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गांवों के पेयजल की जांच कर जल्द भेजें रिपोर्ट
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Send report soon after checking the drinking water of villages
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। एडीएम (नमामि गंगे) सुनंदू सुधाकरण ने ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की गुणवत्ता की जांच करने के लिए फील्ड टेस्ट किट का जल निगम कार्यालय में निरीक्षण किया। दो ब्लाक क्षेत्र में किटों का वितरण किया जा चुका है। एडीएम ने कहा कि जल जीवन मिशन योजना के तहत हर गांव में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए शासन की योजना पर काम हो रहा है।
बृहस्पतिवार को निरीक्षण के दौरान एडीएम ने जल निगम के प्रयोगशाला कक्ष में प्रोजेक्ट मैनेजर राजेंद्र सिंह के साथ एई और जेई को निर्देश दिए कि सभी फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से गांव-गांव की पेयजल गुणवत्ता की जांच नियमित रूप से करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। प्रशिक्षण लेने वाले कार्यकर्ता से ही इसकी जांच कराई जाए। इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
जिन दो ब्लाक क्षेत्र में इसका वितरण हुआ है, वहा काम शुरू करें। कुछ गांव के हैंडपंप के पानी में फ्लोराइड ज्यादा होने की शिकायत है। जांच से सही जानकारी होगी। जल्द ही अन्य तीन ब्लाक क्षेत्र में इस किट का प्रशिक्षण उपरांत वितरण कराया जाएगा।
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एडीएम ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत सिलौटा, चांदी, बागड़ और रैपुरा ग्राम पेयजल परियोजना जनपद में संचालित है। सभी निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से समस्त ग्रामों में अलग-अलग टीमों के माध्यम से पानी की गुणवत्ता के जांच करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है
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बृहस्पतिवार को निरीक्षण के दौरान एडीएम ने जल निगम के प्रयोगशाला कक्ष में प्रोजेक्ट मैनेजर राजेंद्र सिंह के साथ एई और जेई को निर्देश दिए कि सभी फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से गांव-गांव की पेयजल गुणवत्ता की जांच नियमित रूप से करके रिपोर्ट प्रस्तुत करें। प्रशिक्षण लेने वाले कार्यकर्ता से ही इसकी जांच कराई जाए। इसमें कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
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जिन दो ब्लाक क्षेत्र में इसका वितरण हुआ है, वहा काम शुरू करें। कुछ गांव के हैंडपंप के पानी में फ्लोराइड ज्यादा होने की शिकायत है। जांच से सही जानकारी होगी। जल्द ही अन्य तीन ब्लाक क्षेत्र में इस किट का प्रशिक्षण उपरांत वितरण कराया जाएगा।
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एडीएम ने बताया कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत सिलौटा, चांदी, बागड़ और रैपुरा ग्राम पेयजल परियोजना जनपद में संचालित है। सभी निर्माणाधीन हैं। इसके अलावा गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने के लिए फील्ड टेस्ट किट के माध्यम से समस्त ग्रामों में अलग-अलग टीमों के माध्यम से पानी की गुणवत्ता के जांच करने के लिए प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है