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Chitrakoot News: डिजिटल इंडिया का सपना अधूरा, केवल चार ग्राम पंचायतों में फोर-जी

Sat, 17 Jan 2026 01:00 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Sat, 17 Jan 2026 01:00 AM IST
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The dream of Digital India is incomplete, only four Gram Panchayats have 4G
फोटो-06-बीएसएनएल का फोर जी टॉवर। संवाद
चित्रकूट। धार्मिक और आध्यात्मिक नगरी के रूप में विख्यात चित्रकूट में डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में किए जा रहे प्रयास अब तक अधूरे साबित हो रहे हैं। कुल 339 ग्राम पंचायतों में से मात्र चार ग्राम पंचायतों में ही फोर-जी नेटवर्क की सुविधा उपलब्ध हो पाई है। इस गंभीर कमी के कारण विकास की गति धीमी पड़ रही है और ग्रामीण क्षेत्रों में इंटरनेट की यह अनुपलब्धता सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में एक बड़ी बाधा बन गई है।
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अधिकांश गांवों में आज भी केवल टू-जी नेटवर्क की कनेक्टिविटी है। इस स्थिति के कारण न केवल आम नागरिक बल्कि सरकारी कर्मचारी भी विभिन्न डिजिटल सेवाओं का लाभ उठाने में असमर्थ हैं। ऑनलाइन शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, बैंकिंग और सरकारी योजनाओं के लिए आवेदन जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं इन वंचित गांवों के लोगों तक नहीं पहुंच पा रही हैं। हालांकि, फोर-जी नेटवर्क को गांवों में स्थापित करने के लिए भारतीय दूरसंचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) प्रयास कर रहा है लेकिन इसकी गति अत्यंत सुस्त है। चित्रकूट जनपद में केवल चार गांव, कर्का पड़रिया, गोबरई, रानीपुर और कल्याणपुर गर्त में ही बीएसएनएल के फोर-जी टॉवर लग पाए हैं। शेष गांवों में या तो नेटवर्क बेहद कमजोर है या फिर पूरी तरह अनुपस्थित है।
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नेटवर्क की कमी के चलते ग्रामीणों को मोबाइल कॉल, इंटरनेट, ऑनलाइन पढ़ाई, सरकारी योजनाओं की जानकारी और अन्य डिजिटल सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। शासन द्वारा गांवों में डिजिटल लाइब्रेरी, ऑनलाइन शिक्षा, ई-गवर्नेंस और अन्य डिजिटल सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं। परंतु, मोबाइल नेटवर्क के अभाव में ये योजनाएं केवल कागजों तक ही सीमित होकर रह गई हैं। सरैया गांव के निवासी राजेश पाठक, राहुल सिंह और विष्णु दयाल ने बताया कि नेटवर्क की अनुपलब्धता के कारण बच्चों की पढ़ाई पर असर पड़ रहा है।
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बीएसएनएल जेटीओ विवेक अग्रवाल ने बताया कि जिले के जिन ग्राम पंचायतों में किसी दूसरी कंपनी का टॉवर नहीं है, वहां टॉवर लगाए जा रहे हैं। साथ ही सर्वे कराकर सभी ग्राम पंचायतों को बीएसएनएल का फोर-जी नेटवर्क पहुंचाया जाएगा। उपभोक्ताओं को बेहतर नेटवर्क देने का लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
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