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Chitrakoot News: सरकारी भवनों की छतें जर्जर, पन्नी लगाने के लिए मजबूर
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संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। बारिश शुरू होते ही शहर के कई सरकारी कार्यालयों की जर्जर छतें टपकने लगती हैं जिससे यहां कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी खासी परेशानी का सामना कर रहे हैं। कई जगहों पर तो स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि कर्मचारियों को अस्थायी व्यवस्था के तौर पर पन्नी लगानी पड़ती है, फिर भी पानी का रिसाव रुकता नहीं। हालांकि जिला मुख्यालय के कई विभाग विकास भवन में स्थानांतरित हो गए हैं, लेकिन कुछ कार्यालय अभी भी अपने पुराने स्थानों पर संचालित हो रहे हैं, जहां भवनों की हालत बेहद खराब है।
केस-1:
फोटो 03 सीकेटीपी-10- सीवीओ कार्यालय का जर्जर भवन। संवाद
बारिश में दस्तावेजों को बचाना मुश्किल
शहर के कचहरी परिसर में स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय का भवन कई वर्षों पुराना है। बारिश होते ही इसकी छत से पानी टपकना शुरू हो जाता है। इससे कार्यालय में रखीं महत्वपूर्ण फाइलें, जरूरी कागजात और पशुओं के लिए दवाओं को संभाल मुश्किल होता है। कर्मचारी मुकेश व अजय कुमार ने बताया कि छत टपकने के कारण फाइलों और दवाओं के खराब होने का खतरा बना रहता है। बारिश शुरू होने पर छत पर पन्नी लगाकर काम चलाया जा रहा है, लेकिन पानी का रिसाव फिर भी जारी रहता है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नए भवन के निर्माण के लिए शासन को पत्र भेजा गया है और विभाग को मिलने वाले वित्तीय खर्च से मरम्मत का कार्य भी कराया जा रहा है।
केस 2
फोटो 03 सीकेटीपी 11 मालखाना का जर्जर भवन। संवाद
तहसील का मालखाना भवन भी जर्जर
चित्रकूट शहर के तहसील परिसर में स्थित मालखाना भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इस भवन में महत्वपूर्ण सरकारी सामान रखा जाता है। छत और दीवारों की हालत इतनी खस्ता है कि बरसात में पानी लगातार टपकता रहता है। सुरक्षा के मद्देनजर, मालखाने की देखरेख के लिए एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी भी लगाई गई है। एसडीएम अजय कुमार ने बताया कि तहसील परिसर में बने इस पुराने मालखाना भवन को गिराकर नया भवन बनाने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट स्वीकृत होते ही नए भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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केस -3
फोटो 03 सीकेटीपी 12- निर्वाचन पंचायत कार्यालय की जर्जर छत। संवाद
दीवारों में भी सीलन
शहर के जिला निर्वाचन पंचायत कार्यालय का भवन भी जर्जर हो चुका है। हल्की बारिश में भी छत से पानी टपकने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। हाल ही में हुई हल्की बारिश के कारण भवन की छत और दीवारों में सीलन देखी जा रही है। कार्यालय के कर्मचारी राजकुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में पानी टपकने के कारण काम करना अत्यंत मुश्किल हो जाता है।
बोले जिम्मेदार
जर्जर भवन की मरम्मत के लिए शासन स्तर से बजट की मांग की गई है।-चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी
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चित्रकूट। बारिश शुरू होते ही शहर के कई सरकारी कार्यालयों की जर्जर छतें टपकने लगती हैं जिससे यहां कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी खासी परेशानी का सामना कर रहे हैं। कई जगहों पर तो स्थिति इतनी गंभीर हो जाती है कि कर्मचारियों को अस्थायी व्यवस्था के तौर पर पन्नी लगानी पड़ती है, फिर भी पानी का रिसाव रुकता नहीं। हालांकि जिला मुख्यालय के कई विभाग विकास भवन में स्थानांतरित हो गए हैं, लेकिन कुछ कार्यालय अभी भी अपने पुराने स्थानों पर संचालित हो रहे हैं, जहां भवनों की हालत बेहद खराब है।
केस-1:
फोटो 03 सीकेटीपी-10- सीवीओ कार्यालय का जर्जर भवन। संवाद
बारिश में दस्तावेजों को बचाना मुश्किल
शहर के कचहरी परिसर में स्थित मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय का भवन कई वर्षों पुराना है। बारिश होते ही इसकी छत से पानी टपकना शुरू हो जाता है। इससे कार्यालय में रखीं महत्वपूर्ण फाइलें, जरूरी कागजात और पशुओं के लिए दवाओं को संभाल मुश्किल होता है। कर्मचारी मुकेश व अजय कुमार ने बताया कि छत टपकने के कारण फाइलों और दवाओं के खराब होने का खतरा बना रहता है। बारिश शुरू होने पर छत पर पन्नी लगाकर काम चलाया जा रहा है, लेकिन पानी का रिसाव फिर भी जारी रहता है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि नए भवन के निर्माण के लिए शासन को पत्र भेजा गया है और विभाग को मिलने वाले वित्तीय खर्च से मरम्मत का कार्य भी कराया जा रहा है।
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केस 2
फोटो 03 सीकेटीपी 11 मालखाना का जर्जर भवन। संवाद
तहसील का मालखाना भवन भी जर्जर
चित्रकूट शहर के तहसील परिसर में स्थित मालखाना भवन पूरी तरह से जर्जर हो चुका है। इस भवन में महत्वपूर्ण सरकारी सामान रखा जाता है। छत और दीवारों की हालत इतनी खस्ता है कि बरसात में पानी लगातार टपकता रहता है। सुरक्षा के मद्देनजर, मालखाने की देखरेख के लिए एक पुलिसकर्मी की ड्यूटी भी लगाई गई है। एसडीएम अजय कुमार ने बताया कि तहसील परिसर में बने इस पुराने मालखाना भवन को गिराकर नया भवन बनाने के लिए शासन से बजट की मांग की गई है। बजट स्वीकृत होते ही नए भवन का निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
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केस -3
फोटो 03 सीकेटीपी 12- निर्वाचन पंचायत कार्यालय की जर्जर छत। संवाद
दीवारों में भी सीलन
शहर के जिला निर्वाचन पंचायत कार्यालय का भवन भी जर्जर हो चुका है। हल्की बारिश में भी छत से पानी टपकने की समस्या उत्पन्न हो जाती है। हाल ही में हुई हल्की बारिश के कारण भवन की छत और दीवारों में सीलन देखी जा रही है। कार्यालय के कर्मचारी राजकुमार ने बताया कि बरसात के मौसम में पानी टपकने के कारण काम करना अत्यंत मुश्किल हो जाता है।
बोले जिम्मेदार
जर्जर भवन की मरम्मत के लिए शासन स्तर से बजट की मांग की गई है।-चंद्रशेखर, अपर जिलाधिकारी