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Chitrakoot News: तीन आरोपियों को मिली जमानत
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= लोगो अदालत से का =
= प्रत्येक आरोपी को 20,000 रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रे प्रथम सृष्टि शुक्ला ने मारपीट व धमकी देने के मामले में तीन आरोपियों को जमानत दे दी है। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 20,000 रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने का आदेश दिया। उन्हें इतनी ही राशि की एक जमानत भी देनी होगी। यह मामला रैपुरा थाना क्षेत्र के अपराध संख्या 310/2025 से संबंधित है।
पुलिस के अनुसार रैपुरा थाना क्षेत्र में मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में लायक सिंह, ललक सिंह और अभिषेक सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में सभी आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी डाली थी। सुनवाई में आरोपियों के अधिवक्ता ने उन्हें निर्दोष बताते हुए कहा कि झूठा फंसाया गया है। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। इस पर अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध कर अपराध को संज्ञेय और अजमानतीय बताया। हालांकि, न्यायालय ने पाया कि आरोप सात वर्ष से अनाधिक कारावास से दंडनीय है। मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने जमानत का आधार पर्याप्त माना और उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
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= प्रत्येक आरोपी को 20,000 रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने का आदेश
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रे प्रथम सृष्टि शुक्ला ने मारपीट व धमकी देने के मामले में तीन आरोपियों को जमानत दे दी है। अदालत ने प्रत्येक आरोपी को 20,000 रुपये का व्यक्तिगत बंधपत्र दाखिल करने का आदेश दिया। उन्हें इतनी ही राशि की एक जमानत भी देनी होगी। यह मामला रैपुरा थाना क्षेत्र के अपराध संख्या 310/2025 से संबंधित है।
पुलिस के अनुसार रैपुरा थाना क्षेत्र में मारपीट व जान से मारने की धमकी देने के आरोप में लायक सिंह, ललक सिंह और अभिषेक सिंह के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इस मामले में सभी आरोपियों ने आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी डाली थी। सुनवाई में आरोपियों के अधिवक्ता ने उन्हें निर्दोष बताते हुए कहा कि झूठा फंसाया गया है। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। इस पर अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध कर अपराध को संज्ञेय और अजमानतीय बताया। हालांकि, न्यायालय ने पाया कि आरोप सात वर्ष से अनाधिक कारावास से दंडनीय है। मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को देखते हुए अदालत ने जमानत का आधार पर्याप्त माना और उनकी जमानत अर्जी स्वीकार कर ली।
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