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चित्रकूट में कोरोना वायरस पीड़ित की सूचना पर दौड़े अधिकारी
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मानिकपुर(चित्रकूट)। जनता कर्फ्यू शुरु होने के कुछ घंटे पहले ही जब सुपरफास्ट ट्रेनों से मानिकपुर जंक्शन पर आसपास के यात्री प्लेटफार्म पर उतरे तो कोरोना वायरस के संदेह पर सबके स्वास्थ्य की जांच पड़ताल की गई। इसी बीच 12 ऐसे रोगी मिले जिनको बुखार ज्यादा व स्वास्थ्य ज्यादा खराब मिलने पर कोरोना वायरस होने की अफवाह फैलने लगी। जानकारी होते ही डीएम, एसपी, सीएमओ समेत प्रशासनिक अमला भी शनिवार की देर रात को ही स्टेशन पहुंच गया। इन सभी का दोबारा परीक्षण कराकर जिला अस्पताल भेजा गया। इसमें तीन की हालत खराब थी। उन्हें रविवार की सुबह अस्पताल से छुटटी दे दी गई। इसी बीच कमिशभनर व डीआईजी ने भी आकर पूरे मामले की जानकारी ली। सीएमएस के प्रयासों की सभी ने प्रशंसा की।
जिले के हजारों लोग गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली व राजस्थान में मजदूरी करने जाते हैं। कोरोना वायरस के चलते ट्रेनों से गांव लौटे। शनिवार की देर रात जब मानिकपुर जंक्शन में उतरे तो एक साथ इतने लोगों के बाहर से आने पर जिला प्रशासन एलर्ट हो गया। स्टेशन परिसर में ही डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण शुरु किया। सीएमओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि कुल 1200 यात्रियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया है। इसमें किसी में भी कोरोना के प्राथमिक लक्षण नहीं मिले हैं। कुल 12 यात्रियों को तेज बुखार होने पर जिला अस्पताल भेजा गया। इसमें तीन को भर्ती करने की बात विभाग ने बताई है। रविवार की सुबह इन तीनों को भी टेस्ट के बाद सामान्य बुखार होने पर गांव भेज दिया गया।
इसकी जानकारी होने पर रविवार की दोपहर कमिशभनर गौरव दयाल डीआईजी दीपक कुमार के साथ मानिकपुर स्टेशन, सीएचसी व जिला अस्पताल पहुंचे। पूरी जानकारी लेने के बाद अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सचेत रहे। किसी भी मरीज के स्वास्थ्य परीक्षण करने में लापरवाही न करें। इस दौरान अधिकारियों ने सीएमएस डा.आरके गुप्ता के प्रयासों की जमकर सराहना की। अस्पताल में उपलब्ध उपकरण व दवाओं पर संतुष्टि जताई।
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दिल्ली, नोएडा व अहमदाबाद से लौटे युवकाें का परीक्षण
चित्रकूट। रविवार की दोपहर को जिला अस्पताल में दिल्ली, नोएडा व अहमदाबाद से लौटे तीन युवकों का परीक्षण किया गया। तीनों ने बताया कि वह आज ही लौटे हैं। गांव पहुंचने से पहले गांव से फोन आया था कि पहले अस्पताल मेें परीक्षण कराना फिर गांव आना इसलिए वह खुद ही जांच कराने आए हैं। सीएमएस डा.आरके गुप्ता ने बताया कि तीनों का प्राथमिक चेकअप कर गांव जाने को कहा गया है। तीनों को मामूली बुखार था किसी तरह की चिंता की बात नहीं थी।
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जिले के हजारों लोग गुजरात, महाराष्ट्र, पंजाब, दिल्ली व राजस्थान में मजदूरी करने जाते हैं। कोरोना वायरस के चलते ट्रेनों से गांव लौटे। शनिवार की देर रात जब मानिकपुर जंक्शन में उतरे तो एक साथ इतने लोगों के बाहर से आने पर जिला प्रशासन एलर्ट हो गया। स्टेशन परिसर में ही डॉक्टरों की टीम ने स्वास्थ्य परीक्षण शुरु किया। सीएमओ डा. विनोद कुमार ने बताया कि कुल 1200 यात्रियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया गया है। इसमें किसी में भी कोरोना के प्राथमिक लक्षण नहीं मिले हैं। कुल 12 यात्रियों को तेज बुखार होने पर जिला अस्पताल भेजा गया। इसमें तीन को भर्ती करने की बात विभाग ने बताई है। रविवार की सुबह इन तीनों को भी टेस्ट के बाद सामान्य बुखार होने पर गांव भेज दिया गया।
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इसकी जानकारी होने पर रविवार की दोपहर कमिशभनर गौरव दयाल डीआईजी दीपक कुमार के साथ मानिकपुर स्टेशन, सीएचसी व जिला अस्पताल पहुंचे। पूरी जानकारी लेने के बाद अधिकारियों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग सचेत रहे। किसी भी मरीज के स्वास्थ्य परीक्षण करने में लापरवाही न करें। इस दौरान अधिकारियों ने सीएमएस डा.आरके गुप्ता के प्रयासों की जमकर सराहना की। अस्पताल में उपलब्ध उपकरण व दवाओं पर संतुष्टि जताई।
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दिल्ली, नोएडा व अहमदाबाद से लौटे युवकाें का परीक्षण
चित्रकूट। रविवार की दोपहर को जिला अस्पताल में दिल्ली, नोएडा व अहमदाबाद से लौटे तीन युवकों का परीक्षण किया गया। तीनों ने बताया कि वह आज ही लौटे हैं। गांव पहुंचने से पहले गांव से फोन आया था कि पहले अस्पताल मेें परीक्षण कराना फिर गांव आना इसलिए वह खुद ही जांच कराने आए हैं। सीएमएस डा.आरके गुप्ता ने बताया कि तीनों का प्राथमिक चेकअप कर गांव जाने को कहा गया है। तीनों को मामूली बुखार था किसी तरह की चिंता की बात नहीं थी।