{"_id":"72255233edfe8ca7ea3480dec0b4e8a1","slug":"the-crops-lifesaving-rain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश ने दी फसलों को संजीवनी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश ने दी फसलों को संजीवनी
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Thu, 01 Jan 2015 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नए साल के पहले ही दिन इंद्र देव ने किसानों को तोहफा
विज्ञापन
दिया। झमाझम बारिश से खेत सराबोर हो गए। बारिश से खुश किसानों ने कहा यह
पानी रबी की फसल के लिए अमृत है।
अब फसलें हरी-भरी होकर तेजी से बढ़ेंगी। सिंचित खेत को तो फायदा होगा ही, असिंचित फसलों के लिए संजीवनी का कार्य करेगा। आसमान में पिछले दो-तीन दिन से बादल छाये थे।
किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। रात में बारह बजे के बाद जैसे ही नए साल का आगाज हुआ, बादल उमड़ घुमड़ कर बरसने लगे। इतना ही नहीं बारिश अगले चौबीस घंटे तक बदस्तूर जारी रही। किसानों का कहना है कि यह बारिश फसल के लिए अमृत है।
राजापुर प्रतिनिधि के मुताबिक इलाके में जोरदार बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरों खिल गए। चना, मटर, अरहर, मसूर, सरसों को तो बहुत ही लाभ होगा। हुदहुद के पानी से जिन किसानों ने खेत का पलेवा किया था, उन असिंचित जगहों की फसल के लिए यह बारिश बहुत ही फायदेमंद है।
उन फसलों में, जिसमें फूल आ चुके हैं, फल जल्द लगेंगे। सिंचाई की अब ज्यादा जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि जमीन तर हो गई है। सब्जी किसानों के लिए भी यह बारिश बहुत लाभकारी है।
राजापुर प्रतिनिधि के मुताबिक किसानों ने बारिश को नए साल तोहफा बताया। विनोद कुमार तिवारी, महेंद्र, पवन कुमार, रामबाबू, भूषण ने कहा कि यह बारिश गेहूं के लिए जबर्दस्त फायदेमंद है।
चने की फसल को भी फायदा होगा। अरहर की फसल में पाला नहीं लगेगा। फसल थोड़ा पहले हो सकती है। नववर्ष के पहले दिन सुबह से ही बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।
अब फसलें हरी-भरी होकर तेजी से बढ़ेंगी। सिंचित खेत को तो फायदा होगा ही, असिंचित फसलों के लिए संजीवनी का कार्य करेगा। आसमान में पिछले दो-तीन दिन से बादल छाये थे।
किसान बारिश का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। रात में बारह बजे के बाद जैसे ही नए साल का आगाज हुआ, बादल उमड़ घुमड़ कर बरसने लगे। इतना ही नहीं बारिश अगले चौबीस घंटे तक बदस्तूर जारी रही। किसानों का कहना है कि यह बारिश फसल के लिए अमृत है।
राजापुर प्रतिनिधि के मुताबिक इलाके में जोरदार बारिश हुई। इससे किसानों के चेहरों खिल गए। चना, मटर, अरहर, मसूर, सरसों को तो बहुत ही लाभ होगा। हुदहुद के पानी से जिन किसानों ने खेत का पलेवा किया था, उन असिंचित जगहों की फसल के लिए यह बारिश बहुत ही फायदेमंद है।
उन फसलों में, जिसमें फूल आ चुके हैं, फल जल्द लगेंगे। सिंचाई की अब ज्यादा जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि जमीन तर हो गई है। सब्जी किसानों के लिए भी यह बारिश बहुत लाभकारी है।
राजापुर प्रतिनिधि के मुताबिक किसानों ने बारिश को नए साल तोहफा बताया। विनोद कुमार तिवारी, महेंद्र, पवन कुमार, रामबाबू, भूषण ने कहा कि यह बारिश गेहूं के लिए जबर्दस्त फायदेमंद है।
चने की फसल को भी फायदा होगा। अरहर की फसल में पाला नहीं लगेगा। फसल थोड़ा पहले हो सकती है। नववर्ष के पहले दिन सुबह से ही बारिश होने से तापमान में गिरावट दर्ज की गई।