फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Names of six more middlemen surfaced, inquiry soon

Chitrakoot News: छह और बिचौलियों के नाम सामने आए, पूछताछ जल्द

Mon, 29 Dec 2025 12:50 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 12:50 AM IST
विज्ञापन
Names of six more middlemen surfaced, inquiry soon
कोषागार घोटाला
विज्ञापन

फोटो नंबर-15-
-50 में से 10 फाइल के डाटा में संदेह पर मिलान शुरू
संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। कोषागार घोटाले में अब एसआईटी संदेह के आधार पर 2014 से 2018 तक की फाइलें खंगालने में जुटी है। टीम ने यह जांच दायरा अभी तक 93 पेंशनर व बिचौलियों से मिले आंकड़ों में कई फाइलों में रुपये ट्रांसफर होने और उसका रिकार्ड बैंक से भी पूरा न मिलने पर बढ़ाया है। रविवार को विभागीय अधिकारियों व कर्मचारियों से 10 फाइलों के रिकार्ड का मिलान करने का प्रयास किया। छह नए बिचौलियों के नाम जांच टीम के सामने आए हैं। ऐसे में जल्द ही इन्हें पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा।
43.13 करोड़ के पेंशन व एरियर घोटाला मामले की जांच अब ईडी के हवाले जरूर है, लेकिन कोषागार विभाग व एसआईटी की जांच जारी है। अवकाश के बाद भी एसआईटी व कोषागार विभाग के अधिकारी कर्मचारी फाइलों व ऑनलाइन हुए भुगतान संबधी दस्तावेजों का मिलान करते रहे। सूत्रों की मानें तो 2014 से 2018 के बीच की 50 संदिग्ध भुगतान वाली फाइलों में दस का डाटा विशेष तौर मिलान किया गया। इनमें लगभग तीन करोड़ रुपये विभाग की ओर से भेजे गए हैं। लेकिन बैंक में इनका पूरा रिकॉर्ड नहीं मिला। एसआईटी ने ईडी को अपनी पहली जांच रिपोर्ट भेजने के बाद जांच आगे बढ़ाई तो 2014 के आंकडों को खंगालना शुरु किया। इसी दौरान छह नये बिचैालियों के नाम सामने आए हैं। बताया गया कि यही बिचौलिए विभाग के अधिकारी व कर्मचारियों से कमीशन के आधार पर पेंशनर व उनके मृत होने के बाद भी संचालित खाते में भेजे रुपये का मोटा हिस्सा लाकर देते थे। इसी मामले में दो दिन पूर्व ही अपर निदेशक कोषागार विष्णुकांत द्विवेदी भी यहां आकर जांच कर चुके हैं। लखनऊ से निदेशक वीके सिंह को भी आना था मगर वो किहीं कारणों से नहीं आए। सूत्रों के अनुसार वह भी इस घोटाले मामले में विभाग की ओर से अपनाई गई भुगतान प्रणाली की जांच करने मौके पर आना चाहते थे।
विज्ञापन

-----------
इस मामले में एसपी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि जांच सही दिशा में है। जांच का दायरा बढ़ाना इसलिए भी जरूरी है कि कुछ पेंशनर व मृतकों के खाते 2018 के पहले के संचालित लग रहे हैं। इसलिए जांच टीम अपना काम कर रही है। सभी दोषियों को सजा दिलाई जाएगी। - संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed