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Chitrakoot News: फिर मंदाकिनी की दहाड़... फिर उभरे बाढ़ के जख्म

Sat, 26 Sep 2026 11:02 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Sat, 26 Sep 2026 11:02 PM IST
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Then the roar of the Mandakini... and the wounds of the floods reopened.
पवन सिंह
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चित्रकूट। पहाड़ी इलाकों व मध्य प्रदेश में लगातार तीन दिनों से हो रही बारिश की वजह से पहली बार मंदाकिनी एक सीजन में 10 बार खतरे के निशान के पार पहुंची है।
इस बाढ़ ने लोगों को ऐसे जख्म दिए जो अभी तक नहीं भर पाए। अब फिर से 22 दिन बाद मंदाकिनी खतरे के निशान पर पहुंच गई। ऐसे में बाढ़ के जख्म फिर से उभर रहे हैं।
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मंदाकिनी में दोपहर बाद जरूर जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई है, लेकिन बारिश बंद न होने से रात तक फिर से खतरे के निशान के पार जाने की उम्मीद जताई जा रही है। भगवान श्रीराम की तपोभूमि की जीवनदायिनी कही जाने वाली मंदाकिनी ने इस बार बाढ़ से ऐसा कहर मचाया है कि लोगों का जीवन अस्त व्यस्त हो गया है। मंदाकिनी में 14 अगस्त को धीरे-धीरे जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ था जो 19 अगस्त को खतरे के निशान 126.750 मीटर पहुंच गया था।
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20 अगस्त को यह 129.400 मीटर पहुंच गया। इसके बाद 27 अगस्त को 127.200 मीटर पहुंचा, लेकिन अगले दिन 28 अगस्त को फिर खतरे के निशान के नीचे आ गया था। 29 अगस्त की सुबह से फिर जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ, जो अब तक का सबसे बड़ा रिकार्ड 135.200 मीटर पहुंच गया था। इस जलस्तर में पहुंचने से पूरा जिला पानी पानी हो गया था।
रामघाट से लेकर सती अनुसुइया, स्फटिक शिला और जानकीकुंड जैसे पौराणिक स्थल सहित पुरानी लंका, कामदगिरि मार्ग, आरोग्यधाम, तराैंहा सहित नदी किनारे के दर्जनों गांव करीब करीब जलमग्न हो गए थे। इसी दिन बाढ़ में 50 साल पुराना मंदाकिनी का लंका तिराहा से हनुमान धारा जाने पुल बह गया।
बाढ़ में हजारों की संख्या में लोग फंस गए थे, जिन्हें सुरक्षित निकालने के लिए एसडीएआरएफ, एनडीआरएफ के साथ वायु सेना को भी रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा था। अब 25 सितंबर को फिर से मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा और रात आठ बजे खतरे के निशान के ऊपर 127.200 पर पहुंच गया। शनिवार दोपहर दो बजे तक बना रहा।

बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह ने बताया कि पहली बार एक सीजन में 10 बार मंदाकिनी खतरे के निशान के पार पहुंची है। जिससे पूरे जिलेवासी परेशान हो चुके हैं।
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