{"_id":"616b1823dc9c074c430078a9","slug":"produce-high-quality-agricultural-products-fpo-chitrakoot-news-knp658571085","type":"story","status":"publish","title_hn":"उच्च गुणवत्ता के कृषि उत्पाद तैयार करें एफपीओ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उच्च गुणवत्ता के कृषि उत्पाद तैयार करें एफपीओ
विज्ञापन
चित्रकूट। कृषि निर्यात नीति 2019 के अंतर्गत जिला स्तर सुविधा इकाई की बैठक जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें डीएम ने उच्च गुणवत्ता के कृषि उत्पाद तैयार करने का सुझाव एफपीओ को दिए।
कृषि एवं विदेश व्यापार विभाग के निरीक्षक राज सिंह ने विस्तार से कृषि निर्यात, विदेश व्यापार के बारे में बताया। क्लस्टर बनाकर जनपद के दलहन व तिलहन उत्पाद निर्यात किए जाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। बताया गया कि ग्राम सभा में निर्यात के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल 20 हेक्टेयर होना चाहिए। ताकि क्लस्टर बनाकर उनका उत्पादन व मूल्य संवर्धन करते हुए बाहर भेजा जा सके। पात्र लाभार्थियों को सरकार मूल्य संवर्धन इकाइयों की स्थापना के लिए नियमानुसार प्रोत्साहन धनराशि देय होगा। जिला स्तर पर निर्यात योग्य कृषि उत्पाद मसूर, चना व सरसों निर्यात नीति के अंतर्गत शामिल किए जाने को जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं। कृषक उत्पादक संगठन को उच्च गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पाद तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में उप कृषि निदेशक डा. राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ल मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
कृषि एवं विदेश व्यापार विभाग के निरीक्षक राज सिंह ने विस्तार से कृषि निर्यात, विदेश व्यापार के बारे में बताया। क्लस्टर बनाकर जनपद के दलहन व तिलहन उत्पाद निर्यात किए जाने की संभावनाओं पर चर्चा की गई। बताया गया कि ग्राम सभा में निर्यात के लिए न्यूनतम क्षेत्रफल 20 हेक्टेयर होना चाहिए। ताकि क्लस्टर बनाकर उनका उत्पादन व मूल्य संवर्धन करते हुए बाहर भेजा जा सके। पात्र लाभार्थियों को सरकार मूल्य संवर्धन इकाइयों की स्थापना के लिए नियमानुसार प्रोत्साहन धनराशि देय होगा। जिला स्तर पर निर्यात योग्य कृषि उत्पाद मसूर, चना व सरसों निर्यात नीति के अंतर्गत शामिल किए जाने को जिलाधिकारी ने निर्देश दिए हैं। कृषक उत्पादक संगठन को उच्च गुणवत्ता युक्त कृषि उत्पाद तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।
विज्ञापन
बैठक में उप कृषि निदेशक डा. राजेश कुमार, जिला कृषि अधिकारी आरपी शुक्ल मौजूद रहे। संवाद