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चित्रकूट एसपी और कोषाधिकारी को नोटिस
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 12 Apr 2016 12:28 AM IST
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supreme court
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बांदा। न्यायालय के आदेश का पालन न करने पर विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) ने चित्रकूट जनपद के पुलिस अधीक्षक और कोषाधिकारी के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत करने के आदेश दिए हैं। विविध प्रकरण वाद दर्ज कराते हुए उन्हें अलग से नोटिस भी जारी की है।
कोतवाली बबेरू में कैरी गांव निवासी राममूर्ति ने डीआईजी के आदेश पर 16 जून 2011 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसकी पुत्री की शादी धर्मेंद्र पुत्र रामस्वरूप के साथ 28 मई 2006 को हुई थी। ससुराल वालों ने 29 मई 2011 को दहेज के लिए उसकी पुत्री को फांसी के फंदे में बांधकर मार डाला। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पति को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। उच्च न्यायालय से दो बार जमानत याचिका खारिज होने पर वह वर्ष 2011 से अभी भी जेल में है।
इस प्रकरण में रिटायर्ड नायब तहसीलदार केपी विश्वकर्मा (बेड़ी पुलिया, चित्रकूट) गवाह हैं। न्यायालय में उपस्थित न होने पर इनके विरुद्ध अदालत ने तीन बार गैर जमानती वारंट जारी किया। लेकिन उन्हें तामील नहीं कराया गया। न ही न्यायालय को अवगत कराया गया। इसी तरह कोषाधिकारी को अदालत के अग्रिम आदेश तक रिटायर्ड नायब तहसीलदार की पेंशन रोकने के आदेश किए गए। लेकिन कोषागार से भी आख्या न्यायालय को नहीं दी गई। विशेष न्यायाधीश (डकैती) नरेंद्र कुमार झा ने अपने आदेश में कहा है कि 24 अप्रैल को पत्रावली साक्ष्य के लिए पेश होगी। इसी दिन एसपी व कोषाधिकारी, चित्रकूट और गवाह अपने स्पष्टीकरण उनके समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
कोतवाली बबेरू में कैरी गांव निवासी राममूर्ति ने डीआईजी के आदेश पर 16 जून 2011 को दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा था कि उसकी पुत्री की शादी धर्मेंद्र पुत्र रामस्वरूप के साथ 28 मई 2006 को हुई थी। ससुराल वालों ने 29 मई 2011 को दहेज के लिए उसकी पुत्री को फांसी के फंदे में बांधकर मार डाला। रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पति को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया। उच्च न्यायालय से दो बार जमानत याचिका खारिज होने पर वह वर्ष 2011 से अभी भी जेल में है।
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इस प्रकरण में रिटायर्ड नायब तहसीलदार केपी विश्वकर्मा (बेड़ी पुलिया, चित्रकूट) गवाह हैं। न्यायालय में उपस्थित न होने पर इनके विरुद्ध अदालत ने तीन बार गैर जमानती वारंट जारी किया। लेकिन उन्हें तामील नहीं कराया गया। न ही न्यायालय को अवगत कराया गया। इसी तरह कोषाधिकारी को अदालत के अग्रिम आदेश तक रिटायर्ड नायब तहसीलदार की पेंशन रोकने के आदेश किए गए। लेकिन कोषागार से भी आख्या न्यायालय को नहीं दी गई। विशेष न्यायाधीश (डकैती) नरेंद्र कुमार झा ने अपने आदेश में कहा है कि 24 अप्रैल को पत्रावली साक्ष्य के लिए पेश होगी। इसी दिन एसपी व कोषाधिकारी, चित्रकूट और गवाह अपने स्पष्टीकरण उनके समक्ष प्रस्तुत करेंगे।
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