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मुठभेड़ में डाकू हनीफ गिरफ्तार: चाचा की हत्या का बदला लेने पहुंचा था बीहड़

Fri, 17 Jul 2020 10:51 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 17 Jul 2020 10:51 PM IST
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muthabhed mein daakoo haneeph giraphtaar: chaacha kee hatya ka badala lene pahuncha tha beehad
मऊ के शिवपुर गांव में घर के बाहर बैठे डाकू सरगना हनीफ उर्फ शंकरवा के परिजन। - फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट । साधारण किसान परिवार का सदस्य मो. हनीफ उर्फ शंकरवा दो चाचा की हत्या का बदला लेने बीहड़ में उतरा था। उसकी 18 साल की उम्र में उसके चाचा जद्दन और रफ्फन की मऊ बस स्टैंड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। चार जनवरी 1997 की इस घटना के बाद हनीफ ने बदला लेने की कसम उठाई थी। इस हत्याकांड में वर्तमान में भाजपा के कद्दावर नेता का नाम सामने आया था। उनके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज हुई थी। बीहड़ में वह डाकू ददुआ गैंग के सदस्यों के संपर्क में आ गया। ददुआ गैंग के सदस्यों ने पुलिस मुखबिरी का आरोप लगाकर चंदन की हत्या कर दी थी। इस घटना में उसकी भी मौजूदगी बताई गई। ददुआ गैंग में हनीफ का नाम शंकरवा था।
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मूल रूप से मऊ थाना क्षेत्र के शिवपुर निवासी हनीफ उर्फ शंकरवा ने बीच-बीच में सामान्य जीवन में लौटने का भी प्रयास किया। चाचा की हत्या का बदला लेने की कसम याद आते ही वह बीहड़ में निकल जाता था। हनीफ के परिजनों के मुताबिक भाजपा नेता से उसकी आज भी दुश्मनी बरकरार है। कहा कि भाजपा नेता ने पुलिस से मिलकर फर्जी मामले भी दर्ज कराए हैं। ददुआ की मौत के बाद हनीफ अलग-थलग रहने लगा। पुलिस सूची में उन दिनों शंकरवा नाम दर्ज होने से ज्यादातर लोग यह नहीं जान पाए कि यह हनीफ ही है। ददुआ की मौत के बाद वह बाहर जाकर सामान्य जीवन जीने लगा। डाकू बबुली कोल के गैंग सरगना बनने पर वह लौट आया। इस बार अलग गैंग बनाकर छिटपुट वारदातें करने लगा। मऊ बरगढ़, रैपुरा, मानिकपुर, डभौरा व सेमरिया थाना क्षेत्र में मारपीट व डकैती की वारदात अंजाम दी। दो माह से पुलिस गैंग का खात्मा करने में जुटी थी। एसपी अंकित मित्तल ने बताया कि गैंग के खात्मे के लिए योजना बनाकर काम किया गया। मई-जून में दो बार इस गैंग से मुठभेड़ हुई। वह हर बार बच निकलता था। उसके साथी पकडे़ गए। साथियों के पकड़े जाने से वह अलग-थलग पड़ गया था।
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हनीफ पर 15 मामले दर्ज हैं हत्या, लूट और डकैती के
मो.हनीफ उर्फ शंकरवा पर 15 मुकदमे डकैती व मारपीट के दर्ज हैं। डभौरा मप्र में दो, सेमरिया मप्र में दो, बरगढ़ में चार, मऊ में चार, रैपुरा में एक, बहिलपुरवा में दो मामले हत्या, लूट व डकैती के मामले दर्ज हैं।
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