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कलयुग के श्रवण कुमार: माता पिता ने जाहिर की तीर्थस्थलों के दर्शन की इच्छा, डोली में बैठा कराए दर्शन
Fri, 04 Oct 2019 09:55 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
यूपी डेस्क, अमर उजाला, चित्रकूट
Published by: प्रभापुंज मिश्रा
Updated Fri, 04 Oct 2019 09:55 PM IST
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कलयुग का श्रवण कुमार
- फोटो : अमर उजाला
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21 वीं सदी में वेद पुराण के अनुसार चल रहे कलयुग में भी श्रवण कुमार जैसे पुत्र हैं जो अपने माता पिता की इच्छापूरी करने लिए उन्हें डोली में बैठाकर अपने कंधे के सहारे तीर्थस्थलों के दर्शन करा रहे हैं। चित्रकूट के पड़ोसी जनपद कौशांबी निवासी सूबेदार राजपूत ने कुछ ऐसा ही कर सबको आश्चर्य में डाल दिया।
वह पैदल यात्रा कर माता-पिता को भगवान कामदनाथ के दर्शन कराने के लिए चित्रकूट पहुंचे। माता-पिता को भगवान कामदनाथ के दर्शन भी कराय। जिस पर उसके कार्य की श्रद्धालुओं ने सराहना की।
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वह पैदल यात्रा कर माता-पिता को भगवान कामदनाथ के दर्शन कराने के लिए चित्रकूट पहुंचे। माता-पिता को भगवान कामदनाथ के दर्शन भी कराय। जिस पर उसके कार्य की श्रद्धालुओं ने सराहना की।
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कौशांबी जिले के सिराथू के गाव हटवा रामपुर मंहुकी निवासी सूबेदार राजपूत अपने वृद्ध माता रामकली व पिता भीमसेन की इच्छा पूरी करने के लिए चित्रकूट में भगवान कामतानाथ के दर्शन कराने के लिए डोली में बैठाकर अपने कंधे के सहारे ही लगभग 150 किमी की पद यात्रा कर शुक्रवार को चित्रकूट पहुंचे।
जब वह आने माता-पिता को डोली में बैठकर गलियों से जा रहा थे तो कई श्रद्धालुओं पुण्य कमाने के लिए डोली को सहारा देने का प्रयास किया। सूबेदार ने बताया कि उनके पिता की इच्छा थी कि बेटा इसी तरह चित्रकूट ले जाकर भगवान के दर्शन कराए।
पिता की इच्छा पूरी करने के लिए यह किया। वह नवरात्र के पहले दिन गांव से चले थे। इस दौरान कई लोगों ने उसका हौसला भी बढ़ाया। अब दशहरे के पहले गांव लौट जाएंगे।
जब वह आने माता-पिता को डोली में बैठकर गलियों से जा रहा थे तो कई श्रद्धालुओं पुण्य कमाने के लिए डोली को सहारा देने का प्रयास किया। सूबेदार ने बताया कि उनके पिता की इच्छा थी कि बेटा इसी तरह चित्रकूट ले जाकर भगवान के दर्शन कराए।
पिता की इच्छा पूरी करने के लिए यह किया। वह नवरात्र के पहले दिन गांव से चले थे। इस दौरान कई लोगों ने उसका हौसला भी बढ़ाया। अब दशहरे के पहले गांव लौट जाएंगे।