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बाढ़ से दस हजार बीघे की फसल पानी में डूबी
बाढ़ से दस हजार बीघे की फसल पानी में डूबी
Updated Tue, 11 Sep 2018 11:24 PM IST
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राजापुर में यमुना नदी के उफान के बाद डूबी तिल की फसल
- फोटो : amarujala
अमर उजाला ब्यूरो
राजापुर/मऊ। यमुना नदी में आयी बाढ़ से 10 हजार बीघे से अधिक की खेती जलमग्न हो गई। दर्जनों गांव के आसपास नदी का पानी भरा हुआ है। मऊ क्षेत्र में मवई कला बरवारा संपर्क मार्ग सहित कई-कई अन्य मार्गों में आवागमन बंद हो गया। नाव के सहारे ग्रामीण आने जाने को मजबूर हैं। छात्रों को इसी के सहारे स्कूल कालेज जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यमुना नदी में तीन दिन से बाढ़ आने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों की कोई सुध नहीं ले रहे हैं। ऋिषियन ट्रस्ट सेवा के सदस्यगण नाव से ग्रामीणों को पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।
राजापुर क्षेत्र के तीन दर्जन गांव यमुना नदी के किनारे बसे हुए हैं। नदी में बाढ़ आने से किनारे के खेतों में जलभराव हो गया। बताया जा रहा है कि 10 हजार बीघे की खेती नदी के पानी से जलमग्न हो गई है। इससे धान, ज्वार, तिल, बाजारा आदि की फसल नष्ट हो गई है। नदी के किनारे बसे गांव चिल्लीमल, विलास, तीर, धुमाई, नैनी, बिहरवा, बकटा, खुर्द, हस्ता, देवारी, सुरवल, खोपा, भदेदू, व आदि गांव प्रभावित हैं। जिससे भदेदू गांव के किसान राम किशोर पांडेय ने बताया कि ज्यादातर किसानों के खेत यमुना नदी के किनारे बसे हैं। नदी में बाढ़ आने से फसले डूब गई हैं।
सड़कों पर भरा पानी, गांवों से संपर्क टूटा
मऊ। यमुना नदी के बाढ़ का प्रभाव मऊ क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक गांव में है। सड़कों पर जल भराव हो जाने से गांवों का आपस में जन संपर्क टूट गया है। नाव के सहारे ग्रामीण आने-जाने को मजबूर हैं। मंगलवार को मवई कला बरवारा संपर्क मार्ग में बने नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने से आवागमन बाधित हो गया है। मऊ क्षेत्र का परदावा मार्ग, में भी जल भराव हो गया है। जिससे ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी हो रही है। नदी किनारे फसलें भी जलमग्न हो गई हैं।
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मऊ क्षेत्र में यमुना किनारे मनकुवार, मंडौर, शेषाशुभकारा, तिलौली, चित्ररा, पूरब पताई, परदवा, घुरेहटा, व मऊ, ताड़ी वियावल, बकरही आदि गांव पड़ते हैं। बुधवार को मवई कला बरवारा संपर्क मार्ग के पास स्थित यमुना नदी में बने पुल के ऊपर नदी का पानी बहने से हालात अधिक खराब हो गए। मवई कला बरवारा संपर्क मार्ग में आवागमन बंद है। इसी तरह से परदवां मार्ग में भी जलभराव होने से समस्या का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान राजेश्वर प्रसाद अंजनी, कमलाकार, रामप्रकाश निषाद, सत्यम, राकेश, शिवभवन त्रिपाठी, विजय पांडेय आद ने बताया कि नदी में बाढ़ आने से फसलें नष्ट हो रही है। रास्ता बाधित हो गया है। इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं आ रहे है। जहां भी सड़कों में जल भराव है वहां पर स्टीमर की व्यवस्था की जाए।
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राजापुर/मऊ। यमुना नदी में आयी बाढ़ से 10 हजार बीघे से अधिक की खेती जलमग्न हो गई। दर्जनों गांव के आसपास नदी का पानी भरा हुआ है। मऊ क्षेत्र में मवई कला बरवारा संपर्क मार्ग सहित कई-कई अन्य मार्गों में आवागमन बंद हो गया। नाव के सहारे ग्रामीण आने जाने को मजबूर हैं। छात्रों को इसी के सहारे स्कूल कालेज जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि यमुना नदी में तीन दिन से बाढ़ आने के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी ग्रामीणों की कोई सुध नहीं ले रहे हैं। ऋिषियन ट्रस्ट सेवा के सदस्यगण नाव से ग्रामीणों को पहुंचाने में मदद कर रहे हैं।
राजापुर क्षेत्र के तीन दर्जन गांव यमुना नदी के किनारे बसे हुए हैं। नदी में बाढ़ आने से किनारे के खेतों में जलभराव हो गया। बताया जा रहा है कि 10 हजार बीघे की खेती नदी के पानी से जलमग्न हो गई है। इससे धान, ज्वार, तिल, बाजारा आदि की फसल नष्ट हो गई है। नदी के किनारे बसे गांव चिल्लीमल, विलास, तीर, धुमाई, नैनी, बिहरवा, बकटा, खुर्द, हस्ता, देवारी, सुरवल, खोपा, भदेदू, व आदि गांव प्रभावित हैं। जिससे भदेदू गांव के किसान राम किशोर पांडेय ने बताया कि ज्यादातर किसानों के खेत यमुना नदी के किनारे बसे हैं। नदी में बाढ़ आने से फसले डूब गई हैं।
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सड़कों पर भरा पानी, गांवों से संपर्क टूटा
मऊ। यमुना नदी के बाढ़ का प्रभाव मऊ क्षेत्र के तीन दर्जन से अधिक गांव में है। सड़कों पर जल भराव हो जाने से गांवों का आपस में जन संपर्क टूट गया है। नाव के सहारे ग्रामीण आने-जाने को मजबूर हैं। मंगलवार को मवई कला बरवारा संपर्क मार्ग में बने नदी के पुल के ऊपर से पानी बहने से आवागमन बाधित हो गया है। मऊ क्षेत्र का परदावा मार्ग, में भी जल भराव हो गया है। जिससे ग्रामीणों को आने जाने में परेशानी हो रही है। नदी किनारे फसलें भी जलमग्न हो गई हैं।
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मऊ क्षेत्र में यमुना किनारे मनकुवार, मंडौर, शेषाशुभकारा, तिलौली, चित्ररा, पूरब पताई, परदवा, घुरेहटा, व मऊ, ताड़ी वियावल, बकरही आदि गांव पड़ते हैं। बुधवार को मवई कला बरवारा संपर्क मार्ग के पास स्थित यमुना नदी में बने पुल के ऊपर नदी का पानी बहने से हालात अधिक खराब हो गए। मवई कला बरवारा संपर्क मार्ग में आवागमन बंद है। इसी तरह से परदवां मार्ग में भी जलभराव होने से समस्या का सामना ग्रामीणों को करना पड़ रहा है। स्कूल जाने वाले छात्र-छात्राओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। किसान राजेश्वर प्रसाद अंजनी, कमलाकार, रामप्रकाश निषाद, सत्यम, राकेश, शिवभवन त्रिपाठी, विजय पांडेय आद ने बताया कि नदी में बाढ़ आने से फसलें नष्ट हो रही है। रास्ता बाधित हो गया है। इसके बाद भी प्रशासनिक अधिकारी नहीं आ रहे है। जहां भी सड़कों में जल भराव है वहां पर स्टीमर की व्यवस्था की जाए।