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टीचर बनी डीएम की क्लास के बच्चे फेल
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Tue, 08 Nov 2016 11:43 PM IST
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प्राथमिक विद्यालय में छात्रा को पढ़ाती डीएम मोनिका रानी।
- फोटो : अमर उजाला
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मंगलवार को जिलाधिकारी ने अपने गोद लिए गांव के स्कूल में शिक्षिका की भूमिका निभाई। हालांकि उनके पूछे गए कई सवालों का तमाम बच्चे जवाब नहीं दे पए। जिस पर संबधित शिक्षकों को शिक्षण कार्य में लापरवाही न करने की नसीहत दी।
सदर ब्लाक के चितरा गोकुलपुर गांव में जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बच्चों को काजू किशमिश बांटा। प्राथमिक विद्यालय के छात्रों की उपस्थिति पंजिका को देखा। जिसमें 184 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण पाया गया।
जिसमें कक्षा एक में 28 बच्चे पंजीकृत के सापेक्ष 15, कक्षा दो में 40 के सापेक्ष 22, कक्षा तीन में 37 के सापेक्ष 19, कक्षा चार में 38 के सापेक्ष 15 और कक्षा पांच में 41 के सापेक्ष 17 बच्चे उपस्थित पाये गये।।
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उन्होंने अध्यापकों को निर्देश दिया कि पठन-पाठन में रूचि लेकर बच्चों को पढ़ाया जाय। जिससे शत प्रतिशत बच्चों को अंग्रेजी, गणित विषयों की जानकारी हो सके। खुद चाक डस्टर लेकर डीएम ने छात्रों को पढ़ाना शुरू किया।
ब्लैक बोर्ड में गणित के जोड़, घटाना को कुछ छात्र सही तरीके से नहीं कर पाए तो नाराज डीएम ने कहा कि दोबारा निरीक्षण के दौरान पूछे जाने वाले सवालों का उत्तर शत प्रतिशत बच्चों को हो जाना चाहिए।
ऐसा न होने पर यहां से हटाकर मानिकपुर के दूर दराज के गांव में नियुक्त करने के निर्देशित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह में बच्चों के उपस्थित पंजिका के कालम में उनके रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित करने के निर्देश दिये।
इसके बाद उन्होंने चितरा गोकुलपुर आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षणकर गर्भवती एवं किशोरी व बच्चों की उपस्थिति पंजिका को देखा। जिसमें 3 वर्ष से 6 वर्ष के 66 बच्चे, 7 माह से 3 वर्ष के 106 बच्चे, गर्भवती 18, धात्री 25 एवं किशोरी 45 पंजीकृत मिलीं।
इस दौरान जिला पूर्ति अधिकारी सुनील पुष्कर, ए.आर.ओ. डी.पी.विश्वकर्मा,जिला कार्यक्त्रस्म अधिकारी सीमांत श्रीवास्तव, ग्राम प्रधान ,लेखपाल व कोटेदार मौजूद रहे।
सदर ब्लाक के चितरा गोकुलपुर गांव में जिलाधिकारी मोनिका रानी ने बच्चों को काजू किशमिश बांटा। प्राथमिक विद्यालय के छात्रों की उपस्थिति पंजिका को देखा। जिसमें 184 छात्र-छात्राओं का पंजीकरण पाया गया।
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जिसमें कक्षा एक में 28 बच्चे पंजीकृत के सापेक्ष 15, कक्षा दो में 40 के सापेक्ष 22, कक्षा तीन में 37 के सापेक्ष 19, कक्षा चार में 38 के सापेक्ष 15 और कक्षा पांच में 41 के सापेक्ष 17 बच्चे उपस्थित पाये गये।।
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उन्होंने अध्यापकों को निर्देश दिया कि पठन-पाठन में रूचि लेकर बच्चों को पढ़ाया जाय। जिससे शत प्रतिशत बच्चों को अंग्रेजी, गणित विषयों की जानकारी हो सके। खुद चाक डस्टर लेकर डीएम ने छात्रों को पढ़ाना शुरू किया।
ब्लैक बोर्ड में गणित के जोड़, घटाना को कुछ छात्र सही तरीके से नहीं कर पाए तो नाराज डीएम ने कहा कि दोबारा निरीक्षण के दौरान पूछे जाने वाले सवालों का उत्तर शत प्रतिशत बच्चों को हो जाना चाहिए।
ऐसा न होने पर यहां से हटाकर मानिकपुर के दूर दराज के गांव में नियुक्त करने के निर्देशित किया जायेगा। उन्होंने कहा कि प्रत्येक माह में बच्चों के उपस्थित पंजिका के कालम में उनके रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित करने के निर्देश दिये।
इसके बाद उन्होंने चितरा गोकुलपुर आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षणकर गर्भवती एवं किशोरी व बच्चों की उपस्थिति पंजिका को देखा। जिसमें 3 वर्ष से 6 वर्ष के 66 बच्चे, 7 माह से 3 वर्ष के 106 बच्चे, गर्भवती 18, धात्री 25 एवं किशोरी 45 पंजीकृत मिलीं।
इस दौरान जिला पूर्ति अधिकारी सुनील पुष्कर, ए.आर.ओ. डी.पी.विश्वकर्मा,जिला कार्यक्त्रस्म अधिकारी सीमांत श्रीवास्तव, ग्राम प्रधान ,लेखपाल व कोटेदार मौजूद रहे।