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मवई व राजापुर पहुंची डीएम
चित्रकूट
Updated Mon, 22 Aug 2016 10:17 PM IST
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मऊ के मवईकला गांव में नाव पर बैठकर बाढ़ का जायजा लेतीं डीएम मोनिका रानी व अन्य अधिकारीगण।
- फोटो : अमर उजाला
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राजापुर व मऊ क्षेत्र में यमुना का जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसे हालात की जानकारी होने पर जिलाधिकारी मोनिका रानी भी मवई व राजापुर क्षेत्र पहुंची। ग्रामीणों से मिलकर ढाढ़स बंधाया और अधिकारियों को प्रभावित लोगों तक भोजन व पानी पहुंचाने के निर्देश दिए।
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सोमवार शाम बरियारीकला व मवईकला गांव के पानी से घिरने पर जिलाधिकारी ने पुलिस अधीक्षक केके चौधरी, एसडीएम जयचंद्र पांडेय, राममूर्ति त्रिपाठी के साथ नाव से बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लिया। मौके पर तहसीदार राजकुमार सिंह, थानाध्यक्ष शैल कुमार सिंह व लेखपालों को 24 घंटे एलर्ट रहने के निर्देश दिए। प्रभावित लोगों के इलाज के लिए भी स्वास्थ्य विभाग को सतर्क रहने को कहा गया है।
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कनकोटा में नाव पलटने की जानकारी होेने पर डीएम मोनिका रानी व एसपी केके चौधरी यमुना किनारे पहुंचे। पीड़ित परिजनों से मुलाकात कर हर संभव मदद दिलाने का भरोसा दिया। इसके बाद डूबी महिला की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई।
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एनडीआरएफ टीम मानिकपुर से आकर यमुना किनारे बाढ़ पीड़ितों की सहायता में जुट गई है। यमुना में महिला की भी तलाश की जा रही है। उधर देर शाम को सांसद भैरों प्रसाद मिश्रा भी कनकोटा गांव पहुंचे और पीड़ित परिजनों से मिलकर ढांढ़स बंधाया।
समाचार लिखे जाने तक यमुना का जलस्तर 92.50 मीटर तक पहुंच गया है। जबकि खतरे का निशान 93.20 मीटर पर है। जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। जानकारों का मानना है कि यही हालात रहे तो क्षेत्र के कई अन्य गांवों में भी पानी भर सकता है।
नाव पलटने पर उफनाती यमुना में लोगों को डूबते देख हिम्मत दिखाकर हीरालाल, अवधेश, इन्द्रकुमार देवनारायण, जागेश्वर ,बरमदीन व उमेश ने 13 लोगों को सकुशल बाहर निकाला। घाट पहुंचने पर बचे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
यमुना में अधिक बाढ़ आने से राजापुर बांदा रोड़ में सरधुवा गांव के पास पानी भर जाने से रास्ता बंद हो गया। रोड किनारे बसे ग्रामीण नाव का सहारा लेकर आते जाते हैं। जबकि राजापुर से बांदा आने जाने वाले वाहन मार्ग खुला न होने से वापस लौट रहे हैं। इस रोड में एक किलो मीटर पानी भरा हुआ है।
बाढ़ आने से गांवोें में संक्रामक बीमारियां भी फैलने लगी हैं। मवईकला गांव की रमदइया (73) पत्नी सधेवा, देवकली (70 )पत्नी बुद्दा के बीमार होने पर परिजन गांव में ही झोला छाप डाक्टर से इलाज करा रहे हैं। महिलाओें को ग्लूकोज चढ़ाया जा रहा है। दोनों की हालत नाजुक बनी है।