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Chitrakoot News: डीएपी के लिए की धक्का-मुक्की
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चित्रकूट। कुछ समितियों में बची डीएपी बांटी गई। वहां खाद के लिए किसान धक्के खाते रहे। हालांकि ज्यादातर समितियों में डीएपी का स्टॉक नहीं होने से किसान निराश होकर घर लौट गए।
शुक्रवार को भौंरी गांव स्थित समिति में डीएपी खाद के वितरण के समय लंबी लाइन लगी रही। खाद लेने के लिए किसानों को धक्का मुक्की करनी पड़ी। भौंरी कस्बा स्थित समिति में पॉस मशीन खराब होने के कारण डीएपी खाद का वितरण नहीं हो पाया था। जब पाॅस मशीन बन गई तो खाद दी गई।
किसान राजेश्वर सिंह, महेश प्रसाद ने बताया कि तीन दिन से खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे थे। शुक्रवार को खाद का वितरण किया गया।
सुबह से लाइन में खड़े हैं। दोपहर तक खाद नहीं मिली। किसान रमेश यादव ने बताया कि समय से यदि जल्द बुआई नहीं की गई तो नमी चली जाएगी। ऐसे में बीज के अंकुरण व फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है। सहकारिता विभाग के अनुसार जिले के ज्यादातर समितियों में डीएपी खाद नहीं है। उनका कहना है कि दस नवंबर तक खाद आने की संभावना है। म
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शुक्रवार को भौंरी गांव स्थित समिति में डीएपी खाद के वितरण के समय लंबी लाइन लगी रही। खाद लेने के लिए किसानों को धक्का मुक्की करनी पड़ी। भौंरी कस्बा स्थित समिति में पॉस मशीन खराब होने के कारण डीएपी खाद का वितरण नहीं हो पाया था। जब पाॅस मशीन बन गई तो खाद दी गई।
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किसान राजेश्वर सिंह, महेश प्रसाद ने बताया कि तीन दिन से खाद लेने के लिए चक्कर लगा रहे थे। शुक्रवार को खाद का वितरण किया गया।
सुबह से लाइन में खड़े हैं। दोपहर तक खाद नहीं मिली। किसान रमेश यादव ने बताया कि समय से यदि जल्द बुआई नहीं की गई तो नमी चली जाएगी। ऐसे में बीज के अंकुरण व फसल की पैदावार प्रभावित हो सकती है। सहकारिता विभाग के अनुसार जिले के ज्यादातर समितियों में डीएपी खाद नहीं है। उनका कहना है कि दस नवंबर तक खाद आने की संभावना है। म
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