{"_id":"6a5d105f10681e740903a6d2","slug":"sewage-drains-have-started-discharging-into-the-mandakini-again-amidst-the-rain-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1007-133881-2026-07-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: बारिश में फिर मंदाकिनी में गिरने लगे सीवर नाले","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: बारिश में फिर मंदाकिनी में गिरने लगे सीवर नाले
Sun, 19 Jul 2026 11:28 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 19 Jul 2026 11:28 PM IST
विज्ञापन
19सीकेटीपी-10- भरत घाट का बड़ा नाला, सबसे ज्यादा प्रदूषण का स्रोत
चित्रकूट। एक ओर मंदाकिनी नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए प्रशासन, समाजसेवी संस्थाएं और विभिन्न संगठन अभियान चला रहे हैं, वहीं दूसरी ओर शहर के कई बड़े नालों से सीवर और गंदा पानी अब भी सीधे नदी में गिर रहा है। बारिश शुरू होते ही भरत घाट, राजा घाट और शंकर बाजार के नालों से बड़ी मात्रा में दूषित पानी मंदाकिनी में पहुंचने लगा है।
इससे नदी की स्वच्छता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और श्रद्धालुओं की आस्था भी आहत हो रही है। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि प्रशासन शुरुआत में तेजी दिखाता है, लेकिन कुछ समय बाद व्यवस्थाएं फिर पुराने ढर्रे पर आ जाती हैं। जबकि जिला प्रशासन पहले ही नालों को बंद करने के निर्देश दे चुका है, इसके बाद भी रविवार को पड़ताल में तीनों प्रमुख नालों से गंदा पानी सीधे मंदाकिनी में गिरता मिला।
बड़ा नाला सबसे अधिक कर रहा प्रदूषित
भरत घाट के पास स्थित बड़ा नाला मंदाकिनी को सबसे अधिक प्रदूषित कर रहा है। कामतानाथ मार्ग, सतना मार्ग और आसपास के क्षेत्रों का लाखों लीटर सीवर और गंदा पानी इसी नाले के जरिये सीधे नदी में पहुंच रहा है। बारिश के दौरान इसका बहाव कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय निवासी रमेश प्रसाद, बिटोला देवी और गायत्री ने बताया कि नाले से उठने वाली दुर्गंध से आसपास रहना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
गंदा व सीवर का पानी सीधे जा रहा नदी में
राजा घाट का नाला धुस मैदान, पुरानी बाजार और आसपास के मोहल्लों का सीवर व गंदा पानी सीधे मंदाकिनी में पहुंचा रहा है। नाले में प्लास्टिक और कचरा रोकने के लिए जाल लगाया गया है, लेकिन इससे केवल ठोस कचरा रुक रहा है। हजारों लीटर दूषित पानी लगातार नदी में मिल रहा है, जिससे नदी की स्वच्छता प्रभावित हो रही है।
आस्था से हो रहा खिलवाड़
शंकर बाजार और कर्वी के कई हिस्सों का सीवर और गंदा पानी शंकर बाजार स्थित नाले से सीधे मंदाकिनी में गिर रहा है। राजकुमार का कहना है कि नाले से तेज दुर्गंध उठती है और इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसी घाट पर श्रद्धालु स्नान और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, ऐसे में गंदे पानी का नदी में गिरना उनकी आस्था के साथ भी खिलवाड़ माना जा रहा है।
-- -- -- -- --
मंदाकिनी नदी में नालों को टैपिंग के लिए निर्देश हैं। इसके बाद भी नाले गिर रहे हैं। इसकी जानकारी नहीं है। बताया कि संबंधित विभाग से टैपिंग की जानकारी ली जाएगी। नदी में गिरने वाले नालों को बंद कराया जाएगा। - अजय यादव, एसडीएम
विज्ञापन
इससे नदी की स्वच्छता पर सवाल खड़े हो रहे हैं और श्रद्धालुओं की आस्था भी आहत हो रही है। बुंदेली सेना के जिलाध्यक्ष अजीत सिंह का कहना है कि प्रशासन शुरुआत में तेजी दिखाता है, लेकिन कुछ समय बाद व्यवस्थाएं फिर पुराने ढर्रे पर आ जाती हैं। जबकि जिला प्रशासन पहले ही नालों को बंद करने के निर्देश दे चुका है, इसके बाद भी रविवार को पड़ताल में तीनों प्रमुख नालों से गंदा पानी सीधे मंदाकिनी में गिरता मिला।
विज्ञापन
बड़ा नाला सबसे अधिक कर रहा प्रदूषित
भरत घाट के पास स्थित बड़ा नाला मंदाकिनी को सबसे अधिक प्रदूषित कर रहा है। कामतानाथ मार्ग, सतना मार्ग और आसपास के क्षेत्रों का लाखों लीटर सीवर और गंदा पानी इसी नाले के जरिये सीधे नदी में पहुंच रहा है। बारिश के दौरान इसका बहाव कई गुना बढ़ जाता है। स्थानीय निवासी रमेश प्रसाद, बिटोला देवी और गायत्री ने बताया कि नाले से उठने वाली दुर्गंध से आसपास रहना मुश्किल हो जाता है।
विज्ञापन
गंदा व सीवर का पानी सीधे जा रहा नदी में
राजा घाट का नाला धुस मैदान, पुरानी बाजार और आसपास के मोहल्लों का सीवर व गंदा पानी सीधे मंदाकिनी में पहुंचा रहा है। नाले में प्लास्टिक और कचरा रोकने के लिए जाल लगाया गया है, लेकिन इससे केवल ठोस कचरा रुक रहा है। हजारों लीटर दूषित पानी लगातार नदी में मिल रहा है, जिससे नदी की स्वच्छता प्रभावित हो रही है।
आस्था से हो रहा खिलवाड़
शंकर बाजार और कर्वी के कई हिस्सों का सीवर और गंदा पानी शंकर बाजार स्थित नाले से सीधे मंदाकिनी में गिर रहा है। राजकुमार का कहना है कि नाले से तेज दुर्गंध उठती है और इससे संक्रामक बीमारियों का खतरा बना रहता है। इसी घाट पर श्रद्धालु स्नान और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, ऐसे में गंदे पानी का नदी में गिरना उनकी आस्था के साथ भी खिलवाड़ माना जा रहा है।
मंदाकिनी नदी में नालों को टैपिंग के लिए निर्देश हैं। इसके बाद भी नाले गिर रहे हैं। इसकी जानकारी नहीं है। बताया कि संबंधित विभाग से टैपिंग की जानकारी ली जाएगी। नदी में गिरने वाले नालों को बंद कराया जाएगा। - अजय यादव, एसडीएम

19सीकेटीपी-10- भरत घाट का बड़ा नाला, सबसे ज्यादा प्रदूषण का स्रोत

19सीकेटीपी-10- भरत घाट का बड़ा नाला, सबसे ज्यादा प्रदूषण का स्रोत