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शिशु के शारीरिक-मानसिक विकास में स्तनपान की अहम भूमिका

Wed, 31 Jul 2019 07:03 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 31 Jul 2019 07:03 PM IST
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mother gives breast feeding
विश्व स्तनपान सप्ताह दुनिया भर में एक से सात अगस्त तक मनाया जाता है। स्तनपान शिशु को स्वस्थ रखने, भरपूर पोषण देने के साथ उसकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और शरीर के समुचित विकास में मदद करता है। अधिक समय तक स्तनपान करने वाले बच्चों की बुद्धि उन बच्चों की अपेक्षा तीन प्वाइंट अधिक होती है, जिन्हें मां का दूध थोड़े समय के लिए मिलता है।
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स्तनपान की इसी अहमियत से वैश्विक स्तर पर सरकारें इसे बढ़ावा देने की पुरजोर कोशिश कर रही हैं। यह साक्ष्य आधारित है कि जिन शिशुओं को एक घंटे के अंदर स्तनपान नहीं कराया जाता है उनमें नवजात मृत्यु दर की संभावना 33 प्रतिशत अधिक होती है (उन शिशुओं के सापेक्ष जिनको जन्म के एक घंटे बाद पर 24 घंटे के पहले स्तनपान की शुरुआत कराई जाती है)।
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छह माह की आयु तक शिशु को केवल स्तनपान कराने पर आम बाल्यकालीन रोग जैसे दस्त रोग एवं निमोनिया के खतरे में क्रमश: 11 प्रतिशत व 15 प्रतिशत कमी लाई जा सकती है।
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लैंसेट की 2016 की रिपोर्ट से स्पष्ट होता है कि अधिक समय तक स्तनपान करने वाले बच्चों की बुद्धि उन बच्चों की अपेक्षा तीन प्वाइंट अधिक होती है, जिन्हें मां का दूध थोड़े समय के लिए मिलता है। इसके अलावा स्तनपान स्तन कैंसर से होने वाली मौत को भी कम करता है।
जिला अस्पताल के बाल रोग परामर्शदाता डा. शिव सिंह बताते हैं कि स्तनपान सिर्फ शिशु स्वास्थ्य के लिए नहीं बल्कि मां के स्वास्थ्य के लिए भी जरूरी हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (उत्तर प्रदेश) के मिशन निदेशक पंकज कुमार ने प्रदेश के सभी मुख्य चिकित्सा अधिकारियों को पत्र भेजा है कि प्रदेश में स्तनपान को ज्यादा से ज्यादा बढ़ावा देने के लिए ‘एक से सात अगस्त’ तक हर जिले में विश्व स्तनपान सप्ताह के तहत विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया जाए।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे-4 के अनुसार प्रदेश में एक घंटे के अंदर स्तनपान की दर अभी मात्र 25.2 प्रतिशत है, जो की काफी कम है। छह माह तक केवल स्तनपान की दर 41.6 फीसद है जो कि अन्य प्रदेशों की तुलना में काफी कम है।

चित्रकूट की बात करें तो यहां एक घंटे के अंदर स्तनपान की दर अभी मात्र 34.6 प्रतिशत ही है जबकि छह माह तक केवल स्तनपान की दर 46.80 फीसद है जबकि एच एम आई एस का अप्रैल 2019 से जून 2019 का जन्म के एक घंटे के भीतर शिशु को स्तनपान का डाटा 98.80 फीसद है।
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