फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   There were 1000 conversations between middlemen and officials in two months.

Chitrakoot News: बिचौलियों व अफसरों में दो माह में 1000 बार हुई बात

Wed, 19 Nov 2025 11:52 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 19 Nov 2025 11:52 PM IST
विज्ञापन
There were 1000 conversations between middlemen and officials in two months.
सुधीर अग्रवाल
विज्ञापन

चित्रकूट। कोषागार घोटाला मामले में जांच टीम ने पेंशनर व बिचौलियों समेत विभागीय आरोपी अधिकारियों के फोन कॉल डिटेल निकाले हैं। पहले दिन इसमें सबसे ज्यादा तीन बिचौलियों की आरोपी अधिकारियों से दो माह में एक हजार बार बातचीत करने का डिटेल सामने आया है। एक बिचौलिए ने तो आरोपी एटीओ से एक माह में 207 बार फोन पर बातचीत हुई है।
जिले के कोषागार विभाग में 43.13 करोड़ के हुए घोटाला मामले में 99 आरोपी के खिलाफ कोतवाली में मामला दर्ज हुआ है। इसमें विभाग के एटीओ विकास सचान, एकाउंटेंट अशोक वर्मा(जेल में बंद), रिटायर्ड एटीओ अवधेश प्रताप सिंह(अग्रिम जमानत पर) व एटीओ संदीप श्रीवास्तव(अब मृत) शामिल हैं। कुल आरोपियों में 32 जेल में हैं।
विज्ञापन

कुल तीन करोड़ 60 लाख से अधिक की रिकवरी भी हो चुकी है। कई बार जांच में दो और एकाउंटेंट के नाम संदेह के घेरे में हैं। एसआईटी की जांच में बुधवार को खुलासा हुआ कि बिचौलियों के माध्यम से विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों ने पेंशनर तक पैठ बनाई। कई पेंशनरों से भी इन कर्मचारियों की सीधी सांठगांठ का खुलासा हो चुका है।
विज्ञापन
विज्ञापन

एसआईटी की जांच में एक और खुलासा हुआ कि तीन बिचौलिए दीपक पांडेय, अमृतलाल व रणविजय ऐसे मिले हैं जिनकी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से दो माह में एक हजार बार फोन पर बातचीत हुई है। इसमें रणविजय नामक बिचौलिए की एटीओ संदीप श्रीवास्तव(अब मृत) से 207 बार फोन पर बातचीत का रिकार्ड मिला है।
बिचौलियों में अमृतलाल के खाते में लगभग चार करोड़ रुपये मिले हैं। दीपक व रणविजय के खाते में मिलाकर लगभग पांच करोड़ मिले हैं। इसी से अंदाजा लगता है कि यह बिचौलिए इस घोटाले में कितने शातिर तरीके से शामिल थे।
इनकी विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से गहरी सांठगांठ थी। यह सब मिलकर पेंशनरों से उनके खाते से रुपये निकालकर लाते थे और विभागीय अधिकारियों तक एक निश्चित कमीशन काटने के बाद पहुंचाते थे।

एसआईटी प्रभारी अरविंद वर्मा व जांच अधिकारी अजीत पांडेय ने बताया कि कॉल डिटेल का अभी लंबा रिकार्ड है। बिचौलियों के अलावा कई पेंशनर भी ऐसे हैं जो सीधे आरोपी एटीओ व एकाउंटेंट के संपर्क में थे। इस रिकार्ड को लेकर संबधितों से पूछताछ भी की जा रही है। जिन तीन बिचौलियों का सबसे ज्यादा कॉल डिटेल मिला है
वह सब जेल में हैं। (संवाद)
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed