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Chitrakoot News: शक्ति की अराधना का महापर्व शुरु, भक्त मंदिरों में पहुंच दर्शन किया
Tue, 23 Sep 2025 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 23 Sep 2025 12:03 AM IST
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फोटो 22 सीकेटीपी-13 परिचय- नवरात्र पर राजापुर के देवी मंदिर में पूेजन करती महिलाएं व बच्चे। संव
- फोटो : शहर स्थित एक बाइक शोरूम में बाइक लेने के लिए जानकारी करते लोग।
चित्रकूट। शारदीय नवरात्र सोमवार से प्रारंभ हुआ। जिलेभर के देवी मंदिरों और पंडालों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। मां के प्रथम स्वरूप मां गौरी के दर्शन के लिए महिलाओं सहित बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे और विधिवत पूजन किया। शहर के कालीदेवी मंदिर के साथ मऊ, राजापुर, मानिकपुर, पहाड़ी, भरतकूप और शिवरामपुर के मंदिरों में अलसुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। मंत्रोच्चारण और घंटों की गूंज से वातावरण भक्ति में डूब गया। राजापुर के जलापा मंदिर में विशेष भीड़ रही।
लालापुर स्थित महार्षि वाल्मीकि आश्रम में नौ दिवसीय मेला आरंभ हुआ, जहां माता अशावर देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े। महंत भरत दास ने बताया कि यह मूर्ति माता सीता की मानी जाती है और इनके दर्शन से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
इस वर्ष जिले में कुल 1125 स्थानों पर नवरात्र पंडाल सजाए गए हैं। समितियों ने आकर्षक रोशनी और झांकियों से पंडालों को भव्य रूप दिया। कई स्थानों पर विद्युत झांकियों के माध्यम से मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप और रावण-दहन की झलक दिखाई गई। कहीं पुष्पों से सजे पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं तो कहीं रंग-बिरंगी सजावट मन मोह रही है।
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नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर घर-घर में कलश स्थापना की। ग्रामीण अंचलों में भी महिलाओं ने प्रातःकाल स्नान-ध्यान कर अखंड ज्योति प्रज्वलित की।
हालांकि, कई प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रही। कालीदेवी मंदिर में पुलिस कर्मी न होने से श्रद्धालुओं को भीड़ में धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भक्तों का उत्साह बरकरार रहा और नवरात्र पर्व आस्था और उल्लास के साथ प्रारंभ हो गया।
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लालापुर स्थित महार्षि वाल्मीकि आश्रम में नौ दिवसीय मेला आरंभ हुआ, जहां माता अशावर देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालु उमड़े। महंत भरत दास ने बताया कि यह मूर्ति माता सीता की मानी जाती है और इनके दर्शन से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
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इस वर्ष जिले में कुल 1125 स्थानों पर नवरात्र पंडाल सजाए गए हैं। समितियों ने आकर्षक रोशनी और झांकियों से पंडालों को भव्य रूप दिया। कई स्थानों पर विद्युत झांकियों के माध्यम से मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूप और रावण-दहन की झलक दिखाई गई। कहीं पुष्पों से सजे पंडाल श्रद्धालुओं को आकर्षित कर रहे हैं तो कहीं रंग-बिरंगी सजावट मन मोह रही है।
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नवरात्र के पहले दिन श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर घर-घर में कलश स्थापना की। ग्रामीण अंचलों में भी महिलाओं ने प्रातःकाल स्नान-ध्यान कर अखंड ज्योति प्रज्वलित की।
हालांकि, कई प्रमुख मंदिरों में सुरक्षा व्यवस्था कमजोर रही। कालीदेवी मंदिर में पुलिस कर्मी न होने से श्रद्धालुओं को भीड़ में धक्का-मुक्की का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद भक्तों का उत्साह बरकरार रहा और नवरात्र पर्व आस्था और उल्लास के साथ प्रारंभ हो गया।

फोटो 22 सीकेटीपी-13 परिचय- नवरात्र पर राजापुर के देवी मंदिर में पूेजन करती महिलाएं व बच्चे। संव- फोटो : शहर स्थित एक बाइक शोरूम में बाइक लेने के लिए जानकारी करते लोग।