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Chitrakoot News: घोटालेबाजों को पेंशन मिले, बेकसूर क्यों सजा भुगतें

Thu, 06 Nov 2025 11:36 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Thu, 06 Nov 2025 11:36 PM IST
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Scammers should get pension, why should innocent people suffer punishment?
28 सीकेटीपी-12- परिचय- चार पहिया वाहन में मौजूद पेंशनर बच्ची देवी । संवाद
चित्रकूट। कोषागार विभाग में 43 करोड़ से अधिक का घोटाला हुआ। इस घोटाले में 93 पेंशनर व उनके कुछ सहयोगियों पर रिपोर्ट दर्ज हुई, लेकिन इसकी आंच जिले के पांच हजार से ज्यादा पेंशनरों पर पड़ी। पिछले दो महीने से बुजुर्ग पेंशनर खुद के जीवित होने का प्रमाणपत्र देने के लिए कोषागार पहुंच रहे हैं। इस घोटाले व जांच के लिए विभाग ने पेंशन भुगतान पर भी रोक लगा रखी है। अक्तूबर माह की पेंशन नवंबर की पांच तारीख तक अन्य पेंशनरों को नहीं मिली तो सभी विचलित व चिंतित हो उठे।
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सुबह से शाम तक विभाग की चौखट से लेकर कलक्ट्रेट परिसर में पेंशनर अपने परिजनों के साथ प्रमाणपत्र सौंपकर पेंशन दिलाने की मांग कर रहे हैं। कई पेंशनर चलने फिरने से लाचार हैं तो परिजन वाहन और गोद में लेकर विभाग पहुंच रहे हैं। पेंशनर भी बोले कि जिसने भ्रष्टाचार किया वह सजा भोगे अन्य को इसका खामियाजा क्यों भुगतना पड़ रहा है।
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केस नंबर-1- भंभेट की 80 वर्ष की बच्ची देवी को उसके परिजन चार पहिया वाहन से लेकर कोषागार विभाग पहुंचे। चलने फिरने से लाचार होने की जानकारी पर वरिष्ठ कोषाधिकारी रमेश सिंह ने एक कर्मचारी को वाहन तक भेजकर उनका प्रमाण पत्र जमा कराए। बच्ची देवी ने बताया कि उसके पति जयदेव शिक्षक थे। 1991 में उनकी मौत के बाद से वह पेंशन पा रही है। वह बीमार रहती हैं उसका इलाज चल रहा है। हर माह 10 हजार रुपये से ज्यादा दवा में लगता है। इस माह की पेंशन न आने से वह परेशान थीं। पेंशन न आने पर उसकी दवा नियमित नहीं हो सकती हैं। परिजनों से उधार लेना पड़ेगा जो उन्हें स्वीकार नहीं है।
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केस नंबर-2- बगवारा की 75 वर्ष की बुद्धवती को डंडे के सहारे कोषागार विभाग लेकर परिजन पहुंचे। पेंशनर बोलीं कि जब 15 साल से उसे पेंशन मिल रही है तो उसे क्यों न लें। वह अपना खर्च खुद संभालती हैं। परिजन मदद करते हैं लेकिन पेंशन रोकने का कोई मतलब नहीं है। घोटाले की जानकारी हुई है ऐसे में पता करने आए हैं कि उसकी भी पेंशन क्यों रोक दी है जबकि इस मामले से उसका कोई लेना देना नहीं है। कई दिन से वह परेशान थीं इसीलिए परिजनों को लेकर वह जानकारी करने आई है।

केस नंबर-3-

शहर के पुरानी बाजार निवासी 80 वर्ष की अश्गई खान ने अपने पुत्र व नातिन के साथ नवंबर माह की पेंशन लेने कोषागार विभाग पहुंचीं। बताया कि घोटाले के बाद बताया गया कि सबकी पेंशन रोकी गई है लेकिन यहां आकर पता चला कि ऐसा नहीं है। दवा के लिए और बेटी के घर जाने के लिए उन्हें रुपयों की जरूरत है। अक्तूबर की पेंशन न आने से उसका बजट बिगड़ा है। इसीलिए प्रमाणपत्र जमा करने वह खुद आई है। घोटाला करने वालों को सजा मिले बेकसूरों को तत्काल पेंशन भेजी जाए।


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28 सीकेटीपी-12- परिचय- चार पहिया वाहन में मौजूद पेंशनर बच्ची देवी । संवाद

28 सीकेटीपी-12- परिचय- चार पहिया वाहन में मौजूद पेंशनर बच्ची देवी । संवाद

28 सीकेटीपी-12- परिचय- चार पहिया वाहन में मौजूद पेंशनर बच्ची देवी । संवाद

28 सीकेटीपी-12- परिचय- चार पहिया वाहन में मौजूद पेंशनर बच्ची देवी । संवाद

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