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Chitrakoot News: रिटायर्ड कर्मचारी से नौ दिनों में 21.50 लाख रुपये ठगे
Thu, 04 Dec 2025 12:03 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Thu, 04 Dec 2025 12:03 AM IST
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चित्रकूट। हेलो... मैं दिल्ली पुलिस का आईपीएस बोल रहा हूं, तुम अपने नाम के सिम से गलत तरीके के लोगों को मैसेज भेज रहे हो। तुम्हारे खिलाफ शिकायत आई है। मानव तस्करी के मामले में एक आरोपी के पास से तुम्हारा एटीएम कार्ड मिला है। आडियो कॉल से फोन कर जेल भेजने की धमकी दी जा रही है। कार्रवाई से बचने को करीब 55 लाख रुपये की मांग की है। डर से सेवानिवृत्त कर्मी ने नौ दिन में अलग-अलग किस्तों में 21.50 लाख की रकम भेज दी और अब लगातार रकम मांगीं जा रही है। तहरीर पर साइबर क्राइम पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है।
सदर कोतवाली क्षेत्र के भैरो पागा निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी रामशरण वर्मा ने बताया कि 20 नवंबर को अज्ञात नंबर से फोन आया और बोला कि मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्सेज से दिल्ली पुलिस का आईपीएस बोल रहा हूं। तुम्हारे खिलाफ गलत मैसेज भेजने की शिकायत मिली है। ह्यूमन ट्रैफिकिंग का भी आरोप हैं। उसका केनरा बैंक में खाता हाेने की जानकारी दी। जिस पर उसको विश्वास हो गया। फोन करने वाले ने उसके खिलाफ वारंट और अचल संपत्ति जब्त करने का भी आदेश होने की बात कहकर दबाव बनाया। इससे वह डर गया।
फोन करने वाले ने कार्रवाई से बचने के लिए 54.80 लाख रुपये की मांग की। जिस पर उसने 26 नवंबर को 11.50 लाख रुपये, 29 नवंबर को दो किस्त में पांच-पांच लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेज दिए। इसके बाद भी लगातार रुपये की मांग की जाती रही। लगातार रुपये भेजने के दबाव के चलते उन्हें शक हुआ तो उन्होंने साइबर थाना पुलिस से संपर्क कर आपबीती सुनाई। साइबर क्राइम प्रभारी रीता सिंह ने बताया कि शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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सदर कोतवाली क्षेत्र के भैरो पागा निवासी सेवानिवृत्त कर्मचारी रामशरण वर्मा ने बताया कि 20 नवंबर को अज्ञात नंबर से फोन आया और बोला कि मिनिस्ट्री ऑफ ह्यूमन रिसोर्सेज से दिल्ली पुलिस का आईपीएस बोल रहा हूं। तुम्हारे खिलाफ गलत मैसेज भेजने की शिकायत मिली है। ह्यूमन ट्रैफिकिंग का भी आरोप हैं। उसका केनरा बैंक में खाता हाेने की जानकारी दी। जिस पर उसको विश्वास हो गया। फोन करने वाले ने उसके खिलाफ वारंट और अचल संपत्ति जब्त करने का भी आदेश होने की बात कहकर दबाव बनाया। इससे वह डर गया।
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फोन करने वाले ने कार्रवाई से बचने के लिए 54.80 लाख रुपये की मांग की। जिस पर उसने 26 नवंबर को 11.50 लाख रुपये, 29 नवंबर को दो किस्त में पांच-पांच लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से भेज दिए। इसके बाद भी लगातार रुपये की मांग की जाती रही। लगातार रुपये भेजने के दबाव के चलते उन्हें शक हुआ तो उन्होंने साइबर थाना पुलिस से संपर्क कर आपबीती सुनाई। साइबर क्राइम प्रभारी रीता सिंह ने बताया कि शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।
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