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राहुल ने धर्मनगरी में सीखा राजनीति का ककहरा

Fri, 16 Sep 2016 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट Updated Fri, 16 Sep 2016 12:20 AM IST
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Rahul Dharmnagri learned the ABC of politics
राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला

धर्मनगरी में राहुल गांधी ने राजनीति का पहला पाठ पढ़ा था। 15 व 16 जनवरी 2005 को पहली बार उन्हें खुले मंच से बोलने का मौका मिला। दिशा, दृष्टि व दायित्व कार्यशाला के माध्यम से विभिन्न स्थानों से आये राजनीति के पंडितों ने उन्हें राजनीति की विभिन्न कलाएं बताईं थीं।

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तब उनके कार्यक्रम की कवरेज के लिए देश भर की मीडिया ने चित्रकूट में डेरा जमाया था। कार्यशाला में कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता भी आए थे। इसी समय राहुल गांधी को राजनीति में लाने की कांग्रेस में चर्चा हो रही थी। कुछ पक्ष में थे जबकि विपक्षी सवाल उठा रहे थे कि राहुल अभी राजनीति का ककहरा भी नहीं जानते हैं। उनका मुंह बंद कराने के लिए कांग्रेसी दिग्गजों ने धर्मनगरी के राष्ट्रीय रामायण मेला में तीन दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया था।
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जिसमें कांग्रेस के युवा नेताओं को राजनीति की बारीकियां बताईं गईं थीं। इस कार्यक्रम में राहुल गांधी ने कार्यकर्ताओं साथ खाना भी खाया था। पहले एक छात्र की तरह कार्यकर्ताओं के बीच बैठे, फिर समापन सत्र में भाषण दिया। इस दौरान मीडिया के प्रश्नों का जवाब भी दिया था। इसके बाद 2007 में बगरहा गांव अचानक पहुंचे थे और गरीब मजदूरों से मिलकर जानकीकुंड अस्पताल में चल रहे स्वास्थ्य कार्यक्र्रमों की जानकारी ली थी।  
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कर्वी में 36, मानिकपुर में 31 साल से कांग्रेस का सूखा
चित्रकूट। भले ही कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी जिले में कई बार कार्यकर्ताओं का हौसला बढ़ाने के लिए आए हों लेकिन पार्टी को इसका फायदा नहीं पहुंचा। कर्वी विधानसभा की बात करें तो यहां अंतिम कांग्रेसी विधायक 1980 में शिव नरेश मिश्रा हुए थे।

इसके बाद भाकपा ने यहां कई साल तक जीत दर्ज की। बसपा व भाजपा को भी कामयाबी मिली। लेकिन कांग्रेस पार्टी उभर नहीं सकी। यहां तक की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की मृत्यु के बाद सहानुभूति लहर में भी कांग्रेसी प्रत्याशी जीत नहीं पाया।


मानिकपुर विधानसभा में में भी यही हाल रहा। यहां 1985 में अंतिम कांग्रेसी विधायक शिरोमण भाई हुए थे। इसके बाद से कांग्रेस को इस सीट पर सफलता नहीं मिली। पिछली बार विधानसभा चुनाव में राहुल के बुंदेलखंड दौरे का फायदा बांदा व हमीरपुर जिले में जरूर मिला लेकिन चित्रकूट में पार्टी कोई करिश्मा नहीं कर पाई। अब फिर राहुल गांधी बुंदेलखंड दौरे पर हैं। जिससे कांग्रेसियों को आस बंधी है कि पीके टीम के साथ कांग्रेस इस बार यहां करिश्मा करेगी।

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