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चित्रकूट में जच्चा-बच्चा की मौत, नहीं मिला इलाज
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फोटो नंबर-13- सीमा- फाइल फोटो
- फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। शहर के लक्ष्मणपुरी मोहल्ले में घर में प्रसव के बाद जच्चा बच्चा की हालत बिगड़ गई। परिजन दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। परिजनों का आरोप है कि ड्यूटी पर मौजूद स्टाफ ने कहा अभी डॉक्टर के आने में देर है। इमर्जेंसी में डॉक्टर को दिखाया गया तो मौत की पुष्टि के बाद परिजन दोनों शव लेकर घर चले गए।
लक्ष्मणपुरी मोहल्ला निवासी सफाईकर्मी राजा की पत्नी सीमा (35) को सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई। राजा ने बताया कि छह बजकर 45 मिनट पर पत्नी का प्रसव घर में ही कराया गया। जच्चा-बच्चा स्वस्थ्य थे लेकिन दस मिनट बाद ही दोनों की हालत बिगड गई।
इस पर परिजन दोनों को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। वहां मौजूद डाक्टर ने रेफर कर दिया। भतीजे रोहित, राहुल व पवन ने बताया कि दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो जच्चा बच्चा वार्ड में मौजूद स्टाफ ने कहा कि अभी डॉक्टर के आने में देर लगेगी तब तक इमर्जेंसी में बैठे डॉक्टर को दिखा लें। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तो डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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जच्चा बच्चा के मौत की जानकारी होते ही परिजनों में शोक व्याप्त हो गया। मृतका के पति ने बताया कि उसकी पत्नी का पूरा इलाज जानकीकुंड अस्पताल का चल रहा था। सोमवार की सुबह उसे लेकर अस्पताल गया था। वहां बताया गया कि बच्चा निर्धारित समय से ज्यादा समय का हो गया है।
महिला कमजोर है इसे ब्लड चढ़ाना पडे़गा। इसके बाद अगले दिन आने की बात कहकर वह पत्नी को लेकर घर आ गया। शाम को दर्द के बाद जल्द किसी अस्पताल तक जाने का समय नहीं मिला। आसपास की महिलाओं की मदद से ही प्रसव करा दिया गया। लगभग आधे घंटे बाद दोनों की मौत हो गई।
उधर जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में मौजूद स्टाफ ने बताया कि अस्पताल आने के पहले ही दोनों की मौत हो चुकी थी,लेकिन इसकी पुष्टि वह नहीं कर सकती थीं। इसी कारण इमर्जेंसी में भेजा गया था। इमर्जेंसी में मौजूद डा. उमेश ने दोनों के मौत की पुष्टि की। इसके बाद परिजन दोनों को लेकर घर चले गए।
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लक्ष्मणपुरी मोहल्ला निवासी सफाईकर्मी राजा की पत्नी सीमा (35) को सोमवार को प्रसव पीड़ा हुई। राजा ने बताया कि छह बजकर 45 मिनट पर पत्नी का प्रसव घर में ही कराया गया। जच्चा-बच्चा स्वस्थ्य थे लेकिन दस मिनट बाद ही दोनों की हालत बिगड गई।
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इस पर परिजन दोनों को लेकर निजी अस्पताल पहुंचे। वहां मौजूद डाक्टर ने रेफर कर दिया। भतीजे रोहित, राहुल व पवन ने बताया कि दोनों को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे तो जच्चा बच्चा वार्ड में मौजूद स्टाफ ने कहा कि अभी डॉक्टर के आने में देर लगेगी तब तक इमर्जेंसी में बैठे डॉक्टर को दिखा लें। इसके बाद परिजन उन्हें लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तो डॉक्टर ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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जच्चा बच्चा के मौत की जानकारी होते ही परिजनों में शोक व्याप्त हो गया। मृतका के पति ने बताया कि उसकी पत्नी का पूरा इलाज जानकीकुंड अस्पताल का चल रहा था। सोमवार की सुबह उसे लेकर अस्पताल गया था। वहां बताया गया कि बच्चा निर्धारित समय से ज्यादा समय का हो गया है।
महिला कमजोर है इसे ब्लड चढ़ाना पडे़गा। इसके बाद अगले दिन आने की बात कहकर वह पत्नी को लेकर घर आ गया। शाम को दर्द के बाद जल्द किसी अस्पताल तक जाने का समय नहीं मिला। आसपास की महिलाओं की मदद से ही प्रसव करा दिया गया। लगभग आधे घंटे बाद दोनों की मौत हो गई।
उधर जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में मौजूद स्टाफ ने बताया कि अस्पताल आने के पहले ही दोनों की मौत हो चुकी थी,लेकिन इसकी पुष्टि वह नहीं कर सकती थीं। इसी कारण इमर्जेंसी में भेजा गया था। इमर्जेंसी में मौजूद डा. उमेश ने दोनों के मौत की पुष्टि की। इसके बाद परिजन दोनों को लेकर घर चले गए।