{"_id":"5751c09c4f1c1b8c49109149","slug":"the-performance-problems","type":"story","status":"publish","title_hn":"समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समस्याओं को लेकर प्रदर्शन किया
अमर उजाला ब्यूरो,चित्रकूट
Updated Fri, 03 Jun 2016 11:08 PM IST
विज्ञापन
कलेक्ट्रेट परिसर में ज्ञापन देने आए छिपनीबाहर खेड़ा के ग्रामीण।
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सदर तहसील के छिपनीबाहर खेड़ा के ग्रामीणों ने शुक्रवार को प्रदर्शन कर आवास, पेंशन व राशन की मांग की। इन्होंने कहा कि गांव को लोहिया समग्र विकास योजना में शामिल किया जाए। चौरा गांव के ग्रामीणों ने राशन सामग्री और शौचालय के लिए अनुदान न मिलने का आरोप लगाया।
शुक्रवार को छिपनी की चिरौंजी, नीतू, उमा, सुमित्रा, शिवप्यारी, विद्या, मैकी, जागी, लल्लू, सुभाष, रज्जी, बेसनिया व रेखा ने डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इन्हाेंने बताया कि गांव में पात्रों को लोहिया आवास नहीं मिल रहे हैं। शौचालय निर्माण के लिए फार्म भरने के बावजूद अनुदान नहीं मिला है। गांव को लोहिया समग्र ग्राम घोषित किया जाए। इसी गांव के देवनाथ, संपत पटेल, राजकरन व राजबहादुर ने बताया कि गांव के हैंडपंप रिबोर की स्थिति में हैं।
इससे पेयजल संकट है। हैंडपंपों को जल्द रिबोर कराए जाए। इसी प्रकार चौरा गांव की देवकी, सावित्री, गुलबिया, सुनीता और रनिया आदि ने बताया कि कोटेदार राशन सामग्री नहीं दे रहा है। इससे भरण पोषण में परेशानी होती है। आवेदन करने के बाद भी अब तक पेंशन नहीं मिली है।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को छिपनी की चिरौंजी, नीतू, उमा, सुमित्रा, शिवप्यारी, विद्या, मैकी, जागी, लल्लू, सुभाष, रज्जी, बेसनिया व रेखा ने डीएम कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इन्हाेंने बताया कि गांव में पात्रों को लोहिया आवास नहीं मिल रहे हैं। शौचालय निर्माण के लिए फार्म भरने के बावजूद अनुदान नहीं मिला है। गांव को लोहिया समग्र ग्राम घोषित किया जाए। इसी गांव के देवनाथ, संपत पटेल, राजकरन व राजबहादुर ने बताया कि गांव के हैंडपंप रिबोर की स्थिति में हैं।
विज्ञापन
इससे पेयजल संकट है। हैंडपंपों को जल्द रिबोर कराए जाए। इसी प्रकार चौरा गांव की देवकी, सावित्री, गुलबिया, सुनीता और रनिया आदि ने बताया कि कोटेदार राशन सामग्री नहीं दे रहा है। इससे भरण पोषण में परेशानी होती है। आवेदन करने के बाद भी अब तक पेंशन नहीं मिली है।
विज्ञापन