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नमाजियों ने मांगी दुनिया से कोरोना से निजात
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चित्रकूट। रमजान माह के आखिरी जुमा यानी अलविदा में मस्जिदें नमाजियों से अबकी सूनी नजर आईं लेकिन अकीदतमंदों ने पूरे उत्साह व रमजान के तरीकों से घरों में अलविदा की नमाज अदा की। नमाजियोें ने कोरोना से मुल्क और पूरी दुनियां के निजात के लिए खुसूसी दुआएं कीं।
कोविड 19 की गाइडलाइन में मस्जिदों में सिर्फ पांच लोगों को ही एक साथ नमाज अदा करने की इजाजत है। यह लगातार दूसरा साल है जब कोरोना महामारी की वजह से अलविदा की सामूहिक नमाजें अदा नहीं हो पा रही हैं। शहर काजी मो. सरफराज ने मुस्लिमों से अपील की है कि यूपी हुकूमत और जिला प्रशासन की कोरोना गाइडलाइन पर अमल करें। घरों पर ही नमाज अदा करें। जिले के मऊ, मानिकपुर, बरगढ़, सरैंया, राजापुर, पहाड़ी, भरतकूप, शिवरामपुर, खोही व कई अन्य स्थलों की मस्जिदों पर नियमानुसार पांच पांच लोगों ने जाकर नमाज अदा की। मुख्यालय के तरौंहा, धुसमैदान, कजियाना, उटारखाना की मस्जिदों में भी यही क्रम चला वैसे ज्यादातर लोगों ने घरों में ही अलविदा की नमाज अदा कर अल्लाह से सुख चैन मांगा।
इनसेट
चित्रकूट। रोजदारों की दुआओं के सुर इस मर्तबा बदले हुए हैं। दुनियां के ईद की खरीदारी पर महामारी भारी है कहर की तमाम खुशियां और नियामतों पहले से वह जानलेवा बने कोरोना महामारी से मुल्क को निजात की फरियाद कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को रमजान की दूसरी शबे कद्र थी। रात भर चले इबादतों के दौर में रोजदारों ने इसी दुआ को अव्वल रखा। शुक्रवार को रमजान का 24वां रोजा पूरा हो गया। अब 5 या 6 रोजे और होंगे। यह आखिरी अशरा है। बृहस्पतिवार की रात 23वीं शब थी। बड़ी ताताद में रोजदारों ने घरों पर रहकर रात भर इबादतए तिलावत की। अब तीन शबे केंद्र और हैं। इनमें यही दुआ होगी। इसके अलावा सहरी, इफ्तार, तरावीह और पंजगाना नमाजों में भी कोरोना से निजात की दुआएं लगातार हो रही हैं। लाकडाउन से बाजार भी वीरान हैं नहीं तो रमजान के ये आखिरी दिन बाजार को गुलजार कर देते थे। ईद के लिए बड़ी तादाद में कपड़ों की खरीद होती थी। उधर सामूहिक इफ्तार पार्टियां भी नहीं हो पा रही हैं। रोजेदार घरों पर ही इफ्तार कर रहे हैं। मस्जिदों में इक्का.दुक्का लोग ही फर्ज नमाज की अदायगी कर रहे हैं।
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कोविड 19 की गाइडलाइन में मस्जिदों में सिर्फ पांच लोगों को ही एक साथ नमाज अदा करने की इजाजत है। यह लगातार दूसरा साल है जब कोरोना महामारी की वजह से अलविदा की सामूहिक नमाजें अदा नहीं हो पा रही हैं। शहर काजी मो. सरफराज ने मुस्लिमों से अपील की है कि यूपी हुकूमत और जिला प्रशासन की कोरोना गाइडलाइन पर अमल करें। घरों पर ही नमाज अदा करें। जिले के मऊ, मानिकपुर, बरगढ़, सरैंया, राजापुर, पहाड़ी, भरतकूप, शिवरामपुर, खोही व कई अन्य स्थलों की मस्जिदों पर नियमानुसार पांच पांच लोगों ने जाकर नमाज अदा की। मुख्यालय के तरौंहा, धुसमैदान, कजियाना, उटारखाना की मस्जिदों में भी यही क्रम चला वैसे ज्यादातर लोगों ने घरों में ही अलविदा की नमाज अदा कर अल्लाह से सुख चैन मांगा।
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चित्रकूट। रोजदारों की दुआओं के सुर इस मर्तबा बदले हुए हैं। दुनियां के ईद की खरीदारी पर महामारी भारी है कहर की तमाम खुशियां और नियामतों पहले से वह जानलेवा बने कोरोना महामारी से मुल्क को निजात की फरियाद कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को रमजान की दूसरी शबे कद्र थी। रात भर चले इबादतों के दौर में रोजदारों ने इसी दुआ को अव्वल रखा। शुक्रवार को रमजान का 24वां रोजा पूरा हो गया। अब 5 या 6 रोजे और होंगे। यह आखिरी अशरा है। बृहस्पतिवार की रात 23वीं शब थी। बड़ी ताताद में रोजदारों ने घरों पर रहकर रात भर इबादतए तिलावत की। अब तीन शबे केंद्र और हैं। इनमें यही दुआ होगी। इसके अलावा सहरी, इफ्तार, तरावीह और पंजगाना नमाजों में भी कोरोना से निजात की दुआएं लगातार हो रही हैं। लाकडाउन से बाजार भी वीरान हैं नहीं तो रमजान के ये आखिरी दिन बाजार को गुलजार कर देते थे। ईद के लिए बड़ी तादाद में कपड़ों की खरीद होती थी। उधर सामूहिक इफ्तार पार्टियां भी नहीं हो पा रही हैं। रोजेदार घरों पर ही इफ्तार कर रहे हैं। मस्जिदों में इक्का.दुक्का लोग ही फर्ज नमाज की अदायगी कर रहे हैं।
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