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चित्रकूटः जुड़वां समेत तीन नवजातों की मौत
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चित्रकूट। गंभीर हालत में रविवार को जिला अस्पताल आए जुड़वां समेत तीन नवजातों की इलाज के दौरान मौत हो गई। डॉक्टरों ने बताया कि तीनों बच्चे बेहद कमजोर थे, प्रसव के दौरान इनकी सही देखरेख नहीं की गई है।
भरतकूप क्षेत्र के फतेहगंज गांव की अभिलाषा रैक वार पत्नी सुनील रैकवार ने बताया कि शनिवार की सुबह उसने घर में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। रविवार की सुबह अचानक दोनों की हालत खराब होने लगी, परिजन आनन फानन बच्चों को लेकर शिवरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां पर डॉक्टरों ने बिना इलाज के ही दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
उधर, सरैंया गांव की नीतू पत्नी छोटा ने बताया कि शुक्रवार को उसने घर में ही बच्चे को जन्म दिया था। दो दिन तक नवजात ठीक था, लेकिन रविवार की सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में इमरजेंसी में मौजूद डॉ. राजेश खरे ने बताया कि तीनों बच्चों का वजन कम होने व समय से पहले प्रसव होने से उनकी मौत होने की संभावना है। घर में प्रसव होने के बाद परिजनों ने सही इलाज नहीं लिया और सर्दी के सीजन में ठंड भी लगने की संभावना है।
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भरतकूप क्षेत्र के फतेहगंज गांव की अभिलाषा रैक वार पत्नी सुनील रैकवार ने बताया कि शनिवार की सुबह उसने घर में जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था। रविवार की सुबह अचानक दोनों की हालत खराब होने लगी, परिजन आनन फानन बच्चों को लेकर शिवरामपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां पर डॉक्टरों ने बिना इलाज के ही दोनों को जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
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उधर, सरैंया गांव की नीतू पत्नी छोटा ने बताया कि शुक्रवार को उसने घर में ही बच्चे को जन्म दिया था। दो दिन तक नवजात ठीक था, लेकिन रविवार की सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। इस पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी मौत हो गई। इस मामले में इमरजेंसी में मौजूद डॉ. राजेश खरे ने बताया कि तीनों बच्चों का वजन कम होने व समय से पहले प्रसव होने से उनकी मौत होने की संभावना है। घर में प्रसव होने के बाद परिजनों ने सही इलाज नहीं लिया और सर्दी के सीजन में ठंड भी लगने की संभावना है।
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