{"_id":"69e7d0f111fc31f0830bb74a","slug":"the-canal-of-the-42-year-old-bardaha-dam-will-be-repaired-benefiting-more-than-nine-thousand-farmers-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1007-129990-2026-04-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: 42 साल पुराने बरदहा बांध की नहर होगी दुरुस्त, नौ हजार से अधिक किसानों को लाभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: 42 साल पुराने बरदहा बांध की नहर होगी दुरुस्त, नौ हजार से अधिक किसानों को लाभ
Wed, 22 Apr 2026 01:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 22 Apr 2026 01:03 AM IST
विज्ञापन
फोटो 21 सीकेटीपी-14-नहर का निरीक्षण करते अधिकारी-विभाग।
- फोटो : 1
चित्रकूट। ब्लॉक मानिकपुर में स्थित बरदहा बांध से निकलने वाली मुख्य नहर अब फिर से किसानों के लिए जीवनदायिनी बनने जा रही है। 1984 में बने इस बांध की नहर लंबे समय से पूरी क्षमता से संचालित नहीं हो पा रही थी। इससे सिंचाई का संकट रहता था। अब फिर से मरम्मत व निर्माण कार्य शुरू किए गए हैं। इससे करीब नौ हजार किसानों को फायदा मिलेगा।
बरदहा बांध की नहर का वर्ष 2024 में पुनर्स्थापना कार्य की शुरुआत कर दी गई है। करीब 11.4 किमी लंबी इस नहर का हेड डिस्चार्ज 35 क्यूसेक है, लेकिन वर्तमान में यह केवल एक किमी तक ही संचालित हो पा रही थी। इसी समस्या को दूर करने के लिए कार्य योजना तैयार की गई। परियोजना में 14 पक्के निर्माण कार्यों का जीर्णोद्धार, 8 पाइप ड्रेनेज क्रॉसिंग, 3 वीआरबी (वेंटेड रेगुलेटर ब्रिज) और 5 नई ड्रेनेज क्रॉसिंग के काम होने हैं। पूरी नहर को दुरुस्त कर फिर से चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। लघु सिंचाई के अधिशाषी अभियंता एसके प्रसाद ने निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया और नवंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद करीब 1635 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित हो सकेगी और 12 गांवों के लगभग 9 हजार लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बताया कि इसके साथ ही योजना में छेरिहा बंधी, बराह माफी टैंक, रामपुर कल्याण गढ़ टैंक और जरेरा टैंक को फीडर चैनल के जरिए भरा जाएगा। इससे इन जलाशयों का जलस्तर बेहतर होगा और आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी।
विज्ञापन
बरदहा बांध की नहर का वर्ष 2024 में पुनर्स्थापना कार्य की शुरुआत कर दी गई है। करीब 11.4 किमी लंबी इस नहर का हेड डिस्चार्ज 35 क्यूसेक है, लेकिन वर्तमान में यह केवल एक किमी तक ही संचालित हो पा रही थी। इसी समस्या को दूर करने के लिए कार्य योजना तैयार की गई। परियोजना में 14 पक्के निर्माण कार्यों का जीर्णोद्धार, 8 पाइप ड्रेनेज क्रॉसिंग, 3 वीआरबी (वेंटेड रेगुलेटर ब्रिज) और 5 नई ड्रेनेज क्रॉसिंग के काम होने हैं। पूरी नहर को दुरुस्त कर फिर से चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। लघु सिंचाई के अधिशाषी अभियंता एसके प्रसाद ने निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया और नवंबर तक काम पूरा करने के निर्देश दिए। बताया कि परियोजना पूरी होने के बाद करीब 1635 हेक्टेयर अतिरिक्त भूमि सिंचित हो सकेगी और 12 गांवों के लगभग 9 हजार लोगों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। बताया कि इसके साथ ही योजना में छेरिहा बंधी, बराह माफी टैंक, रामपुर कल्याण गढ़ टैंक और जरेरा टैंक को फीडर चैनल के जरिए भरा जाएगा। इससे इन जलाशयों का जलस्तर बेहतर होगा और आसपास के क्षेत्रों में भूजल स्तर में भी वृद्धि होगी।
विज्ञापन