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शादी से इनकार करने पर
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चित्रकूट। शादी से इनकार करने पर युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी। पति के तलाक होने के बाद युवती भाई के घर में रहती थी। परिजनों ने पुलिस को सूचना दी है।
जानकारी के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के शंकरगंज निवासी शिवकांती अग्रहरि (30) पुत्री स्व. भइयालाल अपने भाई आशुतोष के साथ रहती थी। उसकी मां संपत देवी दूसरे बेटे के साथ प्रयागराज में रहती हैं। देर रात को फिर बहन ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। देर रात ही इसकी जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई।
कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि मृतका के मोबाइल व परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार छात्रा का अतर्रा के एक युवक से प्रेम संबंध था लेकिन युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया था। उसके भाई ने बताया कि इसकी जानकारी पर उसने बहन से कहा था कि वह जाकर उस युवक से शादी की बात करेंगेे लेकिन वह नहीं मानी। मृतका पांच बहन व दो भाई में तीसरे नंबर की थी।
दूसरी बार नहीं बचा सका जान
चित्रकूट। भाई आशुतोष ने बताया कि रविवार को उसकी बहन के मोबाइल पर लगातार किसी के मैसेज आ रहे थे। जिससे वह परेशान थी। उसने एक बार पंखे से लटककर फांसी लगाने की कोशिश की लेकिन समय रहते उसे बचा लिया। इसकी जानकारी यूपी पुलिस 112 को दी गई थी। लेकिन रात में दोबारा फांसी लगाने पर वह नहीं बचा सका।
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इनसेट
चार साल पहले हुआ था तलाक
चित्रकूट। बांदा से एमए कर रही छात्रा शिवकांती का विवाह 2011 में बबेरू तहसील क्षेत्र के सुरेंद्र अग्रहरि के साथ हुआ था। शादी के पांच साल बाद पारिवारिक कारणों के चलते दोनों के बीच तलाक हो गया। तब से वह अपने भाई आशुतोष के साथ कर्वी के शंकरगंज में रहकर पढ़ाई करती थी। इसके पूर्व उनका परिवार शहर के शंकर बाजार एकता नगर कालोनी में रहता था लेकिन पिता भइयालाल की मृत्यु के बाद आर्थ्क संकट के चलते घर बेचकर किराए के घर में रहते थे।
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जानकारी के मुताबिक सदर कोतवाली क्षेत्र के शंकरगंज निवासी शिवकांती अग्रहरि (30) पुत्री स्व. भइयालाल अपने भाई आशुतोष के साथ रहती थी। उसकी मां संपत देवी दूसरे बेटे के साथ प्रयागराज में रहती हैं। देर रात को फिर बहन ने अपने कमरे में फांसी लगा ली। देर रात ही इसकी जानकारी होते ही कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई।
कोतवाल अनिल सिंह ने बताया कि मृतका के मोबाइल व परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार छात्रा का अतर्रा के एक युवक से प्रेम संबंध था लेकिन युवक ने शादी करने से इनकार कर दिया था। उसके भाई ने बताया कि इसकी जानकारी पर उसने बहन से कहा था कि वह जाकर उस युवक से शादी की बात करेंगेे लेकिन वह नहीं मानी। मृतका पांच बहन व दो भाई में तीसरे नंबर की थी।
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दूसरी बार नहीं बचा सका जान
चित्रकूट। भाई आशुतोष ने बताया कि रविवार को उसकी बहन के मोबाइल पर लगातार किसी के मैसेज आ रहे थे। जिससे वह परेशान थी। उसने एक बार पंखे से लटककर फांसी लगाने की कोशिश की लेकिन समय रहते उसे बचा लिया। इसकी जानकारी यूपी पुलिस 112 को दी गई थी। लेकिन रात में दोबारा फांसी लगाने पर वह नहीं बचा सका।
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चार साल पहले हुआ था तलाक
चित्रकूट। बांदा से एमए कर रही छात्रा शिवकांती का विवाह 2011 में बबेरू तहसील क्षेत्र के सुरेंद्र अग्रहरि के साथ हुआ था। शादी के पांच साल बाद पारिवारिक कारणों के चलते दोनों के बीच तलाक हो गया। तब से वह अपने भाई आशुतोष के साथ कर्वी के शंकरगंज में रहकर पढ़ाई करती थी। इसके पूर्व उनका परिवार शहर के शंकर बाजार एकता नगर कालोनी में रहता था लेकिन पिता भइयालाल की मृत्यु के बाद आर्थ्क संकट के चलते घर बेचकर किराए के घर में रहते थे।