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रथयात्रा के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़
अमर उजाला चित्रकूट
Updated Sat, 09 Jul 2016 11:30 PM IST
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रथयात्रा के दर्शन करने के लिए जुटे लोग
- फोटो : अमर उजाला
भगवान जगन्नाथ उनके भाई बलभद्र व बहन सुभद्रा की रथयात्रा शनिवार की शाम को सोनेपुर पहुंची तो उनके दर्शन के लिए दर्जन करने के लिए काफी भीड़ जुटी। दोपहर से ही गांव के विद्यालय परिसर में मेेला लगा। मान्यता के अनुसार भगवान को मनाने उनकी मां सोनेपुर आएंगी और सुबह भगवान पूरे रथ के साथ वापस अपने धाम लौटेंगे।
मुख्यालय से सटे सोनेपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर के पास भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा देखने के लिए हजारों ग्रामीण पहुंचे। पूरे मेला क्षेत्र में लच्छेदार नामक मिठाई, गुब्बारा और महिलाओं के लिए सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें सजी रहीं। बच्चों व युवतियों ने जमकर खरीदारी की। उधर भगवान के दर्शन के बाद भक्तों ने जामुन, दाल, लच्छेदार व अन्य मिठाई चढ़ाकर आशीर्वाद लिया।
भीड़ को देखते हुए कोतवाली पुलिस मुस्तैद रही। नौ दिन चले अढ़ाई कोस की कहावत पर छह जुलाई को तरौंहा के जयदेव दास अखाड़ा से रथयात्रा निकली थी। चौथे दिन यात्रा सोनेपुर से वापस होगी। मान्यता है भगवान मां जानकी से नाराज होकर भाई व बहन के साथ घर से निकले हैं और चौथे दिन मां तीनों उन्हें मनाने के लिए सोनेपुर पहुंचती हैं। इसके बाद भगवान मां की बात मानकर घर लौटते हैं।
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मुख्यालय से सटे सोनेपुर गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर के पास भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा देखने के लिए हजारों ग्रामीण पहुंचे। पूरे मेला क्षेत्र में लच्छेदार नामक मिठाई, गुब्बारा और महिलाओं के लिए सौंदर्य प्रसाधन की दुकानें सजी रहीं। बच्चों व युवतियों ने जमकर खरीदारी की। उधर भगवान के दर्शन के बाद भक्तों ने जामुन, दाल, लच्छेदार व अन्य मिठाई चढ़ाकर आशीर्वाद लिया।
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भीड़ को देखते हुए कोतवाली पुलिस मुस्तैद रही। नौ दिन चले अढ़ाई कोस की कहावत पर छह जुलाई को तरौंहा के जयदेव दास अखाड़ा से रथयात्रा निकली थी। चौथे दिन यात्रा सोनेपुर से वापस होगी। मान्यता है भगवान मां जानकी से नाराज होकर भाई व बहन के साथ घर से निकले हैं और चौथे दिन मां तीनों उन्हें मनाने के लिए सोनेपुर पहुंचती हैं। इसके बाद भगवान मां की बात मानकर घर लौटते हैं।
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