फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Scolded his wife so that she could get rid of her gutkha habit

Chitrakoot News: पत्नी की गुटखे की आदत छूट जाए...इसलिए डांटा

Sun, 24 Aug 2025 12:05 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 Aug 2025 12:05 AM IST
विज्ञापन
Scolded his wife so that she could get rid of her gutkha habit
फोटो- 29 बांदा फतेहपुर राजमार्ग पर माटा गांव के पास दुर्घटना के बाद जाम लगाए ग्रामीण। स्रोत:राह
मानिकपुर(चित्रकूट)। पाठा क्षेत्र के घनघोर जंगल व मप्र. की सीमा पर बसे इटवा डुडैला गांव में दिल दहला देनेवाली इस घटना को जिसने भी सुना उसके रोंगटे खड़े हो गए। गुटखा खाने से मना करना बब्बू यादव को इतना महंगा पड़ गया कि उसने अपनी आंखों के सामने पत्नी व मासूम बच्चों को हमेशा के लिए खो दिया। वह दहाड़े मारकर रोते हुए कहते सुना गया कि इन मासूम बच्चों ने क्या बिगाड़ा था जो इन्हें जहर दे दिया। पहले बच्चों को पानी में मिलाकर जहरीला पदार्थ खिलाया। इसके बाद खुद भी खा लिया। कहा कि गुटखा खाने से रोकने के पीछे बात पैसे ही नहीं थी बल्कि वह चाहता था कि पत्नी की यह आदत छूट जाए क्योंकि इसके खाने से एक बार वह गंभीर रुप से बीमार भी हो चुकी थी।
विज्ञापन

इटवां डुडैला निवासी बब्बू यादव टेंपो चलाकर परिवार का भरण पोषण करता है। गांव के उसके पड़ोसी चुनकू यादव व शिवलाल ने बताया कि पूरा परिवार खुशहाली से रहता था। गांव से मझगवां मप्र. की सीमा जुड़ी है। बब्बू रोज सुबह शाम टेंपो इसी क्षेत्र में चलाता था। उसकी निजी टेंपो थी। प्रतिदिन तीन चार सौ रुपये बचत जरुर कर लेता था। वह अपने बच्चों को बहुत चाहता था। रात को जब वह टेंपो लेकर घर आता था तो बच्चों के लिए जरुर कुछ खाने पीने की सामग्री लाता था। उसकी पत्नी का भी स्वभाव ठीक था लेकिन उसे गुटखा खाने की आदत तीन साल से ज्यादा हो गई थी। खुद बब्बू बताता है कि एक साल पूर्व पत्नी ने गुटखा खाया था तो गले में फंसने से उसकी हालत खराब हो गई थी। मझगवां से लेकर सतना तक उसका तीन दिन इलाज कराया था तब उसे राहत मिली थी। तब से वह पत्नी से इस आदत को छोड़ने के लिए कहता था। इसी बात को लेकर कई बार विवाद हो चुका है। बताया कि उसे कतई आभास नहीं था कि यही आदत उसकी जान ले लेगी। साथ ही उसके बच्चे भी चले जाएंगे। उसने तो खर्च के लिए रुपये देने से इंकार नहीं किया बस राजश्री गुटखा खाने से रोकने के उद्देश्य से मना किया था।
विज्ञापन

बब्बू की दुलारी थी चंद्रमा, ज्योति काे प्यारी थी बुलबुल
इटवां गांव के लोगों की मानें तो बब्बू व ज्योति अपने दो पुत्री बुलबुल व चंद्रमा और एक पुत्र दीपचंद्र को बेहद चाहते थे। ज्योति तो खासकर एक साल की बुलबुल को कहीं भी जाती थी साथ ही गोद में लिए रहती थी। दीपचंद्र ने इसी साल स्कूल जाना शुरू किया था। चंद्रमा अपने पापा बब्बू की ज्यादा दुलारी थी। ग्राम प्रधान गायत्री देवी, पड़ोसी अनीता व रामप्यारी ने बताया कि इस हंसते खेलते परिवार को जाने किसकी नजर लगी। जिसमें ज्योति ने इतना बडा कदम कैसे उठा लिया। इनका मानना है कि वह बच्चों से बहुत प्यार करती थी शायद इसी लिए अपनी जान देने के इरादे के साथ बच्चों को भी अपने साथ ले जाने की सोची होगी। ज्योति इतनी निर्दयी कैसे हो सकती है यह समझ में नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन


जहर कहां से आया और कैसे ज्योति को मिला
मझगवां अस्पताल के प्रभारी डॉ. रुपेश सोनी ने बताया कि महिला व बच्चों ने एक जैसा ही जहरीला पदार्थ खाया है। वैसे यह सल्फास नहीं है लेकिन खेत में छिड़काव करने वाला कोई जहरीला पदार्थ होगा। उसके घर से ही इसकी जानकारी हो सकती है। बताया कि महिला व उसके बच्चों के साथ ही उसका पति बब्बू आया था। उसने बताया कि जानकारी मिलने पर जब वह घर पहुंचा तो सभी अचेत पड़े थे। इधर, घटना की जानकारी होने पर मानिकपुर एसडीएम मो. जसीम, थाना प्रभारी श्यामप्रताप पटेल व प्रधानपति अवध बिहारी इटवां के बब्बू के घर पहुंचे। उसका कमरा बंद होने पर पुलिस ने जांच पडताल की है। एसडीएम ने बताया कि घटनास्थल से मिले सबूत एकत्र किए जा रहे हैं। ऐसा लगता है कि महिला ने पहले बच्चों को गिलास में पानी में मिलाकर जहरीला पदार्थ खिलाया इसके बाद खुद भी खा लिया। सभी एक ही कमरे में बेसुध मिले थे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed