को आगे बढ़ाने को लेकर विचार होगा। इसमें देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आएंगे। विभिन्न अखाड़ों के महंत, साधू संतों के बीच संघ की भूमिका को लेकर चर्चा की जाएगी। इसमें राजनीति की दिशा भी तय होगी। महाकुंभ में भगवान श्रीराम काल की झांकी लगाने के साथ ही उन स्थानों के महत्व की जानकारी श्रद्धालुओं को देने की बात कही गई। मेले के दौरान पर्यावरण के महत्व को भी संतों के माध्यम से उठाने को लेकर चर्चा की गई। जिसमें गंगा, यमुना नदी सहित अन्य नदियों को स्वच्छ रखने के साथ ही जल संरक्षण देने की बात कहीं गई। हालांकि इस एजेंडे को पूरी तरह से गुप्त रखते हुए लागू किये जाने की बात तय की गई है। यहां तय निर्णयों को प्रांत जिला महानगर व नगर प्रमुख अपने क्षेत्र में जाकर गोपनीय बैठक कर लागू करने का प्रयास करेंगे।
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संघ की महिला वाहिनी निभाएंगी अब बड़ी भूमिका
चित्रकूट। राष्ट्रीय स्वयं संघ की बैठक में महिला वाहिनी की भूमिका लेकर भी मंथन किया गया। जिसमें संघ से जुड़ी महिलाओं को अधिक जिम्मेदारी देने के साथ ही संघ के उद्देश्य को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं तक पहुंचने पर विचार किया गया।
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महिला वाहिनी से अधिक से अधिक संख्या मेंं महिलाओं को जोड़ने के साथ ही उनको जिम्मेदारी देने के साथ संघ की शाखाएं लगाने जिसमें महिलाओं की भागीदारी बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। इसमें पदाधिकारियों से इस बारे में जानकारी मांगी गई कि जिस उद्देश्य को लेकर संघ की महिला वाहिनी बनाई गई है। उसमें कौन-कौन से काम हो रहे हैं। महाकौशल क्षेत्र में बनाई गई महिला पदाधिकारियों के बारे में जानकारी ली गई। उनके किए जा रहे कामों को लेकर भी विचार किया गया। कहा गया कि भारतीय संस्कृति को सहेजने में महिलाओं की बड़ी भूमिका हमेशा रही है। इसलिए संघ की महिला वाहिनी को अब आगे लाना होगा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को संघ की महिला वाहिनी से जोडऩे का काम किया जाएगा।
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महाकुंभ मेला में स्वयं सेवक करेंगे सेवा
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। धर्मनगरी में आरएसएस के महाकौशल प्रांत के संघ चालक वर्ग में संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने दूसरे सत्र में स्पष्ट संकेत दिया कि राजनीति में पकड़ कहीं से कम नहीं होनी चाहिए। इसमें सेवा भाव को प्रमुखता से रखते हुए राष्ष्ट्रहित में यूपी के 2027 के चुनाव को भी शामिल करने का संकेत दिया। कुछ प्रांत के चालकों ने 2024 के चुनाव को लेकर भी चर्चा की लेकिन तय हुआ कि पिछली बातें भूलकर देश निर्माण के लिए आगे की योजना बनाई जाए।
दो दिवसीय संघ के चालकों के वर्ग में 2025 की शुरुआत में प्रयागराज में लगने वाले महाकुंभ मेला को सफल बनाने के लिए संघ की भूमिका को लेकर चर्चा की गई। तय हुआ कि मेले के दौरान संघ के कार्यकर्ताओं की भूमिका को लेकर रूप रेखा बनाई जाएगी। जिसमें विभिन्न अखाड़ों के महंतों व संतों के बीच आपसी सामंजस्य बनाकर हिंदुत्व के मुद्दे को आगे बढ़ाने को लेकर विचार होगा। इसमें देश के कोने-कोने से श्रद्धालु आएंगे। विभिन्न अखाड़ों के महंत, साधू संतों के बीच संघ की भूमिका को लेकर चर्चा की जाएगी। इसमें राजनीति की दिशा भी तय होगी। महाकुंभ में भगवान श्रीराम काल की झांकी लगाने के साथ ही उन स्थानों के महत्व की जानकारी श्रद्धालुओं को देने की बात कही गई। मेले के दौरान पर्यावरण के महत्व को भी संतों के माध्यम से उठाने को लेकर चर्चा की गई। जिसमें गंगा, यमुना नदी सहित अन्य नदियों को स्वच्छ रखने के साथ ही जल संरक्षण देने की बात कहीं गई। हालांकि इस एजेंडे को पूरी तरह से गुप्त रखते हुए लागू किये जाने की बात तय की गई है। यहां तय निर्णयों को प्रांत जिला महानगर व नगर प्रमुख अपने क्षेत्र में जाकर गोपनीय बैठक कर लागू करने का प्रयास करेंगे।
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संघ की महिला वाहिनी निभाएंगी अब बड़ी भूमिका
चित्रकूट। राष्ट्रीय स्वयं संघ की बैठक में महिला वाहिनी की भूमिका लेकर भी मंथन किया गया। जिसमें संघ से जुड़ी महिलाओं को अधिक जिम्मेदारी देने के साथ ही संघ के उद्देश्य को शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं तक पहुंचने पर विचार किया गया।
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महिला वाहिनी से अधिक से अधिक संख्या मेंं महिलाओं को जोड़ने के साथ ही उनको जिम्मेदारी देने के साथ संघ की शाखाएं लगाने जिसमें महिलाओं की भागीदारी बेहतर बनाने पर भी चर्चा हुई। इसमें पदाधिकारियों से इस बारे में जानकारी मांगी गई कि जिस उद्देश्य को लेकर संघ की महिला वाहिनी बनाई गई है। उसमें कौन-कौन से काम हो रहे हैं। महाकौशल क्षेत्र में बनाई गई महिला पदाधिकारियों के बारे में जानकारी ली गई। उनके किए जा रहे कामों को लेकर भी विचार किया गया। कहा गया कि भारतीय संस्कृति को सहेजने में महिलाओं की बड़ी भूमिका हमेशा रही है। इसलिए संघ की महिला वाहिनी को अब आगे लाना होगा। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को संघ की महिला वाहिनी से जोडऩे का काम किया जाएगा।