{"_id":"5e7f749a8ebc3e72b75405a3","slug":"not-delhi-but-kaushambi-is-far-away-please-send-it-somehow-chitrakutt-news-knp552738272","type":"story","status":"publish","title_hn":"दिल्ली नहीं कौशांबी दूर है साब, किसी तरह भेज दीजिए","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दिल्ली नहीं कौशांबी दूर है साब, किसी तरह भेज दीजिए
विज्ञापन
फोटो-3- दिल्ली से कौशांबी जाने के लिए पैदल निकले आठवें दिन मुख्यालय पहुंचे मजदूरों से जानकारी लेत?
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। लॉकडाउन का असर मजदूरों पर दिख रहा है। शहर में आए दिन सुदूर क्षेत्र से पैदल चलकर लोग आ रहे हैं। जिले की सीमा से सटे कौशांबी जिले के तीन मजदूरों की कहानी भी कुछ ऐसी ही दर्द भरी है। 21 मार्च को कोई साधन न मिलने पर पैदल ही कौशांबी के लिए निकले तीन मजदूर आठवें दिन 28 मार्च को चित्रकूट पहुंचे। इनका कहना है कि अब उन्हें दिल्ली नहीं कौशांबी दूर लगता है। भूखे प्यासे और थके हारे इन मजदूरों का शहर के ट्रैफिक चौराहे पर पुलिस ने रोककर मेडीकल कराया। कई घंटे तक गुजारिश करने के बाद पुलिस ने तीनों को एक ट्रक में बैठाकर कौशांबी रवाना करा दिया।
साहबपुर जिला कौशांबी निवासी राजाराम, रज्जन और बचोली दिल्ली में मजदूरी करते हैं। बताया कि जनता कर्फ्यू की घोषणा होते ही दिल्ली से ट्रेन बसें बंद हो गईं। फैक्टी भी बंद हो गई तो भरण पोषण के लाले पड़ गए। उनके पास इतने रुपये भी नहंी थे कि किसी प्राइवेट वाहन को बुक करते। इसके बाद तीनों पैदल ही वहां से निकले। बायां झांसी होते हुए शनिवार को मुख्यालय पहुंचे थे।
पन्ना पुलिस पर पिटाई का आरोप, टीआई ने बांटे बिस्किट ब्रेड
चित्रकूट। इंदौर से प्रतापगढ़ के लालगंज झारा जा रहे जितेंद्र यादव, धर्मेंद्र यादव, दिलीप यादव बाइक से मुख्यालय आए तो यातायात प्रभारी योगेश कुमार ने उन्हें रोककर पूछताछ की। इन लोगों ने बताया कि टाइल्स लगाने का काम करते हैं। लॉकडाउन होने से भोजन का संकट खड़ा हो गया। इस कारण अब घर जा रहे हैं। पन्ना पुलिस पर पिटाई व पांच सौ रुपये का चालान करने का आरोप लगाया है। टीआई ने उन्हें बिस्किट, ब्रेड देकर घर तक पहुंचने के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा प्रयागराज हंडिया के मनोज, बारा का समर मौर्य, कौशांबी का आदित्य कुशवाहा, सत्येंद्र बांदा से बस से आ रहे थे। शिवरामपुर में बस चालक के उतारने पर पैदल मुख्यालय तक आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
साहबपुर जिला कौशांबी निवासी राजाराम, रज्जन और बचोली दिल्ली में मजदूरी करते हैं। बताया कि जनता कर्फ्यू की घोषणा होते ही दिल्ली से ट्रेन बसें बंद हो गईं। फैक्टी भी बंद हो गई तो भरण पोषण के लाले पड़ गए। उनके पास इतने रुपये भी नहंी थे कि किसी प्राइवेट वाहन को बुक करते। इसके बाद तीनों पैदल ही वहां से निकले। बायां झांसी होते हुए शनिवार को मुख्यालय पहुंचे थे।
विज्ञापन
पन्ना पुलिस पर पिटाई का आरोप, टीआई ने बांटे बिस्किट ब्रेड
चित्रकूट। इंदौर से प्रतापगढ़ के लालगंज झारा जा रहे जितेंद्र यादव, धर्मेंद्र यादव, दिलीप यादव बाइक से मुख्यालय आए तो यातायात प्रभारी योगेश कुमार ने उन्हें रोककर पूछताछ की। इन लोगों ने बताया कि टाइल्स लगाने का काम करते हैं। लॉकडाउन होने से भोजन का संकट खड़ा हो गया। इस कारण अब घर जा रहे हैं। पन्ना पुलिस पर पिटाई व पांच सौ रुपये का चालान करने का आरोप लगाया है। टीआई ने उन्हें बिस्किट, ब्रेड देकर घर तक पहुंचने के बारे में जानकारी दी। इसके अलावा प्रयागराज हंडिया के मनोज, बारा का समर मौर्य, कौशांबी का आदित्य कुशवाहा, सत्येंद्र बांदा से बस से आ रहे थे। शिवरामपुर में बस चालक के उतारने पर पैदल मुख्यालय तक आए।
विज्ञापन