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बसों की संख्या आधी घटने से यात्री परेशान
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चित्रकूट बस स्टैंड पर बडी देर बाद बस आई तो उसमें खिड़कियों से भी सामान रखने लगे यात्री।
- फोटो : CHITRAKOOT
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चित्रकूट। विधानसभा चुनाव कराने के लिए बांदा डिपो सहित अन्य डिपो की बसें लगा दी गईं हैं। बसों की संख्या आधी होने से यात्री परेशान है। बसों के इंतजार में दो से तीन घंटे तक का समय लग रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में चलाई जाने वाली बसें भी एक-दो ही चल रही हैं।
जिले से अधिकतर रोडवेज बसें प्रयागराज, वाराणसी व बांदा, महोबा व उरई रूट के लिए चलती हैं। विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 10 फरवरी को वोट डाला जाएगा। जिसके लिए लिए रोडवेज बसों को रवाना कर दिया गया है। जिससे इस समय मात्र लगभग 20 बसें ही चल रही हैं।
इनमें कई बसें खटारा भी हैं। इस समय बड़ी संख्या में यात्रियों को स्टैंड पर बसों के इंतजार में कई घंटे लग जाते हैं। रोडवेज बस स्टैंड प्रभारी प्रेम कुमार ने बताया कि पहले जिले में रात में बीस बसों का स्टॉपेज होता था जो अगले दिन सुबह यहां से बांदा, प्रयागराज, कौशांबी व फतेहपुर मार्ग की ओर चलती थीं>
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लेकिन अब स्थिति बदली है। 50 प्रतिशत बसों की कमी होने से अब 9 या 10 बसें ही रात में यहां स्टॉपेज कर रही हैं जो अगले दिन विभिन्न मार्ग पर सुबह रवाना होती हैं। पहले दिनभर में कुल 50 बसें लगभग चलती थीं। इस समय 20 से 25 बसें चलाई जा रहीं हैं। बाकी बसें चुनाव ड्यूटी में लगा दी गईं हैं।
डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा
चित्रकूट। बसों का इंतजार करने वाले यात्री सुरेश कुमार, राजू गुप्ता, महेश लाल व सोनू सिंह, ललित कुमार ने बताया कि इस समय वैवाहिक कार्यक्रमों की वजह से अधिक सवारी निकलती है। जब रोडवेज बसें नहीं मिलती है तो मजबूरी में डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।
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जिले से अधिकतर रोडवेज बसें प्रयागराज, वाराणसी व बांदा, महोबा व उरई रूट के लिए चलती हैं। विधानसभा चुनाव के पहले चरण के लिए 10 फरवरी को वोट डाला जाएगा। जिसके लिए लिए रोडवेज बसों को रवाना कर दिया गया है। जिससे इस समय मात्र लगभग 20 बसें ही चल रही हैं।
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इनमें कई बसें खटारा भी हैं। इस समय बड़ी संख्या में यात्रियों को स्टैंड पर बसों के इंतजार में कई घंटे लग जाते हैं। रोडवेज बस स्टैंड प्रभारी प्रेम कुमार ने बताया कि पहले जिले में रात में बीस बसों का स्टॉपेज होता था जो अगले दिन सुबह यहां से बांदा, प्रयागराज, कौशांबी व फतेहपुर मार्ग की ओर चलती थीं>
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लेकिन अब स्थिति बदली है। 50 प्रतिशत बसों की कमी होने से अब 9 या 10 बसें ही रात में यहां स्टॉपेज कर रही हैं जो अगले दिन विभिन्न मार्ग पर सुबह रवाना होती हैं। पहले दिनभर में कुल 50 बसें लगभग चलती थीं। इस समय 20 से 25 बसें चलाई जा रहीं हैं। बाकी बसें चुनाव ड्यूटी में लगा दी गईं हैं।
डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ रहा
चित्रकूट। बसों का इंतजार करने वाले यात्री सुरेश कुमार, राजू गुप्ता, महेश लाल व सोनू सिंह, ललित कुमार ने बताया कि इस समय वैवाहिक कार्यक्रमों की वजह से अधिक सवारी निकलती है। जब रोडवेज बसें नहीं मिलती है तो मजबूरी में डग्गामार वाहनों का सहारा लेना पड़ता है।