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‘शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की जरूरत’
ब्यूरो अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Fri, 12 Feb 2016 11:39 PM IST
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महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय की रजत जयंती पर शुक्रवार को कार्यशाला का आयोजन हुआ। नैक की ओर से आयोजित इस कार्यशाला के उद्घाटन पर अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय, रींवा के कुलपति प्रो. केएनएस यादव ने कहा कि पढ़ाई के सिस्टम में स्थायी शब्द का आ जाना ही शिक्षा की गुणवत्ता को गिराने का मुख्य कारण बन गया है। अन्य देशों की तरह संविदा की व्यवस्था को अपनाकर यहां भी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ बनाया जा सकता है।
ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से गुणवत्ता के लिए नैक के निर्धारित मापदंडो को अपनाया जाना चाहिए। आने वाले समय में नैक से ग्रेड प्राप्त करना आवश्यक हो गया है। इस विश्वविद्यालय को हाल ही में ए ग्रेड प्राप्त हुआ है।
विशिष्ट अतिथि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति प्रो. कपिलदेव मिश्र ने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय देश की शैक्षिक, सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र की किसी भी आवश्यकता को पूरा कर सकता है। यहां कुलसचिव डॉ. आनंद कुमार कांबले ,डॉ. डीपी राय, डॉ. आरसी सिंह, डॉ. देवेंद्र कुमार पांडेय, डॉ. वीरेंद्र कुमार व्यास, डॉ. शशिकांत त्रिपाठी, डॉ. आंजनेय पांडेय आदि मौजूद रहे।
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ग्रामोदय विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने बताया कि कार्यशाला के माध्यम से गुणवत्ता के लिए नैक के निर्धारित मापदंडो को अपनाया जाना चाहिए। आने वाले समय में नैक से ग्रेड प्राप्त करना आवश्यक हो गया है। इस विश्वविद्यालय को हाल ही में ए ग्रेड प्राप्त हुआ है।
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विशिष्ट अतिथि रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर के कुलपति प्रो. कपिलदेव मिश्र ने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय देश की शैक्षिक, सामाजिक एवं आर्थिक क्षेत्र की किसी भी आवश्यकता को पूरा कर सकता है। यहां कुलसचिव डॉ. आनंद कुमार कांबले ,डॉ. डीपी राय, डॉ. आरसी सिंह, डॉ. देवेंद्र कुमार पांडेय, डॉ. वीरेंद्र कुमार व्यास, डॉ. शशिकांत त्रिपाठी, डॉ. आंजनेय पांडेय आदि मौजूद रहे।
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