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ठोकिया के गांव खंभरिहा में सन्नाटा

Thu, 30 Jun 2022 11:54 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 30 Jun 2022 11:54 PM IST
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Silence in Thokia's village Khambhariha
बांदा: फैसला सुनने के लिए अदालत परिसर में मौजूद दोषी डकैतों के परिजन। (संवाद) - फोटो : BANDA
चित्रकूट। ठोकिया उर्फ अंबिका पटेल के गैंग के 13 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाए जाने की गूंज बांदा से चित्रकूट के बीहड़ तक पहुंची। लगभग 20 साल बाद एक बार फिर से भरतकूप से सटे क्षेत्र के बीहड़ में बसे गांवों में याद ताजा हो गई है। दबी जुबान में ग्रामीण कहते रहे कि जैसी करनी वैसी भरनी। वहीं, सजा पाने वाले परिवार के सदस्यों में भी गम देखा गया। डाकू ठोकिया के गांव खंभरिहा में सन्नाटा छाया रहा। पुलिस भी भरतकूप क्षेत्र में अधिक सतर्क रही।
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सजा पाने वालों में चित्रकूट जिले के खोह निवासी शिवमूरत, खंभरिहा निवासी जुगुल किशोर व शिवनरेश, घुरेटनपुर निवासी नत्थू और नयागांव पौशला निवासी देवशरण के परिजनों की निगाहें गुरुवार को सुबह से लेकर शाम तक बांदा के अदालत के फैसले की ओर लगी रहीं। दोपहर को फैसला आते ही उनके चेहरे लटक गए। सभी परिजनों को उम्मीद थी उन्हें कम सजा होगी लेकिन आजीवन कैद की सजा मिलने पर मायूस हुए। इनके घरों में देर शाम तक शोक जैसा माहौल रहा।
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जिले के भरतकूप क्षेत्र से सटे बांदा जिले के फतेहगंज के थाना क्षेत्र के बघोलन तिराहे के पास 22 जुलाई 2007 को दस्यु ठोकिया उर्फ अंबिका पटेल से हुई मुठभेड़ में ठोकिया का एक सदस्य मारा गया था। उसी का शव लेकर एसटीएफ के जवान आ रहे थे। जब वह बघोलन तिराहे के पास से गुजर रहे थे। उसी दौरान डाकू ठोकिया पहले से ही घात लगाए मिट्टी के टीले में बैठे थे। जिन्होंने गोलिया से हमला किया था। इससे एसटीएफ के जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद क्षेत्र में खासी दहशत थी। गुरुवार को आरोपियों को सजा मिलने के बाद इस क्षेत्र में खासी चर्चा रही।
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कड़ी सुरक्षा में लौटे 12 सजायाफ्ता डाकू
चित्रकूट। इस कांड से जुडे़ 12 आरोपी जिले के रगौली जेल में बंद हैं। गुरुवार को इन सबको कड़ी सुरक्षा में बांदा भेजा गया। देर शाम लगभग पौने आठ बजे यह सब बांदा से लौटे तो सबके चेहरे लटके हुए थे। रगौली के रास्ते पर परिजन इनको देखने के लिए खडे़ रहे और कुछ लोगों ने पुलिस वाहन को देखकर नाम लेकर आवाज भी लगाई, लेकिन कैदी वाहन से बाहर देखने की इन आरोपियों की हिम्मत नहीं पड़ी। जेल अधीक्षक अशोक कुमार सागर ने बताया कि इन सभी 12 सजायाफ्ता डाकुओं को उनके पहले के ही बैरक में रखा गया है। इनका मेडिकल परीक्षण कराकर अदालत के आदेशानुसार कार्रवाई होगी।
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