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Chitrakoot News: बाढ़ से 48 घंटे से बिजली गुल, 50 से अधिक गांवों के संपर्क मार्ग बंद
Sun, 30 Aug 2026 11:58 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 30 Aug 2026 11:58 PM IST
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फोटो 30 सीकेटीपी 05 मंदाकिनी में पलटा पड़ा हनुमान धारा वाला पुल। संवाद
पवन सिंह
चित्रकूट। मध्य प्रदेश और पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश ने धर्मनगरी को अस्त-व्यस्त कर दिया। मंदाकिनी नदी में अब तक की सबसे बड़ी बाढ़ थी।
नदी का बड़ा पुल समेत रपटा-पुलिया मिलाकर करीब दर्जन भर निर्माण तेज बहाव में बह गए, जिससे 50 से अधिक गांवों के संपर्क मार्ग बंद हो गए। बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर डूबने से कई गांवों में 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है
शहर सहित कई गांवों में तो शनिवार से जलापूर्ति ठप है। अभी दो दिन बंद रहने की उम्मीद है। रामघाट के बाहर की सफाई का काम तेजी से शुरू किया गया है। कई बांधों के भी फटने का खतरा मंडराने लगा है। साथ ही झांसी मिर्जापुर हाईवे का अप्रोच मार्ग धंसने से भारी वाहनों पर रोक लगा दी गई है।
शनिवार सुबह छह बजे से मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ था। दोपहर तक इसने साल 2003 की बाढ़ को पीछे छोड़ दिया और दोपहर तीन बजे से पहले ही 135.200 मीटर तक पहुंच गई। इससे आरोग्य धाम, रामघाट लगभग पूरे डूब गए। केवल तीन मंजिला से ऊंचे मकान ही दिखाई दे रहे थे। पानी के तेज बहाव से शाम को लंका तिराहा से हनुमान धारा को जाने वाला 300 मीटर लंबा पुल भी बह गया।
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आरोग्य धाम और रामघाट पर छतों पर फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी के साथ वायु सेना के हेलीकॉप्टर को भी बुलाना पड़ा। बाढ़ में यूपी-एमपी मिलाकर पांच हजार से अधिक लोग घरों में कैद हो गए थे। सभी टीमों ने मिलकर एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया। रविवार को जलस्तर कम होने पर नगर पालिका कर्मचारियों ने सफाई शुरू की लेकिन रामघाट पर जलस्तर अब भी खतरे के निशान पर बना हुआ है, इससे घाट के बाहर ही सफाई हो सकी।
वहीं, मानिकपुर-सतना हाईवे पर छेरिया की काली देवी, किहुनिया रपटा, जडेरा नाला की पुलिया, कारी बराह का पुल, धवाइया नाला का पुल, जारो माफी की पुलिया, रुखमा खुर्द मार्ग की पुलिया, सपहा गांव की पुलिया सहित कई रपटा-पुलिया बह गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे करीब 50 हजार लोग गांवों में ही कैद हैं। इन गांवों तक वाहनों का पहुंचना नामुमकिन हो गया है। (संवाद)
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भूख से बिलखते रहे बच्चे
मंदाकिनी में आई बाढ़ के बाद महिलाओं व पुरुषों के साथ बच्चों में भूख नजर आ रही थी। कई बच्चे तो भूख से तड़प रहे थे। प्रशासन की ओर से लंच पैकेट पहुंचे तो बच्चे दौड़ कर पहले पहुंच गए। कर्मचारियों ने बच्चों को ही पहले वितरित किया। इसके साथ ही डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह पूरे बाढ़ क्षेत्र में घूम-घूम कर पीड़ितों से मिल रहे हैं और राहत सामग्री बांट रहे हैं।
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चित्रकूट। मध्य प्रदेश और पहाड़ी इलाकों में हुई मूसलाधार बारिश ने धर्मनगरी को अस्त-व्यस्त कर दिया। मंदाकिनी नदी में अब तक की सबसे बड़ी बाढ़ थी।
नदी का बड़ा पुल समेत रपटा-पुलिया मिलाकर करीब दर्जन भर निर्माण तेज बहाव में बह गए, जिससे 50 से अधिक गांवों के संपर्क मार्ग बंद हो गए। बिजली के खंभे और ट्रांसफार्मर डूबने से कई गांवों में 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप है
शहर सहित कई गांवों में तो शनिवार से जलापूर्ति ठप है। अभी दो दिन बंद रहने की उम्मीद है। रामघाट के बाहर की सफाई का काम तेजी से शुरू किया गया है। कई बांधों के भी फटने का खतरा मंडराने लगा है। साथ ही झांसी मिर्जापुर हाईवे का अप्रोच मार्ग धंसने से भारी वाहनों पर रोक लगा दी गई है।
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शनिवार सुबह छह बजे से मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ना शुरू हुआ था। दोपहर तक इसने साल 2003 की बाढ़ को पीछे छोड़ दिया और दोपहर तीन बजे से पहले ही 135.200 मीटर तक पहुंच गई। इससे आरोग्य धाम, रामघाट लगभग पूरे डूब गए। केवल तीन मंजिला से ऊंचे मकान ही दिखाई दे रहे थे। पानी के तेज बहाव से शाम को लंका तिराहा से हनुमान धारा को जाने वाला 300 मीटर लंबा पुल भी बह गया।
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आरोग्य धाम और रामघाट पर छतों पर फंसे लोगों को निकालने के लिए प्रशासन को एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी के साथ वायु सेना के हेलीकॉप्टर को भी बुलाना पड़ा। बाढ़ में यूपी-एमपी मिलाकर पांच हजार से अधिक लोग घरों में कैद हो गए थे। सभी टीमों ने मिलकर एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित निकालकर राहत शिविरों में पहुंचाया। रविवार को जलस्तर कम होने पर नगर पालिका कर्मचारियों ने सफाई शुरू की लेकिन रामघाट पर जलस्तर अब भी खतरे के निशान पर बना हुआ है, इससे घाट के बाहर ही सफाई हो सकी।
वहीं, मानिकपुर-सतना हाईवे पर छेरिया की काली देवी, किहुनिया रपटा, जडेरा नाला की पुलिया, कारी बराह का पुल, धवाइया नाला का पुल, जारो माफी की पुलिया, रुखमा खुर्द मार्ग की पुलिया, सपहा गांव की पुलिया सहित कई रपटा-पुलिया बह गए या क्षतिग्रस्त हो गए हैं। इससे करीब 50 हजार लोग गांवों में ही कैद हैं। इन गांवों तक वाहनों का पहुंचना नामुमकिन हो गया है। (संवाद)
भूख से बिलखते रहे बच्चे
मंदाकिनी में आई बाढ़ के बाद महिलाओं व पुरुषों के साथ बच्चों में भूख नजर आ रही थी। कई बच्चे तो भूख से तड़प रहे थे। प्रशासन की ओर से लंच पैकेट पहुंचे तो बच्चे दौड़ कर पहले पहुंच गए। कर्मचारियों ने बच्चों को ही पहले वितरित किया। इसके साथ ही डीएम पुलकित गर्ग और एसपी अरुण कुमार सिंह पूरे बाढ़ क्षेत्र में घूम-घूम कर पीड़ितों से मिल रहे हैं और राहत सामग्री बांट रहे हैं।

फोटो 30 सीकेटीपी 05 मंदाकिनी में पलटा पड़ा हनुमान धारा वाला पुल। संवाद

फोटो 30 सीकेटीपी 05 मंदाकिनी में पलटा पड़ा हनुमान धारा वाला पुल। संवाद