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रुकमणि विवाह प्रसंग सुनकर झूमे श्रोता
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Sun, 08 May 2016 11:44 PM IST
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कथा सुनाती सुमन मिश्रा
- फोटो : अमर उजाला
शहर के स्टेशन के सामने चल रही श्रीमद्भागवत कथा के छठवें दिन कथा व्यास सोनम मिश्रा ने गोवर्धन पूजा एवं रुकमणि विवाह का प्रसंग सुनाया। जिस पर श्रोता झूम उठे।
रुकमणि बारात और झांकी धूमधाम से निकाली गई। कथा व्यास ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपने अल्प आयु में ही गोवर्धन पर्वत को उठाकर बृज वासियों की इंद्र के कोप से रक्षा की थी। उन्हाेंने कहा कि भगवान कृष्ण के कहने पर बृज वासियों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा करना शुरू किया था।
जिस पर इंद्र भगवान नाराज हो गए और बृज पर घनघोर बारिश करना शुरू कर दिया। जिससे बृज वासी घबरा गए। उन्होंने कृष्ण से इससे बचने का उपाय करने की बात कही। जिस पर कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की ही शरण में चलने के लिए कहा। जिस पर इंद्र का घमंड चूर हो गया। रुकमणि विवाह का प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान अशोक कुमार, पिंटू केशरवानी, पंकज अग्रवाल समेत आदि लोग रहे।
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रुकमणि बारात और झांकी धूमधाम से निकाली गई। कथा व्यास ने कहा कि भगवान कृष्ण ने अपने अल्प आयु में ही गोवर्धन पर्वत को उठाकर बृज वासियों की इंद्र के कोप से रक्षा की थी। उन्हाेंने कहा कि भगवान कृष्ण के कहने पर बृज वासियों ने गोवर्धन पर्वत की पूजा करना शुरू किया था।
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जिस पर इंद्र भगवान नाराज हो गए और बृज पर घनघोर बारिश करना शुरू कर दिया। जिससे बृज वासी घबरा गए। उन्होंने कृष्ण से इससे बचने का उपाय करने की बात कही। जिस पर कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत की ही शरण में चलने के लिए कहा। जिस पर इंद्र का घमंड चूर हो गया। रुकमणि विवाह का प्रसंग सुनाया। कथा के दौरान अशोक कुमार, पिंटू केशरवानी, पंकज अग्रवाल समेत आदि लोग रहे।
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