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अंतरराज्यीय गैंग के तीन चोर गिरफ्तार, 12 लाख बरामद
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फोटो-6 आर- पकड़े गए तीनों चोर। संवाद
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। शहर की पुरानी बाजार स्थित सुनील सोहाने की सराफा दुकान से 55 लाख रुपये के सोने-चांदी के जेवरातों की चोरी का गुरुवार को पुलिस ने खुलासा कर दिया है। अंतर्राज्यीय गैंग के तीन चोरों को 11 लाख 82 हजार रुपये के साथ दबोच लिया है। इनके कब्जे से चोरी में प्रयोग हुई स्कार्पियो और तिजोरी बरामद की गई है। गैंग के दो सदस्य फरार हैं। पकड़ा गया एक चोर उत्तराखंड व दो दिल्ली के निवासी हैं। इनका नेटवर्क दिल्ली व बंगाल तक है। गैंग गुजरात, कर्नाटक, मप्र और यूपी के कई बड़े शहरों में चोरी कर चुका है।
पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर लगातार चार टीमें दिल्ली, बंगाल, उत्तराखंड, यूपी, एमपी के कई शहरों में चोरों की तलाश कर रही थीं। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर दिल्ली भागते समय कौशांबी जिले के पास स्कार्पियो का पुलिस टीम ने पीछा किया। इसी बीच स्कार्पियो एक स्थान पर पलट गई। उसमें बैठे उधमसिंह नगर उत्तराखंड के नानकमत्ता निवासी राज सिंह, पुरानी दिल्ली के अलीपुर गोविंदनगर कालोनी झंगोला निवासी भंडी उर्फ राजू राय सिख और जरनेल सिंह को पुलिस ने दबोच लिया। इनके कब्जे से 11 लाख 82 हजार 200 रुपये नगद, क्षतिग्रस्त स्कार्पियो व निशानदेही पर तिजोरी बरामद की गई है।
पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तिजोरी में 25 किलो चांदी व 200 ग्राम सोना था। जिसे चोरों ने उत्तराखंड में कई दुकानों में बेच दिया था। आपस में इसका बंटवारा कर दो आरोपी उत्तराखंड निवासी यशवंत सिंह उर्फ जसवंत और पुरानी दिल्ली निवासी जसविंदर सिंह उर्फ बिट्टू फरार हैं। भागे दोनों आरोपी मुख्य आरोपी राज सिंह के भाई हैं। इन सबका एक अंतर्राज्यीय गैंग है जो जेवरातों पर ही हाथ साफ करता है। गिरोह के लोग कई बार अन्य प्रदेशों में चोरी के मामले में जेल जा चुके हैं। एसपी ने चोरी का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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सतना में करनी थी चोरी, मेला घूमने आए तो कर्वी में किया हाथ साफ
चित्रकूट। पकड़े गए तीनों चोरों ने बताया कि वह सीसीटीवी फुटेज आदि से नहीं डरते हैं, क्योंकि एक प्रदेश छोड़कर वह अन्य प्रदेश में चोरी करने चले जाते हैं। पहले तीन-चार दिन रेकी करते हैं। आरोपी राज सिंह, भंडी व जरनेल ने बताया कि वह सब चित्रकूट मेला घूमने आए थे। उन्हें सतना में किसी सराफा की दुकान में चोरी करनी थी लेकिन मेला घूमते-घूमते वह कर्वी शहर पहुंचे। तीन दिन तक कई दुकानों की रेकी की। सुनील सोहाने की दुकान से चारों तरफ भागने के रास्ते होने और सुनसान होने पर उसे चिह्नित किया। पहले 19 मई को प्रयास किया, लेकिन पुलिस पिकेट की मौजूदगी के कारण लौट गए। इसके बाद दूसरे दिन पिकेट के जाने के बाद वारदात कर डाली। शटर व तिजोरी काटने की सामग्री वह अपनी गाड़ी में पहले से रखे थे। वह जानते थे कि एक बार वह मौके से भाग निकले तो फिर दूसरे प्रांत पहुंचने पर कोई नहीं पकड़ पाएगा।
