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इलाज के दौरान युवक की मौत
ब्यूरो, अमर उजाला चित्रकूट
Updated Tue, 01 Dec 2015 11:46 PM IST
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बुखार आने पर गांव के झोलाछाप डाक्टर से इलाज कराना परिजनों को महंगा पड़ गया। अस्पताल से घर आते ही युवक की मौत हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस अस्पताल पहुंची, लेकिन डाक्टर फरार हो चुका था। पुलिस ने वहां रखी दवाइयां कब्जे में ले ली है। उसके बाद शव का पंचनामा कराया गया।
घटना राजापुर थाना क्षेत्र के अर्की गांव की है। बताया गया कि चुनबाद (32) पुत्र भोंडी को सोमवार की सुबह तेज बुखार आया। परिजनों का आरोप है कि उसे सरधुआ के डाक्टर माद्रा बंगाली के क्लीनिक ले गए। परिजनों ने कहा कि इंजेक्शन लगाने के बाद उसे दवाएं खिलाई और थोड़ी देर बाद उसे घर ले आए।
घर आते ही युवक की हालत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों की सूचना पर शाम को राजापुर थानाध्यक्ष आरबी सिंह गांव पहुंचे। शव का पंचनामा कर डाक्टर के क्लीनिक पहुंचे तो डाक्टर फरार मिला। थानाध्यक्ष ने बताया कि क्लीनिक से कुछ दवाएं नमूने के तौर पर कब्जे में ले ली गई हैं।
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डाक्टर की तलाश की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की जानकारी होगी। आरोपी डाक्टर पर मामला दर्ज किया गया है।
मृतक चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके पिता व तीन भाइयों की पहले ही अन्य कारणों से मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद दो बहनों व मां हिरौधी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार बंगाली डाक्टर लगभग 12 वर्षों से सरधुआ में क्लीनिक चला रहा है। आस-पास सरकारी चिकित्सालय या कुशल प्राइवेट चिकित्सक न होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में यहीं इलाज कराते हैं।
इस मामले में सीएमओ डा.रामबहादुर सिंह ने बताया कि जहां से यह सूचना मिली है। वह चिकित्सक पंजीकृत नहीं है।
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घटना राजापुर थाना क्षेत्र के अर्की गांव की है। बताया गया कि चुनबाद (32) पुत्र भोंडी को सोमवार की सुबह तेज बुखार आया। परिजनों का आरोप है कि उसे सरधुआ के डाक्टर माद्रा बंगाली के क्लीनिक ले गए। परिजनों ने कहा कि इंजेक्शन लगाने के बाद उसे दवाएं खिलाई और थोड़ी देर बाद उसे घर ले आए।
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घर आते ही युवक की हालत बिगड़ गई। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों की सूचना पर शाम को राजापुर थानाध्यक्ष आरबी सिंह गांव पहुंचे। शव का पंचनामा कर डाक्टर के क्लीनिक पहुंचे तो डाक्टर फरार मिला। थानाध्यक्ष ने बताया कि क्लीनिक से कुछ दवाएं नमूने के तौर पर कब्जे में ले ली गई हैं।
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डाक्टर की तलाश की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की जानकारी होगी। आरोपी डाक्टर पर मामला दर्ज किया गया है।
मृतक चार भाइयों में तीसरे नंबर का था। उसके पिता व तीन भाइयों की पहले ही अन्य कारणों से मौत हो चुकी है। इस घटना के बाद दो बहनों व मां हिरौधी देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।
ग्रामीणों के अनुसार बंगाली डाक्टर लगभग 12 वर्षों से सरधुआ में क्लीनिक चला रहा है। आस-पास सरकारी चिकित्सालय या कुशल प्राइवेट चिकित्सक न होने के कारण ग्रामीण मजबूरी में यहीं इलाज कराते हैं।
इस मामले में सीएमओ डा.रामबहादुर सिंह ने बताया कि जहां से यह सूचना मिली है। वह चिकित्सक पंजीकृत नहीं है।