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Chitrakoot News: तीन आरोपियों को 20 हजार के बंधपत्र पर जमानत
Sat, 23 May 2026 11:25 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 23 May 2026 11:25 PM IST
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चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सृष्टि शुक्ला की अदालत ने मारपीट के आरोपी कल्लू, कमतू और बिंदा प्रसाद को शनिवार को जमानत दे दी है। कोर्ट ने सभी को 20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र तथा समान धनराशि की एक जमानत दाखिल करने पर रिहा करने का आदेश दिया है।
मामला रैपुरा थाना क्षेत्र का है। यहां वर्ष 2024 में तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सभी आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी प्रस्तुत की थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने मनगढ़ंत आरोप लगाने की दलील दी। वहीं सहायक अभियोजन अधिकारी ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने पत्रावली का अवलोकन कर मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जमानत का आधार पर्याप्त माना और रिहाई का आदेश दिया। (संवाद)
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दहेज मामले में मां-बेटे को अंतरिम जमानत
चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सृष्टि शुक्ला की अदालत ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में आरोपी माया देवी और बेटे संभाष्कर सिंह को शनिवार को अंतरिम जमानत दी है। दोनों को 20-20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र एवं एक जमानत दाखिल करने पर नौ जून तक रिहा करने का आदेश दिया गया है। मामला वर्ष 2025 का है। इसकी प्राथमिकी महिला थाने में दर्ज की गई थी। दोनों आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत याचिका दाखिल की थी। बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताते हुए दलील दी। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए इसे गैर-जमानती अपराध बताया। अदालत ने पत्रावली के अवलोकन में पाया कि आरोप-पत्र दाखिल हो चुका है और मामला वैवाहिक प्रकृति का है। कोर्ट ने अंतरिम जमानत मंजूर कर प्रकरण को सुलह-समझौता केंद्र भेजने का आदेश दिया। सात ही नियत तिथि पर आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं। (संवाद)
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आबकारी अधिनियम मामले में फूलचंद्र को जमानत
चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सृष्टि शुक्ला ने आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज मामले में आरोपी फूलचंद्र रैदास को शनिवार को जमानत प्रदान की है। यह मामला कर्वी कोतवाली क्षेत्र का है। इसमें वर्ष 2021 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताया। अदालत ने पत्रावली का अवलोकन कर तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर जमानत का आधार पर्याप्त मानते हुए 20,000 रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र एवं समान धनराशि की एक जमानत पर रिहाई का आदेश दिया। (संवाद)
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मामला रैपुरा थाना क्षेत्र का है। यहां वर्ष 2024 में तीनों आरोपियों के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी दर्ज हुई थी। सभी आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत अर्जी प्रस्तुत की थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने मनगढ़ंत आरोप लगाने की दलील दी। वहीं सहायक अभियोजन अधिकारी ने जमानत का विरोध किया। अदालत ने पत्रावली का अवलोकन कर मामले की परिस्थितियों को देखते हुए जमानत का आधार पर्याप्त माना और रिहाई का आदेश दिया। (संवाद)
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दहेज मामले में मां-बेटे को अंतरिम जमानत
चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सृष्टि शुक्ला की अदालत ने दहेज प्रतिषेध अधिनियम समेत विभिन्न धाराओं में आरोपी माया देवी और बेटे संभाष्कर सिंह को शनिवार को अंतरिम जमानत दी है। दोनों को 20-20 हजार रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र एवं एक जमानत दाखिल करने पर नौ जून तक रिहा करने का आदेश दिया गया है। मामला वर्ष 2025 का है। इसकी प्राथमिकी महिला थाने में दर्ज की गई थी। दोनों आरोपियों ने न्यायालय में आत्मसमर्पण कर जमानत याचिका दाखिल की थी। बचाव पक्ष ने उन्हें निर्दोष बताते हुए दलील दी। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध करते हुए इसे गैर-जमानती अपराध बताया। अदालत ने पत्रावली के अवलोकन में पाया कि आरोप-पत्र दाखिल हो चुका है और मामला वैवाहिक प्रकृति का है। कोर्ट ने अंतरिम जमानत मंजूर कर प्रकरण को सुलह-समझौता केंद्र भेजने का आदेश दिया। सात ही नियत तिथि पर आत्मसमर्पण करने के निर्देश दिए हैं। (संवाद)
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आबकारी अधिनियम मामले में फूलचंद्र को जमानत
चित्रकूट। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम सृष्टि शुक्ला ने आबकारी अधिनियम के तहत दर्ज मामले में आरोपी फूलचंद्र रैदास को शनिवार को जमानत प्रदान की है। यह मामला कर्वी कोतवाली क्षेत्र का है। इसमें वर्ष 2021 में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने आरोपी को निर्दोष बताया। अदालत ने पत्रावली का अवलोकन कर तथ्यों और परिस्थितियों के आधार पर जमानत का आधार पर्याप्त मानते हुए 20,000 रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र एवं समान धनराशि की एक जमानत पर रिहाई का आदेश दिया। (संवाद)