दिल्ली से खरीदी थी स्कार्पियो
चोरों ने बताया कि हर बार वह चोरी के लिए दूसरे वाहन का प्रयोग करते हैं। यह पुरानी स्कार्पियो दिल्ली से खरीदी थी। इस चोरी में पांच लोग थे। किसी लोकल या आसपास के किसी व्यक्ति की मदद नहीं ली।
दो बार गए थे जनसेवा केंद्र
चोरों ने बताया कि सराफा दुकान से सटे हुए जनसेवा केंद्र में वह दो बार गए थे और दुकान में जेवरात की मात्रा का अंदाजा लगाया था। सराफा दुकान को शीशे लगाकर दो हिस्सों में बांटा गया था। दूसरे हिस्से में जनसेवा केंद्र चलता है। यहां से खड़े होकर सराफा दुकान की सारी डिटेल जानी जा सकती थी। अमर उजाला ने जन सेवा केंद्र से रेकी की आशंका जताई थी। चोरों का कहना है कि सिर्फ रेकी के दौरान ही सब जानकारी जुुटा ली थी।
पीड़ित दुकानदार संतुष्ट नहीं
प्रेसवार्ता में दुकानदार सुनील सोहाने और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था। एसपी ने दुकानदार को सांत्वना दी कि लगभग 60 प्रतिशत माल मिला है बाकी 40 प्रतिशत की भी बरामदगी होगी। दुकानदार ने बताया कि उसका 25 किलो चांदी व 700 ग्राम सोना था लेकिन पुलिस ने बताया कि सोना 200 ग्राम ही था। पुलिस के अनुसार चोरों ने भी बताया है कि सोना लगभग दो सौ ग्राम ही था। इसे लेकर दुकानदार असंतुष्ट दिखे।
इनका रहा योगदान
एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि इस खुलासे के लिए पुलिस टीमों ने दिन रात मेहनत की। टीम में प्रशिक्षु सीओ हर्ष पांडेय, कोतवाल राजीव कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी एमपी त्रिपाठी, सीतापुर चौकी प्रभारी प्रवीण सिंह, आरक्षी राजबहादुर, रईसखान, आदित्य, शरद, जितेंद्र, रोहित, आशीष, शिवम व गोलू का योगदान रहा।
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पुलिस अधीक्षक अतुल शर्मा ने प्रेसवार्ता में बताया कि सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर लगातार चार टीमें दिल्ली, बंगाल, उत्तराखंड, यूपी, एमपी के कई शहरों में चोरों की तलाश कर रही थीं। बुधवार को मुखबिर की सूचना पर दिल्ली भागते समय कौशांबी जिले के पास स्कार्पियो का पुलिस टीम ने पीछा किया। इसी बीच स्कार्पियो एक स्थान पर पलट गई। उसमें बैठे उधमसिंह नगर उत्तराखंड के नानकमत्ता निवासी राज सिंह, पुरानी दिल्ली के अलीपुर गोविंदनगर कालोनी झंगोला निवासी भंडी उर्फ राजू राय सिख और जरनेल सिंह को पुलिस ने दबोच लिया। इनके कब्जे से 11 लाख 82 हजार 200 रुपये नगद, क्षतिग्रस्त स्कार्पियो व निशानदेही पर तिजोरी बरामद की गई है।
