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Chitrakoot News: 20 हजार बच्चों के इलाज के लिए नहीं है कोई डाक्टर
Sun, 14 Sep 2025 12:44 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 14 Sep 2025 12:44 AM IST
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फोटो05सीकेटीपी-2- परिचय- हाईवे किनारे स्थित शिवरामपुर सीएचसी। संवाद
चित्रकूट। सात में से तीन सीएचसी में ही बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती है। चार सीएचसी क्षेत्र के 20 हजार बच्चों के परिजनों को उनके इलाज के लिए जिला अस्पताल के चक्कर लगाना पड़ता है। इससे बच्चों सहित तीमारदारों को भी परेशानी उठानी पड़ती है। वहीं विभाग ने कई बार विशेषज्ञ डाक्टरों की तैनाती के लिए पत्राचार किया, लेकिन कोई असर नहीं हुआ।
चित्रकूट में पहाड़ी, राजापुर, शिवरामपुर, मानिकपुर, रामनगर, रैपुरा व मऊ में सीएचसी हैं। इस क्षेत्र की लगभग दो लाख आबादी है। पूरे क्षेत्र में लगभग 20 हजार बच्चे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी में डाॅ रूबी पाल, राजापुर में डाॅ. आशीष कुमार व मानिकपुर में डाॅ. पुष्पेंद्र शर्मा की तैनाती है। वहीं मऊ, रामनगर, शिवरामपुर, रैपुरा सीएचसी में कई सालों से बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं है।
इससे क्षेत्र के बच्चों को बीमार होने पर जिला अस्पताल या फिर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब दो सौ से अधिक बच्चे इलाज कराने जाते हैं। वहीं कुछ बच्चे प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराते हैं। इससे बच्चों को लेकर आने में परिजनों का समय और रुपये दोनों बर्बाद होते हैं। आवागमन में भी परेशानी होती है। सदर विधायक अनिल प्रधान सहित क्षेत्रीय लोगों ने कई बार सीएसची में बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती की मांग की है। इसके बाद अभी तक तैनाती नहीं हुई है।
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जच्चा बच्चा केंद्र पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं
चित्रकूट। हाईवे किनारे की तीन सीएचसी में प्रसव केंद्र है, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है यह अटपटा लगता है। आखिर कैसे यहां पर प्रसव कार्य होते होंगे और इसके बाद कैसे बच्चों की देखरेख होती होगी। झांसी मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चित्रकूट जिले में मऊ, रामनगर,शिवरामपुर की सीएचसी प्रमुख हैं। इनमें राह चलते किसी बच्चे की तबीयत खराब होती है तो मरीज को लेकर तीमारदार को सीधे जिला अस्पताल ही रेफर किया जाता है। यहां बच्चों का इलाज नहीं हो पाता। ऐसे में यात्री व उसके परिवार को कई परेशानी का सामना करना पड़ता है। सपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अनुज यादव ने कहा कि बच्चों के विशेषज्ञ डॉक्टर सभी अस्पताल में होने चाहिए। इन अस्पतालोंं में अक्सर बच्चों का इलाज कराने के लिए तीमारदार भटकते हैं। हैरत की बात है कि इनमें जच्चा बच्चा केंद्र है और प्रसव कार्य भी होता है, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है।
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शासन से जितने डॉक्टर मिले हैं उनकी तैनाती कराई गई है। सात में तीन सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जो बच्चों को इलाज करते हैं। जल्द ही शिवरामपुर सीएचसी में भी डाक्टर आ जाएगें। अन्य सीएचसी में तैनाती के लिए लगातार शासन को पत्र भेजा जा रहा है। नए बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर आते ही तैनाती की जाएगी।
- डाॅ. भूपेश द्विवेदी, सीएमओ
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चित्रकूट में पहाड़ी, राजापुर, शिवरामपुर, मानिकपुर, रामनगर, रैपुरा व मऊ में सीएचसी हैं। इस क्षेत्र की लगभग दो लाख आबादी है। पूरे क्षेत्र में लगभग 20 हजार बच्चे हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी में डाॅ रूबी पाल, राजापुर में डाॅ. आशीष कुमार व मानिकपुर में डाॅ. पुष्पेंद्र शर्मा की तैनाती है। वहीं मऊ, रामनगर, शिवरामपुर, रैपुरा सीएचसी में कई सालों से बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती नहीं है।
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इससे क्षेत्र के बच्चों को बीमार होने पर जिला अस्पताल या फिर दूसरे शहरों में जाना पड़ता है। जिला अस्पताल में प्रतिदिन करीब दो सौ से अधिक बच्चे इलाज कराने जाते हैं। वहीं कुछ बच्चे प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराते हैं। इससे बच्चों को लेकर आने में परिजनों का समय और रुपये दोनों बर्बाद होते हैं। आवागमन में भी परेशानी होती है। सदर विधायक अनिल प्रधान सहित क्षेत्रीय लोगों ने कई बार सीएसची में बाल रोग विशेषज्ञों की तैनाती की मांग की है। इसके बाद अभी तक तैनाती नहीं हुई है।
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जच्चा बच्चा केंद्र पर बाल रोग विशेषज्ञ नहीं
चित्रकूट। हाईवे किनारे की तीन सीएचसी में प्रसव केंद्र है, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है यह अटपटा लगता है। आखिर कैसे यहां पर प्रसव कार्य होते होंगे और इसके बाद कैसे बच्चों की देखरेख होती होगी। झांसी मिर्जापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर चित्रकूट जिले में मऊ, रामनगर,शिवरामपुर की सीएचसी प्रमुख हैं। इनमें राह चलते किसी बच्चे की तबीयत खराब होती है तो मरीज को लेकर तीमारदार को सीधे जिला अस्पताल ही रेफर किया जाता है। यहां बच्चों का इलाज नहीं हो पाता। ऐसे में यात्री व उसके परिवार को कई परेशानी का सामना करना पड़ता है। सपा के प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य अनुज यादव ने कहा कि बच्चों के विशेषज्ञ डॉक्टर सभी अस्पताल में होने चाहिए। इन अस्पतालोंं में अक्सर बच्चों का इलाज कराने के लिए तीमारदार भटकते हैं। हैरत की बात है कि इनमें जच्चा बच्चा केंद्र है और प्रसव कार्य भी होता है, लेकिन बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है।
शासन से जितने डॉक्टर मिले हैं उनकी तैनाती कराई गई है। सात में तीन सीएचसी में बाल रोग विशेषज्ञ हैं। जो बच्चों को इलाज करते हैं। जल्द ही शिवरामपुर सीएचसी में भी डाक्टर आ जाएगें। अन्य सीएचसी में तैनाती के लिए लगातार शासन को पत्र भेजा जा रहा है। नए बाल रोग विशेषज्ञ डाक्टर आते ही तैनाती की जाएगी।
- डाॅ. भूपेश द्विवेदी, सीएमओ