चित्रकूट। विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रही हड़ताल का दूसरे दिन खासा असर दिखा। कई फीड़रों की लाइट गायब होने से सैकड़ों गांव में बिजली की आपूर्ति बाधित है।
विद्युत विभाग के अभियंताओं व विद्युत कर्मियों का हड़ताल के समर्थन में शहर के धुसमैदान स्थित बिजली विभाग के कार्यालय में धरना जारी रहा। डीएम शेषमणि पांडेय, एसपी अंकित मित्तल व अपर एसपी पीएस पांडेय सहित एसडीएम सहित अन्य अधिकारी पावर हाउस सहित फीडरों का खुद निरीक्षण कर रहे हैं।
विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रही हड़ताल में जिले के शहर राजापुर, बरगढ़, भौरी, सहित अन्य ग्रामीण क्षेत्रों में खासा असर रहा। शहर के धुसमैदान स्थित 33 केवी पावर हाउस जिससे पाठा जलकल योजना सहित शहर के जल संस्थान के पंप चलते है। सोमवार की रात्रि 11 बजकर 30 मिनट से बंद है। जिससे मंगलवार की सुबह पानी की आपूर्ति शहर व ग्रामीण क्षेत्रों में नहीं हुई। मजबूरी में हैंडपंप से पानी भरना पड़ा। इसी तरह शहर के वनकट स्थित पावर हाउस में शहर के फीडरों सहित कई ग्रामीण फीड़रों में आपूर्ति दोपहर को बंद थी। तीन बजे के बाद आपूर्ति शुरू होने से राहत की संास मिली। एसडीएम रामप्रकाश पावर हाउस सहित अन्य फीडरों का निरीक्षण कर जानकारी ली।