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Chitrakoot News: आरोग्य मेला में नहीं पहुंचते मरीज
Sun, 12 Oct 2025 11:47 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 12 Oct 2025 11:47 PM IST
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चित्रकूट। मुख्यमंत्री आरोग्य मेला जिले में अब केवल खानापूर्ति बनकर रह गया है। रविवार को अधिकतर केंद्रों पर मरीज न के बराबर पहुंचे। स्वास्थ्य कर्मियों ने औपचारिकता पूरी कर मेला समाप्त कर दिया।
शहर के अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दोपहर 12 बजे तक केवल दो मरीजों का पंजीयन हुआ। वहां डॉ बर्खा पटेल, फार्मासिस्ट नीरज वर्मा और स्टाफ नर्स रीता देवी मौजूद रहीं। मरीजों की संख्या न होने से सभी कर्मी केंद्र पर खाली बैठे रहे और दोपहर दो बजे ताला बंद कर चले गए।
भौंरी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्थिति थोड़ी बेहतर रही। यहां चिकित्सा प्रभारी डॉ रामस्वरूप गर्ग, स्टाफ नर्स ममता सिंह और लैब तकनीशियन सुरेश कुमार ने करीब 20 मरीजों की जांच की। ज्यादातर मरीज बुखार और खुजली जैसी सामान्य बीमारियों से पीड़ित थे। कुछ मरीजों का ब्लड टेस्ट भी कराया गया। अन्य कई स्वास्थ्य केंद्रों में भी यही स्थिति रही, जहां या तो मरीज पहुंचे ही नहीं या फिर कुछ ही लोगों ने इलाज कराया। इस वजह से मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का उद्देश्य, ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना, केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित होकर रह गया।
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शहर के अर्बन आयुष्मान आरोग्य मंदिर में दोपहर 12 बजे तक केवल दो मरीजों का पंजीयन हुआ। वहां डॉ बर्खा पटेल, फार्मासिस्ट नीरज वर्मा और स्टाफ नर्स रीता देवी मौजूद रहीं। मरीजों की संख्या न होने से सभी कर्मी केंद्र पर खाली बैठे रहे और दोपहर दो बजे ताला बंद कर चले गए।
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भौंरी के आयुष्मान आरोग्य मंदिर में स्थिति थोड़ी बेहतर रही। यहां चिकित्सा प्रभारी डॉ रामस्वरूप गर्ग, स्टाफ नर्स ममता सिंह और लैब तकनीशियन सुरेश कुमार ने करीब 20 मरीजों की जांच की। ज्यादातर मरीज बुखार और खुजली जैसी सामान्य बीमारियों से पीड़ित थे। कुछ मरीजों का ब्लड टेस्ट भी कराया गया। अन्य कई स्वास्थ्य केंद्रों में भी यही स्थिति रही, जहां या तो मरीज पहुंचे ही नहीं या फिर कुछ ही लोगों ने इलाज कराया। इस वजह से मुख्यमंत्री आरोग्य मेला का उद्देश्य, ग्रामीणों को प्राथमिक स्वास्थ्य सुविधाओं से जोड़ना, केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित होकर रह गया।
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