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पुलिस अधीक्षक ने बताया कि तिजोरी में 25 किलो चांदी व 200 ग्राम सोना था। जिसे चोरों ने उत्तराखंड में कई दुकानों में बेच दिया था। आपस में इसका बंटवारा कर दो आरोपी उत्तराखंड निवासी यशवंत सिंह उर्फ जसवंत और पुरानी दिल्ली निवासी जसविंदर सिंह उर्फ बिट्टू फरार हैं। भागे दोनों आरोपी मुख्य आरोपी राज सिंह के भाई हैं। इन सबका एक अंतर्राज्यीय गैंग है जो जेवरातों पर ही हाथ साफ करता है। गिरोह के लोग कई बार अन्य प्रदेशों में चोरी के मामले में जेल जा चुके हैं। एसपी ने चोरी का खुलासा करने वाली टीम को पुरस्कार देने की घोषणा की है।
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सतना में करनी थी चोरी, मेला घूमने आए तो कर्वी में किया हाथ साफ
चित्रकूट। पकड़े गए तीनों चोरों ने बताया कि वह सीसीटीवी फुटेज आदि से नहीं डरते हैं, क्योंकि एक प्रदेश छोड़कर वह अन्य प्रदेश में चोरी करने चले जाते हैं। पहले तीन-चार दिन रेकी करते हैं। आरोपी राज सिंह, भंडी व जरनेल ने बताया कि वह सब चित्रकूट मेला घूमने आए थे। उन्हें सतना में किसी सराफा की दुकान में चोरी करनी थी लेकिन मेला घूमते-घूमते वह कर्वी शहर पहुंचे। तीन दिन तक कई दुकानों की रेकी की। सुनील सोहाने की दुकान से चारों तरफ भागने के रास्ते होने और सुनसान होने पर उसे चिह्नित किया। पहले 19 मई को प्रयास किया, लेकिन पुलिस पिकेट की मौजूदगी के कारण लौट गए। इसके बाद दूसरे दिन पिकेट के जाने के बाद वारदात कर डाली। शटर व तिजोरी काटने की सामग्री वह अपनी गाड़ी में पहले से रखे थे। वह जानते थे कि एक बार वह मौके से भाग निकले तो फिर दूसरे प्रांत पहुंचने पर कोई नहीं पकड़ पाएगा।
दिल्ली से खरीदी थी स्कार्पियो
चोरों ने बताया कि हर बार वह चोरी के लिए दूसरे वाहन का प्रयोग करते हैं। यह पुरानी स्कार्पियो दिल्ली से खरीदी थी। इस चोरी में पांच लोग थे। किसी लोकल या आसपास के किसी व्यक्ति की मदद नहीं ली।
दो बार गए थे जनसेवा केंद्र
चोरों ने बताया कि सराफा दुकान से सटे हुए जनसेवा केंद्र में वह दो बार गए थे और दुकान में जेवरात की मात्रा का अंदाजा लगाया था। सराफा दुकान को शीशे लगाकर दो हिस्सों में बांटा गया था। दूसरे हिस्से में जनसेवा केंद्र चलता है। यहां से खड़े होकर सराफा दुकान की सारी डिटेल जानी जा सकती थी। अमर उजाला ने जन सेवा केंद्र से रेकी की आशंका जताई थी। चोरों का कहना है कि सिर्फ रेकी के दौरान ही सब जानकारी जुुटा ली थी।
पीड़ित दुकानदार संतुष्ट नहीं
प्रेसवार्ता में दुकानदार सुनील सोहाने और व्यापार मंडल के पदाधिकारियों को भी बुलाया गया था। एसपी ने दुकानदार को सांत्वना दी कि लगभग 60 प्रतिशत माल मिला है बाकी 40 प्रतिशत की भी बरामदगी होगी। दुकानदार ने बताया कि उसका 25 किलो चांदी व 700 ग्राम सोना था लेकिन पुलिस ने बताया कि सोना 200 ग्राम ही था। पुलिस के अनुसार चोरों ने भी बताया है कि सोना लगभग दो सौ ग्राम ही था। इसे लेकर दुकानदार असंतुष्ट दिखे।
इनका रहा योगदान
एसपी अतुल शर्मा ने बताया कि इस खुलासे के लिए पुलिस टीमों ने दिन रात मेहनत की। टीम में प्रशिक्षु सीओ हर्ष पांडेय, कोतवाल राजीव कुमार सिंह, एसओजी प्रभारी एमपी त्रिपाठी, सीतापुर चौकी प्रभारी प्रवीण सिंह, आरक्षी राजबहादुर, रईसखान, आदित्य, शरद, जितेंद्र, रोहित, आशीष, शिवम व गोलू का योगदान रहा।